crime
गणेश प्रतिमा आगमन जुलूस में सड़क बंद कर यातायात बाधित करने का आरोप, उल्हासनगर में मंडल अध्यक्ष समेत पदाधिकारियों पर FIR
उल्हासनगर में गणेश प्रतिमा आगमन जुलूस के दौरान सार्वजनिक सड़क पर यातायात बाधित करने के आरोप में पुलिस ने बाबा फ्रेंड्स सर्कल गणेशोत्सव मित्र मंडल के अध्यक्ष दिनेश मुरलीधर जेवानी और अन्य पदाधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज की है। पुलिस के अनुसार, जुलूस के दौरान सार्वजनिक रास्ते बंद होने से वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई थी। मामले में BNS की धारा 285 के तहत कार्रवाई की गई है।

उल्हासनगर में गणेश प्रतिमा आगमन जुलूस के दौरान सार्वजनिक रास्ते पर यातायात बाधित करने के आरोप में पुलिस ने गणेशोत्सव मंडल के अध्यक्ष और अन्य पदाधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक जुलूस के दौरान सार्वजनिक सड़क को बंद कर दिया गया था, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 285 के तहत FIR दर्ज की गई है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह मामला 10 सितंबर 2026 को उल्हासनगर पुलिस स्टेशन में FIR नंबर II-437/2026 के रूप में दर्ज किया गया। शिकायत पुलिस हवलदार ब.नं. 1911 शिवाजी सुदाम घुगे ने दर्ज कराई है। FIR में बाबा फ्रेंड्स सर्कल गणेशोत्सव मित्र मंडल, उल्हासनगर-1 के अध्यक्ष दिनेश मुरलीधर जेवानी और मंडल के अन्य पदाधिकारियों को आरोपी बनाया गया है।
FIR के मुताबिक, पुलिस हवलदार शिवाजी घुगे 10 सितंबर को सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक ड्यूटी पर तैनात थे। इस दौरान वह पुलिसकर्मियों के साथ उल्हासनगर-1 क्षेत्र के गोल मैदान और आसपास के इलाके में पेट्रोलिंग कर रहे थे। इसी दौरान रात करीब 8:05 बजे बाबा फ्रेंड्स सर्कल गणेशोत्सव मित्र मंडल की ओर से गणेश प्रतिमा आगमन समारोह के लिए जुलूस निकाला गया। शिकायत में बताया गया है कि जुलूस की शुरुआत बी.बी. मोरे चौक से हुई। इसके बाद जुलूस मधुबन चौक, साधु वासवानी पुतला, सांसद कार्यालय, किशोर पेटीस और संत निरंकारी भवन होते हुए गोलूराम दरबार की ओर गया। पुलिस के अनुसार, जुलूस के दौरान इन मार्गों पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे और सार्वजनिक रास्ते को यातायात के लिए बाधित किया गया। FIR में आरोप लगाया गया है कि गणेश प्रतिमा आगमन जुलूस के दौरान सार्वजनिक रास्तों को बंद कर दिया गया, जिसके कारण वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई और यातायात में बाधा उत्पन्न हुई। शिकायत के अनुसार जुलूस में ढोल, ताशे, स्पीकर और अन्य वाद्य यंत्र भी बजाए जा रहे थे। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, जुलूस शाम करीब 6 बजे से रात 10 बजे तक लगभग चार घंटे तक चलाया गया। पुलिस ने आरोप लगाया है कि इस दौरान सार्वजनिक मार्ग पर अवरोध पैदा होने के कारण आम लोगों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 285 के तहत सरकारी पक्ष की ओर से शिकायत दर्ज की है। यह धारा सार्वजनिक मार्ग या नौवहन मार्ग में किसी व्यक्ति द्वारा खतरा, बाधा या चोट उत्पन्न करने से संबंधित है। FIR दर्ज होने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस रिकॉर्ड में पुलिस निरीक्षक संतोष गौबा आहवाड के नाम से प्रकरण दर्ज होने और जांच की कार्रवाई किए जाने का उल्लेख है। फिलहाल FIR में लगाए गए आरोपों की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है।
