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ऑस्कर 2027 में भारत की आधिकारिक एंट्री बनी मराठी फिल्म ‘गोंधळ’, चार बड़े फिल्म फेस्टिवल में जीत चुकी है अवॉर्ड
संतोष दवखर की मराठी फिल्म ‘गोंधळ’ को 99वें अकादमी अवॉर्ड्स यानी ऑस्कर 2027 के लिए भारत की आधिकारिक एंट्री चुना गया है। फिल्म महाराष्ट्र की ग्रामीण पृष्ठभूमि और पारंपरिक ‘गोंधळ’ लोक-परंपरा पर आधारित मनोवैज्ञानिक थ्रिलर है। 33 फिल्मों में से चुनी गई ‘गोंधळ’ इससे पहले IFFI 2025 में बेस्ट डायरेक्टर का सिल्वर पीकॉक समेत कई प्रतिष्ठित पुरस्कार जीत चुकी है।

33 फिल्मों में से चुनी गई ‘गोंधळ’
फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया (FFI) ने 18 सितंबर 2026 को मराठी फिल्म ‘गोंधळ’ को भारत की ओर से ऑस्कर 2027 की आधिकारिक एंट्री घोषित किया। फिल्म का निर्देशन और लेखन Santosh Davakhar ने किया है। इसका चयन 33 फिल्मों में से किया गया है। फिल्म 99वें अकादमी अवॉर्ड्स की International Feature Film कैटेगरी में भारत का प्रतिनिधित्व करेगी। ‘गोंधळ’ ग्रामीण महाराष्ट्र की पृष्ठभूमि में बुनी गई कहानी है, जिसमें पारंपरिक गोंधळ अनुष्ठान और लोक-कलात्मक परंपरा कहानी का अहम हिस्सा है। फिल्म में रिश्तों, धोखे, इच्छाओं और मुश्किल परिस्थितियों के बीच फंसे किरदारों की कहानी को थ्रिलर अंदाज में पेश किया गया है।
फिल्म को पहले ही मिल चुके हैं कई बड़े अवॉर्ड
ऑस्कर की आधिकारिक एंट्री बनने से पहले ‘गोंधळ’ ने देश के कई प्रतिष्ठित फिल्म समारोहों में अपनी पहचान बनाई है। फिल्म के निर्देशक संतोष दवखर को 56वें इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (IFFI) 2025 में बेस्ट डायरेक्टर के लिए सिल्वर पीकॉक अवॉर्ड मिला था। IFFI के आधिकारिक रिकॉर्ड में भी दवखर को ‘Gondhal’ के लिए Silver Peacock – Best Director का विजेता दर्ज किया गया है। इसके बाद फिल्म को 17वें बेंगलुरु इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल 2026 में FIPRESCI अवॉर्ड मिला। वहीं पुणे इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल 2026 में फिल्म ने बेस्ट डायरेक्टर और बेस्ट सिनेमैटोग्राफर के पुरस्कार अपने नाम किए।
इसके अलावा 22वें थर्ड आई एशियन इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल 2026 में भी संतोष दवखर को बेस्ट डायरेक्टर का अवॉर्ड मिला। फिल्म के आधिकारिक फेस्टिवल रिकॉर्ड में इन सभी प्रमुख सम्मानों का उल्लेख है।
क्या है ‘गोंधळ’ की कहानी?
फिल्म की कहानी महाराष्ट्र के ग्रामीण परिवेश में सामने आती है और पारंपरिक गोंधळ लोक-परंपरा को कहानी के केंद्र में रखती है। कहानी सुमन नाम की महिला के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसकी शादी आनंद से होती है। इसके बाद रिश्तों, आकर्षण, धोखे और निजी संघर्षों के बीच घटनाएं एक थ्रिलर का रूप लेती हैं। फिल्म में गोंधळ की पारंपरिक प्रस्तुति सिर्फ पृष्ठभूमि नहीं है, बल्कि कहानी के घटनाक्रम और माहौल को आगे बढ़ाने में इसकी अहम भूमिका है। फिल्म में किशोर कदम, इशिता देशमुख, योगेश सोहोनी और निषाद भोईर प्रमुख भूमिकाओं में हैं। फिल्म का संगीत दिग्गज संगीतकार इलैयाराजा ने दिया है।
चौथी मराठी फिल्म बनी ‘गोंधळ’
‘गोंधळ’ भारत की ओर से ऑस्कर के लिए चुनी जाने वाली चौथी मराठी फिल्म है। इससे पहले ‘श्वास’ (2005), ‘हरिश्चंद्राची फैक्टरी’ (2009) और ‘कोर्ट’ (2015) भारत की आधिकारिक ऑस्कर एंट्री रह चुकी हैं। पिछले साल यानी 2025 में भारत की आधिकारिक एंट्री ‘होमबाउंड’ थी। फिल्म को अंतिम ऑस्कर नामांकन नहीं मिल सका।
पिछले वर्षों में भारत की ऑस्कर एंट्री
हाल के वर्षों में भारत की ओर से ऑस्कर के लिए चुनी गई फिल्मों में अलग-अलग भारतीय भाषाओं और क्षेत्रों की फिल्में शामिल रही हैं। इनमें ‘होमबाउंड’ (2025), ‘लापता लेडीज’ (2024), ‘एवरीवन इज ए हीरो’ (2023), ‘छेल्लो शो’ (2022), ‘कूझांगल’ (2021), ‘जल्लीकट्टू’ (2020), ‘गली बॉय’ (2019), ‘विलेज रॉकस्टार्स’ (2018), ‘न्यूटन’ (2017) और ‘विसारनई’ (2016) शामिल हैं। इन फिल्मों के चयन से यह भी दिखता है कि भारत की ऑस्कर एंट्री में अलग-अलग भाषाओं और क्षेत्रीय सिनेमा की फिल्मों को जगह मिलती रही है।
14 मार्च 2027 को होगा ऑस्कर समारोह
99वें अकादमी अवॉर्ड्स का आयोजन रविवार, 14 मार्च 2027 को लॉस एंजिल्स के डॉल्बी थिएटर में होगा। अकादमी के आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार ऑस्कर की शॉर्टलिस्ट 15 दिसंबर 2026 को और नामांकन की घोषणा 21 जनवरी 2027 को निर्धारित है। इसलिए ‘गोंधळ’ का भारत की आधिकारिक एंट्री बनना अंतिम ऑस्कर नामांकन नहीं है। फिल्म को आगे Academy की चयन प्रक्रिया से गुजरना होगा। अगर फिल्म शॉर्टलिस्ट और फिर नामांकन तक पहुंचती है, तो यह मराठी सिनेमा के लिए एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी।
