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टाटा के शेयरों में गिरावट, Tata Chemicals 8% तक टूटा

टाटा ग्रुप की कई कंपनियों के शेयरों में 18 सितंबर को गिरावट दर्ज की गई। Tata Chemicals करीब 8% तक टूटा, जबकि Tata Investment Corporation, TCS और Tata Motors में भी कमजोरी रही। यह गिरावट Tata Sons की संभावित लिस्टिंग और चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन के कार्यकाल को लेकर Tata Trusts के साथ सामने आए मतभेदों के बीच हुई।

Neha Sharma18 सित. 2026, 05:33 PM IST
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टाटा के शेयरों में गिरावट, Tata Chemicals 8% तक टूटा

नई दिल्ली: टाटा समूह की कई लिस्टेड कंपनियों के शेयरों में शुक्रवार, 18 सितंबर को तेज गिरावट देखने को मिली। Tata Chemicals, Tata Investment Corporation, Tata Motors Passenger Vehicles और TCS समेत कई शेयर दबाव में रहे। बाजार में यह गिरावट Tata Sons के भविष्य की संरचना, संभावित लिस्टिंग और नेतृत्व को लेकर सामने आए मतभेदों के बीच हुई।


शुरुआती कारोबार में Tata Chemicals सबसे ज्यादा दबाव में रहा। Business Standard के मुताबिक, कंपनी का शेयर करीब 8.08% तक गिरा। Tata Investment Corporation में करीब 3.17%, Tata Motors Passenger Vehicles में करीब 3.05% और TCS में करीब 2.75% की गिरावट दर्ज की गई। Reuters के अनुसार, दोपहर तक लिस्टेड Tata Group कंपनियों के संयुक्त बाजार मूल्य में करीब $3.2 अरब की कमी आई थी।


क्यों गिरे टाटा ग्रुप के शेयर?

इस गिरावट का प्रमुख कारण Tata Sons को लेकर बनी अनिश्चितता है। Tata Sons के बोर्ड ने N. Chandrasekaran को अगले पांच साल के लिए दोबारा चेयरमैन बनाए रखने और कंपनी की संभावित लिस्टिंग की दिशा में आगे बढ़ने का फैसला किया। इसके बाद Tata Trusts ने दोनों फैसलों पर आपत्ति जताई।


Tata Trusts, Tata Sons की करीब 66% हिस्सेदारी रखता है। वहीं Shapoorji Pallonji Group के पास करीब 18.4% हिस्सेदारी है। SP Group ने अपनी Tata Sons हिस्सेदारी के एक हिस्से को बेचकर कम से कम ₹25,000 करोड़ की liquidity जुटाने का प्रस्ताव भी रखा है।


किन कंपनियों पर असर पड़ा?

Tata Chemicals में करीब 8% तक की गिरावट देखी गई। Tata Investment Corporation, TCS, Tata Motors Passenger Vehicles और Tata Power भी शुरुआती कारोबार में नीचे रहे। हालांकि सभी Tata Group कंपनियों में गिरावट नहीं रही। Tata Capital समेत कुछ शेयरों में बढ़त भी दर्ज हुई।


निवेशकों की नजर अब Tata Sons पर

Tata Sons टाटा समूह की प्रमुख होल्डिंग कंपनी है और कई बड़ी Tata कंपनियों में इसकी हिस्सेदारी है। ऐसे में Tata Sons की लिस्टिंग, शेयरहोल्डिंग में बदलाव और नेतृत्व से जुड़े फैसलों का असर समूह की सूचीबद्ध कंपनियों के शेयरों पर भी पड़ सकता है। हालांकि मौजूदा गिरावट को सीधे तौर पर इन कंपनियों के कारोबारी प्रदर्शन में अचानक आई गिरावट नहीं माना जा रहा है; बाजार की प्रतिक्रिया मुख्य रूप से Tata Sons से जुड़ी नई घटनाओं और अनिश्चितता पर है।


बाजार में अब Tata Sons की लिस्टिंग से जुड़े अगले कदम, Tata Trusts की स्थिति और समूह के भीतर आगे होने वाली बातचीत पर नजर रहेगी।