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यूपी में ₹500 करोड़ के निवेश घोटाले का आरोप, 35 हजार से ज्यादा लोगों को चूना लगाने वाले दो भाई गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश में अमर ज्योति यूनिवर्स निधि लिमिटेड से जुड़े कथित बड़े निवेश घोटाले में STF और बदायूं पुलिस ने दो भाइयों शशिकांत मौर्य और सूर्यकांत मौर्य को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, ज्यादा ब्याज और बेहतर रिटर्न का भरोसा देकर हजारों लोगों से रकम जुटाई गई। ताजा जांच में प्रभावित निवेशकों की संख्या 35 हजार से अधिक और कथित रकम ₹500 करोड़ से ज्यादा बताई जा रही है। मामले में कंपनी के खिलाफ NCLT में भी दिवालिया प्रक्रिया से जुड़ा मामला चल रहा है।

sd16 सित. 2026, 01:20 PM IST
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यूपी में ₹500 करोड़ के निवेश घोटाले का आरोप, 35 हजार से ज्यादा लोगों को चूना लगाने वाले दो भाई गिरफ्तार

          उत्तर प्रदेश में कथित निवेश धोखाधड़ी के एक बड़े मामले में STF और बदायूं पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। अमर ज्योति यूनिवर्स निधि लिमिटेड से जुड़े मामले में पुलिस ने दो भाइयों शशिकांत मौर्य और सूर्यकांत मौर्य को गिरफ्तार किया है। दोनों पर आरोप है कि उन्होंने ज्यादा ब्याज और बेहतर रिटर्न का लालच देकर बड़ी संख्या में लोगों से निवेश कराया और बाद में रकम लौटाने में कथित तौर पर धोखाधड़ी की। ताजा पुलिस जांच और मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, इस मामले में 35,000 से ज्यादा निवेशक प्रभावित बताए जा रहे हैं और कथित वित्तीय लेनदेन की रकम ₹500 करोड़ से अधिक बताई गई है। हालांकि, यह आंकड़ा जांच एजेंसियों के सामने मौजूद आरोपों पर आधारित है; अंतिम वित्तीय नुकसान का निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

डेढ़ साल से पुलिस को थी तलाश

रिपोर्टों के मुताबिक दोनों आरोपी लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से बाहर थे। मामले में उनकी गिरफ्तारी पर कानूनी राहत की कोशिश भी की गई थी। बाद में अदालत से राहत हटने के बाद पुलिस ने उनकी तलाश तेज की और संयुक्त कार्रवाई में दोनों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि निवेशकों से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल कहां किया गया और इस पूरे नेटवर्क में कंपनी के अलावा कौन-कौन लोग शामिल थे।

ज्यादा ब्याज का दिया गया भरोसा

आरोप है कि निवेशकों को सामान्य निवेश योजनाओं की तुलना में आकर्षक रिटर्न का भरोसा दिया गया। इसी भरोसे पर बड़ी संख्या में लोगों ने कंपनी में अपनी बचत जमा की। बाद में जब निवेशकों ने अपनी रकम वापस मांगनी शुरू की तो कथित तौर पर भुगतान में समस्या आने लगी और शिकायतें पुलिस तक पहुंचीं।

मामले में बदायूं के अलावा बरेली और आसपास के इलाकों के निवेशकों के भी प्रभावित होने की बात सामने आई है।

पहले भी सामने आ चुकी थीं शिकायतें

यह मामला केवल हालिया गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है। 2025 से ही अमर ज्योति यूनिवर्स निधि लिमिटेड से जुड़ी शिकायतों और मुकदमों की रिपोर्ट सामने आती रही हैं। पुराने मामलों में भी बड़ी संख्या में निवेशकों के पैसे फंसने और करोड़ों रुपये की कथित धोखाधड़ी के आरोप लगाए गए थे।

इसी दौरान कंपनी से जुड़े बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन की जांच की कार्रवाई भी सामने आई थी।

NCLT तक पहुंचा मामला

मामले का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि कंपनी के खिलाफ National Company Law Tribunal (NCLT), Allahabad Bench में insolvency से जुड़ी कार्यवाही चल रही है। NCLT की 22 जुलाई 2026 की cause list में Shiv Om Sharma & Ors. बनाम Amar Jyoti Universe Nidhi Limited का मामला Section 7, Insolvency and Bankruptcy Code के तहत दर्ज है। जुलाई 2026 की रिपोर्टों में कंपनी से जुड़े करीब ₹200 करोड़ के निवेश विवाद और insolvency process का भी उल्लेख किया गया था।

कंपनी के रिकॉर्ड में क्या सामने आया?

कंपनी रिकॉर्ड के मुताबिक Amarjyotiuniverse Nidhi Limited दिसंबर 2016 में उत्तर प्रदेश में पंजीकृत हुई थी। कंपनी का registered office बदायूं में दर्ज है और इसका authorised share capital ₹30 लाख तथा paid-up capital करीब ₹21.57 लाख बताया गया है। उपलब्ध कॉरपोरेट रिकॉर्ड में शशिकांत मौर्य का नाम director के तौर पर भी दर्ज है।

अब आगे क्या?

STF और स्थानीय पुलिस की जांच में अब कथित घोटाले की पूरी रकम, निवेशकों की वास्तविक संख्या, पैसों के ट्रेल, कंपनी के बैंक खातों और कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जाएगी। साथ ही निवेशकों के पैसे की रिकवरी भी इस मामले का अहम हिस्सा होगी।