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दिल्ली में ट्रैफिक चालान के नियम बदले, कोर्ट जाने से पहले जमा करनी होगी 50% रकम l

दिल्ली में गलत ई-चालान को चुनौती देने की प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। अब वाहन चालक सीधे कोर्ट नहीं जा सकेंगे। सबसे पहले संबंधित अधिकारी के सामने चालान के खिलाफ शिकायत या अपील करनी होगी। अगर अधिकारी चालान को सही मानता है और चालक इसके खिलाफ कोर्ट जाता है, तो सुनवाई से पहले चालान की 50 प्रतिशत राशि जमा करनी होगी। कोर्ट में चालान गलत पाए जाने पर जमा रकम वापस कर दी जाएगी।

Kashish Rai19 सित. 2026, 06:36 PM IST
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दिल्ली में ट्रैफिक चालान के नियम बदले, कोर्ट जाने से पहले जमा करनी होगी 50% रकम l

दिल्ली में ट्रैफिक चालान को गलत मानने वाले वाहन चालकों के लिए उसे चुनौती देने की प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। नई व्यवस्था के तहत अब किसी ई-चालान के खिलाफ वाहन चालक सीधे कोर्ट का रुख नहीं कर सकेंगे। सबसे पहले उन्हें संबंधित अधिकारी के सामने चालान को चुनौती देनी होगी। अधिकारी शिकायत और चालान से जुड़े रिकॉर्ड की जांच करने के बाद फैसला करेंगे। दिल्ली की सड़कों पर ट्रैफिक नियमों की निगरानी अब सिर्फ मौके पर मौजूद ट्रैफिक पुलिसकर्मियों तक सीमित नहीं है। सड़कों पर लगे कैमरों और दूसरे तकनीकी माध्यमों से नियमों का उल्लंघन रिकॉर्ड किया जाता है और इसके आधार पर ई-चालान जारी किया जाता है। कई बार वाहन चालक इन चालानों को गलत बताते हुए उन्हें रद्द कराने की मांग करते हैं। इसी तरह के विवादित ई-चालानों के निपटारे के लिए अब पहले विभागीय स्तर पर शिकायत करने की व्यवस्था लागू की गई है।


नई प्रक्रिया के तहत अगर किसी चालक को लगता है कि उसका ई-चालान गलत तरीके से जारी किया गया है, तो उसे पहले संबंधित अधिकारी के सामने अपनी शिकायत या अपील दर्ज करनी होगी। अधिकारी शिकायत में दिए गए तथ्यों के साथ चालान से जुड़े रिकॉर्ड की जांच करेंगे। अगर जांच में चालान गलत पाया जाता है, तो उसे अधिकारी स्तर पर ही रद्द किया जा सकता है। इसके बाद वाहन चालक को पोर्टल के माध्यम से इसकी जानकारी दी जाएगी। अगर अधिकारी चालान को सही मानता है और वाहन चालक इस फैसले से संतुष्ट नहीं है, तो वह कोर्ट में इसे चुनौती दे सकता है। हालांकि, कोर्ट में जाने के बाद भी एक नई शर्त लागू होगी। वाहन चालक को कोर्ट में सुनवाई शुरू होने से पहले चालान की 50 प्रतिशत राशि जमा करनी होगी। उदाहरण के तौर पर अगर किसी वाहन चालक पर 2,000 रुपये का चालान है और वह अधिकारी के फैसले के बाद इसे कोर्ट में चुनौती देता है, तो उसे सुनवाई से पहले 1,000 रुपये जमा करने होंगे। इसी तरह 5,000 रुपये के चालान पर कोर्ट जाने से पहले 2,500 रुपये जमा करने होंगे।

50 प्रतिशत राशि जमा करने का मतलब यह नहीं होगा कि वाहन चालक ने चालान को अंतिम रूप से स्वीकार कर लिया है। अगर कोर्ट में सुनवाई के दौरान चालान गलत पाया जाता है और उसे रद्द कर दिया जाता है, तो वाहन चालक द्वारा पहले जमा की गई 50 प्रतिशत राशि वापस कर दी जाएगी। वहीं, अगर कोर्ट चालान को सही ठहराता है, तो वाहन चालक को बाकी 50 प्रतिशत राशि भी जमा करनी होगी। पहले जमा की गई रकम चालान की कुल राशि में शामिल मानी जाएगी और शेष भुगतान के बाद चालान का निपटारा हो जाएगा। इस बदलाव का असर उन वाहन चालकों पर पड़ेगा जो कैमरा आधारित ई-चालान को गलत मानकर उसे चुनौती देना चाहते हैं। अब विवादित चालान के मामले में पहले संबंधित अधिकारी के स्तर पर शिकायत का रास्ता अपनाना होगा और वहां राहत नहीं मिलने पर ही कोर्ट में चुनौती दी जा सकेगी।