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मुंबई एयरपोर्ट T2 के पास 3,000 वर्ग फीट की मस्जिद पर विवाद, T1 के हाईकोर्ट आदेश के बाद कार्रवाई की मांग

मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के टर्मिनल-2 के पास करीब 3,000 वर्ग फीट की मस्जिदनुमा संरचना को लेकर विवाद बढ़ गया है। MMRDA ने 8 सितंबर के पत्र में कहा कि इस निर्माण के लिए उसकी ओर से कोई अनुमति नहीं दी गई और MIAL को नियमानुसार कार्रवाई कर संरचना हटाने के निर्देश दिए गए हैं। मामला उस समय और चर्चा में आया जब टर्मिनल-1 के टैक्सी पार्किंग क्षेत्र में बनी दूसरी संरचना से जुड़े मार्च 2026 के बॉम्बे हाईकोर्ट आदेश का हवाला देकर T2 पर भी कार्रवाई की मांग की गई।

sd16 सित. 2026, 01:20 PM IST
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मुंबई एयरपोर्ट T2 के पास 3,000 वर्ग फीट की मस्जिद पर विवाद, T1 के हाईकोर्ट आदेश के बाद कार्रवाई की मांग

T2 के पास बनी इमारत पर क्यों उठे सवाल?

मुंबई एयरपोर्ट के टर्मिनल-2 के पास करीब 3,000 वर्ग फीट में बनी एक संरचना को लेकर सवाल उठाए गए हैं। शिकायतकर्ताओं और कुछ राजनीतिक नेताओं की ओर से इसे कथित अनधिकृत निर्माण बताया जा रहा है। उनका सवाल है कि एयरपोर्ट जैसे संवेदनशील और नियंत्रित क्षेत्र में इस तरह का निर्माण किस अनुमति के आधार पर किया गया। मामले में MIAL, मुंबई पुलिस, BMC और MMRDA से निर्माण की अनुमति, जमीन के इस्तेमाल और संबंधित दस्तावेजों की जांच की मांग की जा रही है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, MMRDA की ओर से यह कहा गया है कि संबंधित संरचना के निर्माण के लिए उसकी ओर से अनुमति जारी नहीं की गई थी। इसके बाद एयरपोर्ट ऑपरेटर MIAL से नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया है। हालांकि, अंतिम स्थिति संबंधित एजेंसियों की जांच और आधिकारिक कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट होगी।

T1 के मामले में हाईकोर्ट ने क्या कहा था?

इस विवाद को मार्च 2026 के एक अलग मामले से भी जोड़ा जा रहा है। 5 मार्च 2026 को बॉम्बे हाईकोर्ट में Writ Petition (L) No. 2960/2026 से जुड़ी सुनवाई हुई थी। यह मामला टर्मिनल-1 के टैक्सी पार्किंग क्षेत्र में बनी एक अलग मस्जिद/मदरसे जैसी संरचना से संबंधित था। रिपोर्टों के अनुसार, कोर्ट के सामने एयरपोर्ट परिसर में बनी इस संरचना को लेकर आपत्ति उठाई गई थी और उसे हटाने की कार्रवाई का मुद्दा सामने आया था। कोर्ट के आदेश के बाद अब T2 के पास मौजूद संरचना को लेकर भी कार्रवाई की मांग तेज हुई है। हालांकि, T1 और T2 के मामले अलग-अलग हैं। T1 से जुड़े हाईकोर्ट के आदेश को T2 की 3,000 वर्ग फीट वाली संरचना पर स्वतः लागू होने वाला आदेश नहीं माना जा सकता। T2 की संरचना के संबंध में अलग से प्रशासनिक जांच और कार्रवाई की आवश्यकता होगी।

किन एजेंसियों से मांगी जा रही है जांच?

T2 की संरचना को लेकर मुख्य रूप से चार स्तरों पर सवाल उठाए जा रहे हैं। MMRDA से निर्माण अनुमति और नियोजन संबंधी रिकॉर्ड, BMC से स्थानीय निर्माण नियमों, MIAL से एयरपोर्ट परिसर में निर्माण और सुरक्षा से जुड़े नियमों तथा मुंबई पुलिस से कानून-व्यवस्था और शिकायतों के स्तर पर कार्रवाई की मांग की जा रही है। BJP नेता किरीट सोमैया ने भी इस मामले को उठाते हुए संरचना के खिलाफ कार्रवाई और संबंधित लोगों के खिलाफ FIR की मांग की है। यह मांग राजनीतिक नेता की ओर से की गई है और इसे अभी किसी जांच एजेंसी का अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जा सकता।

अब आगे क्या होगा?

फिलहाल विवाद का मुख्य मुद्दा यह है कि T2 के पास बनी करीब 3,000 वर्ग फीट की संरचना को निर्माण और भूमि उपयोग से जुड़ी आवश्यक मंजूरियां मिली थीं या नहीं। यदि संबंधित दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच में नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो सक्षम प्राधिकरण नियमानुसार कार्रवाई कर सकते हैं।

इस मामले में T1 के हाईकोर्ट आदेश का हवाला देकर T2 वाली संरचना पर कार्रवाई की मांग जरूर की जा रही है, लेकिन दोनों मामलों की कानूनी और प्रशासनिक स्थिति अलग है। इसलिए T2 की संरचना पर अंतिम स्थिति संबंधित प्राधिकरणों की जांच, रिकॉर्ड और आगे होने वाली कार्रवाई से ही स्पष्ट होगी।