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महाराष्ट्र में रेल नेटवर्क होगा मजबूत, चौक-करजत डबलिंग पर ₹497 करोड़ खर्च
महाराष्ट्र में रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए भारतीय रेलवे ने चौक-करजत रेल सेक्शन की डबलिंग को मंजूरी दी है। करीब 10.86 किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट पर ₹497 करोड़ खर्च किए जाएंगे। डबलिंग के बाद इस रूट पर ट्रेनों के संचालन की क्षमता बढ़ने के साथ यात्री और माल परिवहन को भी फायदा मिलने की उम्मीद है।

मुंबई/महाराष्ट्र: महाराष्ट्र में रेल कनेक्टिविटी और ट्रेनों की क्षमता बढ़ाने की दिशा में भारतीय रेलवे ने बड़ा फैसला लिया है। रेलवे ने सेंट्रल रेलवे के चौक-करजत रेल सेक्शन के डबलिंग प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है। करीब 10.86 किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट पर ₹497 करोड़ खर्च किए जाएंगे। यह रेल लाइन पनवेल-चौक-करजत कॉरिडोर का हिस्सा है, जहां यात्री ट्रेनों के साथ-साथ मालगाड़ियों की आवाजाही भी होती है।
रेलवे के मुताबिक इस सेक्शन को डबल करने का मुख्य उद्देश्य मौजूदा रेल नेटवर्क की क्षमता बढ़ाना और ट्रेनों के संचालन को अधिक सुचारु बनाना है। मौजूदा सिंगल लाइन सेक्शन पर ट्रेनों की आवाजाही के दौरान परिचालन संबंधी दबाव रहता है। दूसरी लाइन बनने के बाद दोनों दिशाओं में ट्रेनों के संचालन के लिए अतिरिक्त क्षमता उपलब्ध होगी।
रोजाना 5 अतिरिक्त यात्री ट्रेनें चलाने की क्षमता
प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद चौक-करजत सेक्शन में दोनों दिशाओं में रोजाना पांच अतिरिक्त यात्री ट्रेनों के संचालन की क्षमता विकसित होने की उम्मीद है। इससे इस रूट पर यात्री सेवाओं को बढ़ाने में मदद मिल सकती है। खासतौर पर पनवेल, चौक और करजत के बीच रेल कनेक्टिविटी पर इसका असर पड़ेगा।
माल ढुलाई को भी मिलेगा फायदा
डबलिंग का फायदा सिर्फ यात्री ट्रेनों तक सीमित नहीं रहेगा। रेलवे के अनुसार इस प्रोजेक्ट से 18.35 मिलियन टन प्रति वर्ष (MTPA) अतिरिक्त माल ढुलाई क्षमता को सपोर्ट किया जा सकेगा। रेलवे नेटवर्क पर मालगाड़ियों की आवाजाही बढ़ने से उनके ठहराव यानी डिटेंशन को कम करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है। इससे माल परिवहन की गति और परिचालन दक्षता में सुधार हो सकता है।
पनवेल-करजत कॉरिडोर के लिए क्यों अहम?
चौक-करजत सेक्शन पनवेल-चौक-करजत रेल मार्ग का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस कॉरिडोर का उपयोग यात्री और माल दोनों प्रकार की रेल सेवाओं के लिए होता है। ऐसे में इस सेक्शन पर अतिरिक्त ट्रैक उपलब्ध होने से ट्रेनों को चलाने की क्षमता बढ़ेगी और मौजूदा नेटवर्क पर परिचालन दबाव कम करने में मदद मिल सकती है। रेलवे महाराष्ट्र में पहले से ही कई मल्टीट्रैकिंग और क्षमता विस्तार परियोजनाओं पर काम कर रहा है। जुलाई 2026 में PIB ने बताया था कि महाराष्ट्र में 37 डबलिंग/मल्टीट्रैकिंग परियोजनाएं समेत कुल 52 रेलवे परियोजनाएं स्वीकृत थीं, जिनकी कुल लंबाई 5,956 किमी और अनुमानित लागत ₹1,42,635 करोड़ थी। इनमें पनवेल-चौक डबल लाइन भी शामिल है।
पहले भी स्वीकृत था पनवेल-चौक डबलिंग प्रोजेक्ट
रेलवे के पिछले आधिकारिक रिकॉर्ड में पनवेल-चौक 17 किमी डबलिंग सेक्शन की परियोजना करीब ₹491 करोड़ की लागत के साथ दर्ज है। उपलब्ध परियोजना दस्तावेज के अनुसार इसे 2022-23 में स्वीकृति मिली थी। ताजा मंजूरी में चौक-करजत के 10.86 किमी सेक्शन पर विशेष रूप से डबलिंग की बात सामने आई है। इससे पनवेल-चौक-करजत कॉरिडोर में अतिरिक्त ट्रैक क्षमता विकसित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
महाराष्ट्र के रेल नेटवर्क को मिलेगा विस्तार
महाराष्ट्र में रेलवे लगातार नई लाइन, डबलिंग, मल्टीट्रैकिंग और अन्य क्षमता विस्तार परियोजनाओं को आगे बढ़ा रहा है। रेलवे के अनुसार राज्य में 2026-27 के दौरान रेल बुनियादी ढांचे और सुरक्षा कार्यों के लिए ₹23,926 करोड़ का आवंटन किया गया है। चौक-करजत डबलिंग परियोजना के पूरा होने के बाद इस रूट पर यात्री ट्रेनों की क्षमता बढ़ाने के साथ माल परिवहन को भी अतिरिक्त क्षमता मिलेगी। इससे पनवेल-करजत क्षेत्र में रेल नेटवर्क की परिचालन क्षमता मजबूत होने की उम्मीद है।
