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यमन में फिर भड़का सऊदी-हूती संघर्ष, F-15 गिराने का दावा; अल-जौफ में भीषण जमीनी लड़ाई
यमन में हूती विद्रोहियों और सऊदी समर्थित बलों के बीच संघर्ष एक बार फिर तेज हो गया है। हूतियों ने मारिब के ऊपर सऊदी F-15 लड़ाकू विमान को मार गिराने का दावा किया है, जबकि अल-जौफ में सऊदी समर्थित बलों के साथ सीधी लड़ाई का वीडियो भी सामने आया है। इस बीच सऊदी अरब ने मक्का के दक्षिण में एक हूती ड्रोन को मार गिराने का दावा किया है। हूती पक्ष ने मक्का या अन्य पवित्र स्थलों को निशाना बनाने से इनकार किया है।

यमन में बढ़ा सैन्य तनाव
यमन में लंबे समय से चले आ रहे संघर्ष ने सितंबर 2026 में फिर गंभीर रूप ले लिया है। हूती बलों और सऊदी समर्थित यमनी बलों के बीच कई मोर्चों पर लड़ाई तेज हुई है। Reuters के अनुसार, हूती बलों की बढ़त और सऊदी क्षेत्र में लगातार हमलों के बीच बड़ी संख्या में यमनी नागरिक विस्थापित हुए हैं। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार हालिया संघर्ष में 1 लाख से अधिक लोग आंतरिक रूप से विस्थापित हुए हैं।
F-15 गिराने का हूतियों ने किया दावा
हूती सैन्य नेतृत्व की ओर से दावा किया गया है कि मारिब क्षेत्र के ऊपर सऊदी अरब के एक F-15 लड़ाकू विमान को उनकी वायु रक्षा ने निशाना बनाकर गिरा दिया। हूती पक्ष के मुताबिक विमान यमन में उनके ठिकानों पर हमले के लिए आया था। हालांकि, इस दावे की सऊदी अरब की ओर से स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है। इसलिए F-15 के गिराए जाने को फिलहाल पुष्ट घटना के बजाय हूती पक्ष का दावा माना जा रहा है।
अल-जौफ में आमने-सामने की लड़ाई
इसी दौरान उत्तरी यमन के अल-जौफ इलाके में हूती और सऊदी समर्थित बलों के बीच जमीनी संघर्ष की तस्वीरें सामने आई हैं। हूती समर्थित मीडिया ने एक वीडियो जारी किया, जिसमें सैन्य वाहन, हथियारबंद लड़ाके और हमले के बाद उठता धुआं दिखाई देता है। Reuters ने भी वीडियो की रिपोर्ट की है, हालांकि वीडियो की वास्तविक लोकेशन और रिकॉर्डिंग की तारीख की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है। हूती पक्ष का दावा है कि लड़ाई में सऊदी समर्थित बलों के सैन्य वाहनों को निशाना बनाया गया। यह घटनाक्रम बताता है कि संघर्ष अब केवल हवाई हमलों और सीमा-पार मिसाइल या ड्रोन हमलों तक सीमित नहीं है, बल्कि यमन के जमीनी मोर्चों पर भी दबाव बढ़ रहा है।
मक्का के पास हूती ड्रोन रोकने का सऊदी दावा
तनाव के बीच सऊदी अरब ने दावा किया है कि उसकी वायु रक्षा ने मक्का के दक्षिण में एक हूती ड्रोन को उस समय नष्ट कर दिया, जब वह पवित्र शहर के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने वाला था। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मलिकी ने कहा कि मक्का और वहां मौजूद पवित्र स्थलों की सुरक्षा सऊदी अरब के लिए 'रेड लाइन' है।
मक्का में सुरक्षा अलर्ट भी जारी किया गया था, जिसे बाद में हटा दिया गया। सऊदी पक्ष ने इस घटना को हूती हमलों में एक गंभीर बढ़ोतरी के तौर पर देखा है। वहीं हूती अधिकारियों ने मक्का या किसी अन्य इस्लामी पवित्र स्थल को निशाना बनाने के आरोप को खारिज किया है।
चार साल की शांति के बाद फिर बढ़ी जंग
यमन में 2022 में संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता से बनी युद्धविराम व्यवस्था ने सऊदी क्षेत्र पर हूती हमलों को काफी हद तक रोक दिया था। लेकिन जुलाई 2026 से दोनों पक्षों के बीच तनाव दोबारा बढ़ा और हूतियों ने सऊदी अरब की ओर मिसाइल और ड्रोन हमले शुरू किए। इसके जवाब में सऊदी नेतृत्व वाले बलों की यमन में सैन्य कार्रवाई तेज हुई। हाल के दिनों में हूतियों ने सऊदी सैन्य और रणनीतिक ठिकानों पर हमलों का दावा किया है। Reuters के अनुसार, इन हमलों के कारण सऊदी शहरों में सुरक्षा अलर्ट जारी किए गए और क्षेत्रीय ऊर्जा बाजारों पर भी असर पड़ा।
लाल सागर और वैश्विक व्यापार पर भी असर
यमन के लाल सागर तट पर हूतियों की गतिविधियों ने संघर्ष को अंतरराष्ट्रीय महत्व दे दिया है। बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य वैश्विक समुद्री व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण मार्ग है। क्षेत्र में बढ़ती सैन्य गतिविधियों से जहाजों की आवाजाही और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ी है।
इस तरह मारिब में F-15 को गिराने के दावे, अल-जौफ में जमीनी संघर्ष और मक्का के पास ड्रोन को रोकने की सऊदी कार्रवाई ने यमन-सऊदी संघर्ष को एक बार फिर गंभीर मोड़ पर ला दिया है। हालांकि F-15 गिराए जाने और अल-जौफ के वीडियो से जुड़े कुछ दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है।
