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पुणे में बच्चों को वायरल इंफेक्शन ने घेरा, HFMD के बढ़ते मामलों से डॉक्टर सतर्क

पुणे में छोटे बच्चों के बीच Hand-Foot-Mouth Disease (HFMD) के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। डॉक्टरों के अनुसार 2 से 7 साल की उम्र के बच्चे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। बुखार, मुंह में घाव और हाथ-पैर पर दाने इस संक्रमण के सामान्य लक्षण बताए जा रहे हैं।

Neha Sharma17 सित. 2026, 06:06 PM IST
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पुणे में बच्चों को वायरल इंफेक्शन ने घेरा, HFMD के बढ़ते मामलों से डॉक्टर सतर्क

पुणे: पुणे में बच्चों के बीच Hand-Foot-Mouth Disease (HFMD) के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। यह एक वायरल संक्रमण है, जो खासतौर पर छोटे बच्चों में तेजी से फैल सकता है। डॉक्टरों के मुताबिक पिछले करीब पांच हफ्तों में मामलों में बढ़ोतरी हुई है और इस बार कुछ बच्चों में दोबारा संक्रमण के मामले भी सामने आए हैं।


2 से 7 साल के बच्चों में ज्यादा मामले

डॉक्टरों के अनुसार पुणे में HFMD के मामले खासतौर पर 2 से 7 साल की उम्र के बच्चों में देखे जा रहे हैं। एक वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ ने बताया कि उनके पास हर सप्ताह करीब 4-5 मामले आ रहे हैं और एक महीने में करीब 30 मामले देखे गए। कुछ बच्चों में संक्रमण दो से तीन बार तक दोबारा होने की बात भी सामने आई है।


क्या है Hand-Foot-Mouth Disease?

Hand-Foot-Mouth Disease यानी हाथ, पैर और मुंह में होने वाला वायरल संक्रमण है। यह बीमारी आमतौर पर छोटे बच्चों में देखी जाती है और एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में आसानी से फैल सकती है। इसके सामान्य लक्षणों में बुखार, थकान, मुंह में दर्दनाक घाव और हाथ-पैर या शरीर के दूसरे हिस्सों पर लाल दाने शामिल हो सकते हैं। मुंह के अंदर घाव होने से बच्चों को खाने-पीने में परेशानी भी हो सकती है।


स्कूल और डे-केयर में फैलने का खतरा

डॉक्टरों के मुताबिक स्कूल, डे-केयर सेंटर और दूसरे ऐसे स्थान जहां बच्चे एक-दूसरे के करीब रहते हैं, वहां संक्रमण तेजी से फैल सकता है। मौसम में बदलाव को भी मामलों में बढ़ोतरी से जोड़कर देखा जा रहा है। परिवार और हाउसिंग सोसायटी के भीतर भी संक्रमण फैलने के मामले सामने आए हैं।


इस बार दोबारा संक्रमण के मामले भी

इस साल पुणे में डॉक्टरों ने कुछ बच्चों में दोबारा HFMD होने के मामले भी देखे हैं। रिपोर्ट के अनुसार कुछ बच्चों में संक्रमण दो से तीन बार तक दोहराया गया। डॉक्टरों ने बताया कि यह बीमारी आमतौर पर गंभीर नहीं होती, लेकिन कुछ गंभीर मामलों और ज्यादा जोखिम वाले बच्चों को अस्पताल में इलाज की जरूरत पड़ सकती है।


बचाव के लिए साफ-सफाई जरूरी

HFMD आसानी से फैलने वाला संक्रमण है, इसलिए बच्चों के हाथ नियमित रूप से साफ रखना, आसपास की सतहों को साफ करना और संक्रमित व्यक्ति के साथ नजदीकी संपर्क से बचना महत्वपूर्ण है। बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर बच्चे की जांच और उचित सलाह के लिए डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। पुणे में मामलों में बढ़ोतरी के बीच डॉक्टरों ने खासतौर पर बच्चों के आसपास साफ-सफाई और संक्रमण से बचाव की आदतों पर ध्यान देने की सलाह दी है।