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वसीयत पर किसी ने नहीं जताई आपत्ति, कल्याण कोर्ट ने बेटे-बहू के पक्ष में वसीयत का प्रमाण-पत्र जारी करने का दिया आदेश
टिटवाला की जमीन और दुकान से जुड़ी वसीयत पर किसी ने आपत्ति नहीं जताई। कल्याण कोर्ट ने दस्तावेजों और वसीयत के गवाह की गवाही के आधार पर नथूराम गुप्ता के बेटे और बहू के पक्ष में वसीयत का प्रमाण-पत्र जारी करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने इसके लिए ₹75 हजार की फीस जमा करने को कहा है।

कल्याण:
कल्याण की 4th Joint Civil Judge, Senior Division अदालत ने नथूराम मथुराप्रसाद गुप्ता द्वारा बनाई गई वसीयत के आधार पर उनके बेटे वेदप्रकाश नथूराम गुप्ता और बहू राधा वेदप्रकाश गुप्ता के पक्ष में वसीयत का प्रमाण-पत्र जारी करने का आदेश दिया है। यह आदेश सिविल मिसलेनियस एप्लीकेशन नंबर 661/2022 में 17 सितंबर 2026 को न्यायाधीश जे. एस. कोकाटे ने पारित किया। मामले में आवेदकों ने भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम, 1925 की धारा 276 के तहत वसीयत का प्रमाण-पत्र जारी करने की मांग की थी। उनका कहना था कि नथूराम मथुराप्रसाद गुप्ता ने वसीयत के जरिए अपनी संपत्तियां उनके पक्ष में वसीयत की थीं।
वसीयत में इन संपत्तियों का उल्लेख
आवेदन के अनुसार, वसीयत में ठाणे जिले के टिटवाला ईस्ट क्षेत्र में स्थित दो संपत्तियों का उल्लेख था। इनमें ग्राम घोटसई, गोवेली रोड, तिवाला की सिटी सर्वे नंबर 62, हिस्सा नंबर 02/A की जमीन और गायत्रीधाम कॉम्प्लेक्स फेज-2, मांडा, टिटवाला ईस्ट स्थित शॉप नंबर B-5/2 शामिल है। आवेदकों के अनुसार, नथूराम की मृत्यु 23 मार्च 2007 को हुई थी। इसके बाद उनकी वसीयत के आधार पर दोनों ने अदालत में वसीयत का प्रमाण-पत्र जारी करने के लिए आवेदन दायर किया।
सार्वजनिक नोटिस के बाद भी नहीं आई कोई आपत्ति
कोर्ट के आदेश के मुताबिक, मामले में दोनों संपत्तियों के संबंध में सार्वजनिक उद्घोषणा प्रकाशित की गई थी। अलग-अलग तारीखों पर समाचार पत्रों में सार्वजनिक नोटिस भी प्रकाशित किए गए। इसके बावजूद निर्धारित अवधि में किसी व्यक्ति ने वसीयत या वसीयत के प्रमाण-पत्र के आवेदन के खिलाफ कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई। मामला बिना विरोध के रहने के कारण अदालत ने आवेदकों के साक्ष्य पर विचार किया।
गवाह ने वसीयत के निष्पादन की पुष्टि की
आवेदकों ने अपने-अपने दावे के समर्थन में हलफनामे दाखिल किए। इसके अलावा मनीष बालकृष्ण सौराष्ट्री नामक व्यक्ति की गवाही भी कराई गई, जो वसीयत के गवाहों में से एक था। उसने नथूराम द्वारा वसीयत किए जाने के संबंध में बयान दिया। आवेदकों ने अदालत में आधार कार्ड, राशन कार्ड, नथूराम का मृत्यु प्रमाणपत्र, वसीयत, उनके चुनाव पहचान पत्र, ग्राम पंचायत द्वारा जारी जन्म प्रमाणपत्र और समाचार पत्रों में प्रकाशित सार्वजनिक नोटिस सहित कई दस्तावेज पेश किए।
कोर्ट ने माना- आवेदन का विरोध नहीं हुआ
अदालत ने कहा कि आवेदन का किसी ने विरोध या चुनौती नहीं दी है। रिकॉर्ड पर मौजूद दस्तावेज और गवाह के बयान को देखते हुए आवेदकों के साक्ष्य पर अविश्वास करने का कोई कारण नहीं है। कोर्ट ने वसीयत के आधार पर आवेदकों के पक्ष में वसीयत का प्रमाण-पत्र जारी करने के आवेदन को मंजूर कर लिया।
₹75 हजार कोर्ट फीस जमा करने का निर्देश
कल्याण कोर्ट ने आवेदन मंजूर करते हुए नथूराम मथुराप्रसाद गुप्ता की वसीयत के संबंध में वेदप्रकाश नथूराम गुप्ता और राधा वेदप्रकाश गुप्ता के पक्ष में वसीयत का प्रमाण-पत्र जारी करने का आदेश दिया। हालांकि इसके लिए आवेदकों को ₹75,000 की निर्धारित कोर्ट फीस जमा करनी होगी। कोर्ट का यह आदेश 17 सितंबर 2026 को पारित किया गया।
