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सरकारी स्कूलों में डिजिटल क्रांति! यूपी के 14,429 स्कूलों में स्मार्ट क्लास की तैयारी
उत्तर प्रदेश के 14,429 परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों को स्मार्ट स्कूल के रूप में विकसित करने की योजना को योगी आदित्यनाथ सरकार ने मंजूरी दे दी है। 15 सितंबर को लखनऊ में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। योजना के लिए कुल 300 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है।

लखनऊ: इस योजना के तहत चयनित प्राथमिक विद्यालयों में चरणबद्ध तरीके से स्मार्ट क्लास स्थापित की जाएंगी। सरकार का उद्देश्य परंपरागत पढ़ाई के साथ डिजिटल और तकनीक आधारित शिक्षण संसाधनों को सरकारी स्कूलों तक पहुंचाना है। योजना में डिजिटल शिक्षण सामग्री, इंटरनेट कनेक्टिविटी और अन्य तकनीकी सुविधाओं को शामिल किया गया है।
एक स्कूल पर करीब 2.08 लाख रुपये का खर्च
सरकार के अनुसार प्रत्येक स्कूल में स्मार्ट क्लास स्थापित करने के लिए 2,07,910 रुपये की प्रस्तावित दर निर्धारित की गई है। इसमें सेनेटेज चार्ज और GST भी शामिल हैं। 14,429 स्कूलों के हिसाब से यह लागत लगभग 300 करोड़ रुपये के स्वीकृत बजट के अनुरूप है। हालांकि, अभी इसे अंतिम ठेका दर नहीं माना जा रहा है। स्मार्ट क्लास की स्थापना के लिए नियमानुसार प्रतिस्पर्धात्मक निविदा प्रक्रिया अपनाई जाएगी। यदि टेंडर में प्रति विद्यालय इससे कम दर प्राप्त होती है तो स्वीकृत 300 करोड़ रुपये की राशि के भीतर और अधिक प्राथमिक विद्यालयों को योजना में शामिल किया जा सकता है।
श्रीट्रॉन इंडिया लिमिटेड होगी कार्यदायी संस्था
परियोजना के क्रियान्वयन के लिए श्रीट्रॉन इंडिया लिमिटेड को कार्यदायी संस्था के रूप में नामित किया गया है। इसके बावजूद स्मार्ट क्लास स्थापित करने का काम प्रतिस्पर्धात्मक निविदा के जरिए कराया जाएगा। यानी कंपनी की भूमिका को अंतिम ठेका मिलने के रूप में नहीं पढ़ा जाना चाहिए; निविदा प्रक्रिया के बाद वास्तविक कार्यान्वयन होगा।
पहले से चल रही डिजिटल शिक्षा का होगा विस्तार
उत्तर प्रदेश में सरकारी स्कूलों में डिजिटल शिक्षा की व्यवस्था पहले से लागू है। उपलब्ध सरकारी पक्ष से जुड़े विवरण के मुताबिक राज्य के 32 हजार से अधिक विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, 15 हजार से अधिक विद्यालयों में ICT लैब और 1,129 विद्यालयों में डिजिटल लाइब्रेरी की सुविधा उपलब्ध है। इसके अलावा 2.61 लाख से अधिक शिक्षकों को टैबलेट दिए जा चुके हैं। सरकार ने प्राथमिक विद्यालयों में स्मार्ट क्लास की शुरुआत 2021 में की थी, जबकि इसका नियमित संचालन शैक्षणिक सत्र 2022-23 से शुरू हुआ। अब 14,429 और प्राथमिक विद्यालयों को योजना में शामिल करने से डिजिटल शिक्षा का दायरा बढ़ाने की तैयारी है।
उच्च नामांकन वाले स्कूलों में भी डिजिटल सुविधाओं का विस्तार
बेसिक शिक्षा विभाग के अनुसार समग्र शिक्षा योजना के तहत परिषदीय उच्च प्राथमिक विद्यालयों यानी कक्षा 6 से 8 के स्कूलों में उच्च नामांकन वाले विद्यालयों में चरणबद्ध तरीके से स्मार्ट क्लास और ICT लैब स्थापित की जा रही हैं। इसी व्यवस्था को प्राथमिक विद्यालयों तक विस्तार देने के लिए नई योजना लाई गई है। नई व्यवस्था के जरिए बच्चों को केवल किताब आधारित पढ़ाई के बजाय वीडियो, डिजिटल सामग्री और अन्य तकनीकी संसाधनों के माध्यम से पढ़ाने की व्यवस्था मजबूत करने का लक्ष्य है। सरकार के अनुसार इससे विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक आधारित सीखने का अवसर मिलेगा।
इस तरह 300 करोड़ रुपये की यह परियोजना उत्तर प्रदेश के 14,429 परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में डिजिटल शिक्षा का नया चरण शुरू करेगी। हालांकि परियोजना का वास्तविक दायरा और शामिल होने वाले अतिरिक्त स्कूलों की संख्या निविदा प्रक्रिया में मिलने वाली दरों के बाद स्पष्ट होगी।
