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नोएडा वर्कर्स प्रोटेस्ट मामला: पत्रकार सत्यम वर्मा की NSA हिरासत को चुनौती, इलाहाबाद HC ने केंद्र और UP सरकार को नोटिस

नोएडा प्रोटेस्ट मामले में NSA के तहत हिरासत में लिए गए पत्रकार सत्यम वर्मा की याचिका पर इलाहाबाद HC ने केंद्र और यूपी सरकार को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने जवाब मांगा है और अगली सुनवाई 7 अक्टूबर को होगी।

Sonali16 सित. 2026, 01:19 PM IST
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नोएडा वर्कर्स प्रोटेस्ट मामला: पत्रकार सत्यम वर्मा की NSA हिरासत को चुनौती, इलाहाबाद HC ने केंद्र और UP सरकार को नोटिस


नोएडा में अप्रैल 2026 में हुए वर्कर्स प्रोटेस्ट में कथित भागीदारी को लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (National Security Act, 1980) के तहत हिरासत में लिए गए पत्रकार सत्यम वर्मा की याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सुनवाई की। कोर्ट ने उनकी हिरासत को चुनौती देने वाली बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका (Habeas Corpus Petition) पर केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और गौतमबुद्ध नगर के जिलाधिकारी को नोटिस जारी किया है। मामले में सभी संबंधित पक्षों से जवाब मांगा गया है। जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस अचल सचदेव की पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए प्रतिवादियों को अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 7 अक्टूबर 2026 की तारीख तय की है।


12 मई के हिरासत आदेश को दी चुनौती

पत्रकार सत्यम वर्मा ने अपनी याचिका में गौतमबुद्ध नगर के जिलाधिकारी की ओर से 12 मई 2026 को जारी हिरासत आदेश को चुनौती दी है। यह आदेश राष्ट्रीय सुरक्षा कानून, 1980 की धारा 3(2) को धारा 3(3) के साथ पढ़ते हुए जारी किया गया था। याचिका के मुताबिक, वर्मा ने हिरासत आदेश के साथ-साथ राज्य सरकार की ओर से जारी किए गए बाद के आदेशों को भी चुनौती दी है। उन्होंने 20 मई 2026 को NSA की धारा 3(4) के तहत राज्य सरकार द्वारा दी गई मंजूरी और 10 जून 2026 को धारा 12(1) के तहत जारी आदेश को भी अदालत के समक्ष चुनौती दी है।


तत्काल रिहाई और मुआवजे की मांग

हाईकोर्ट में दाखिल याचिका में पत्रकार ने हिरासत से जुड़े सभी आदेशों को रद्द करने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने तत्काल रिहाई का निर्देश देने और कथित अवैध हिरासत के लिए मुआवजा दिलाए जाने की मांग भी की है। बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका के जरिए वर्मा ने अदालत से उनकी हिरासत की वैधता की न्यायिक समीक्षा करने का आग्रह किया है। अब इस मामले में केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और जिलाधिकारी का जवाब महत्वपूर्ण होगा।


NSA के तहत हुई थी हिरासत

राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत प्रशासन को कुछ परिस्थितियों में किसी व्यक्ति को निवारक हिरासत में रखने की शक्ति मिलती है। हालांकि, ऐसी हिरासत न्यायिक समीक्षा के दायरे में रहती है और हिरासत में लिए गए व्यक्ति को कानून के तहत निर्धारित प्रक्रियात्मक सुरक्षा उपलब्ध होती है। इस मामले में हाईकोर्ट के सामने मुख्य मुद्दा पत्रकार की NSA के तहत हिरासत और उससे जुड़े प्रशासनिक एवं सरकारी आदेशों की वैधता से संबंधित है। फिलहाल अदालत ने नोटिस जारी कर संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है और याचिका पर अंतिम फैसला नहीं दिया है।


7 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मामले को 7 अक्टूबर 2026 को आगे सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है। उस दिन केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और गौतमबुद्ध नगर के जिलाधिकारी की ओर से दाखिल जवाबों के आधार पर मामले में आगे की कार्यवाही होगी। कोर्ट के समक्ष इसके बाद हिरासत आदेश और उससे जुड़े आदेशों को चुनौती देने वाली याचिका पर विस्तृत सुनवाई होने की संभावना है।