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यूक्रेन में MBBS कर रहे छात्र ने MP हाईकोर्ट का रुख किया, युद्ध के बीच 12 महीने की इंटर्नशिप नियम को दी चुनौती
यूक्रेन में MBBS की पढ़ाई कर रहे एक छात्र ने NMC के 12 महीने की अनिवार्य इंटर्नशिप नियम को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में चुनौती दी है। छात्र का कहना है कि रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच उसी विदेशी मेडिकल संस्थान में जाकर इंटर्नशिप पूरी करना संभव नहीं है। मामले में जबलपुर बेंच ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा है।

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर बेंच ने यूक्रेन में MBBS की पढ़ाई कर रहे एक छात्र की याचिका पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। छात्र ने नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) के Foreign Medical Graduate Licentiate (FMGL) Regulations, 2021 के तहत 12 महीने की इंटर्नशिप उसी विदेशी मेडिकल संस्थान में पूरा करने की अनिवार्यता को चुनौती दी है। याचिकाकर्ता का कहना है कि यूक्रेन में जारी युद्ध की परिस्थितियों के कारण संबंधित विदेशी मेडिकल संस्थान में जाकर अनिवार्य इंटर्नशिप पूरी करना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है। ऐसे में NMC के नियम को उसके मामले में लागू किए जाने से उसके मेडिकल करियर पर गंभीर असर पड़ सकता है। मामले की सुनवाई मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर बेंच में मुख्य न्यायाधीश अल्पेश यशवंत कोगजे और न्यायमूर्ति विवेक रूसिया की पीठ ने की। कोर्ट ने याचिका पर केंद्र सरकार से अपना पक्ष रखने को कहा है।
याचिका में विशेष रूप से FMGL Regulations, 2021 के उस प्रावधान की लागू होने की स्थिति पर सवाल उठाया गया है, जिसके तहत विदेश से मेडिकल की पढ़ाई करने वाले छात्रों को निर्धारित शर्तों के अनुसार इंटर्नशिप पूरी करनी होती है। छात्र की ओर से दलील दी गई है कि यूक्रेन-रूस युद्ध के कारण वहां की परिस्थितियां सामान्य नहीं हैं। ऐसे में संबंधित संस्थान में जाकर 12 महीने की इंटर्नशिप पूरी करने की शर्त को पूरा करना छात्र के लिए असंभव स्थिति पैदा कर सकती है। यह मामला विदेश से मेडिकल शिक्षा प्राप्त करने वाले भारतीय छात्रों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि भारत में मेडिकल प्रैक्टिस के लिए विदेशी मेडिकल स्नातकों को NMC के निर्धारित नियमों और आवश्यकताओं का पालन करना होता है। हाईकोर्ट के समक्ष अब केंद्र सरकार और संबंधित प्राधिकरण का जवाब महत्वपूर्ण होगा। कोर्ट के समक्ष यह सवाल भी रहेगा कि युद्ध जैसी असाधारण परिस्थितियों में विदेशी मेडिकल स्नातकों के लिए निर्धारित इंटर्नशिप की शर्तों को किस प्रकार लागू किया जा सकता है। मामला Anoop Panchoria v. Union of India के नाम से दर्ज है।
