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घोसी में बसपा का बड़ा दांव, BJP छोड़कर आए अजय जायसवाल को बनाया प्रत्याशी

मऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच बसपा ने मऊ की घोसी विधानसभा सीट से अजय जायसवाल को अपना प्रभारी प्रत्याशी घोषित किया है। कोपागंज में हुए कार्यकर्ता महासम्मेलन में बसपा के आजमगढ़ मंडल के मुख्य मंडल प्रभारी दिनेश चंद्रा ने मायावती के निर्देश पर उनके नाम का ऐलान किया। अजय जायसवाल लंबे समय तक भाजपा से जुड़े रहे और अगस्त 2026 में बसपा में शामिल हुए थे।

sd21 सित. 2026, 09:55 PM IST
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घोसी में बसपा का बड़ा दांव, BJP छोड़कर आए अजय जायसवाल को बनाया प्रत्याशी

          मऊ। उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों की तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में बहुजन समाज पार्टी ने मऊ की घोसी विधानसभा सीट से अजय जायसवाल को अपना प्रभारी प्रत्याशी घोषित कर दिया है। कोपागंज में आयोजित पार्टी के कार्यकर्ता महासम्मेलन में उनके नाम का ऐलान किया गया। बसपा के आजमगढ़ मंडल के मुख्य मंडल प्रभारी दिनेश चंद्रा ने मायावती के निर्देश पर अजय जायसवाल के नाम की घोषणा की। कार्यक्रम में पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

26 साल तक भाजपा से जुड़े रहे

अजय जायसवाल लंबे समय तक भाजपा में सक्रिय रहे हैं। नवभारत टाइम्स की अगस्त 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, वह करीब 26 साल तक भाजपा से जुड़े रहे और पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के करीबी नेताओं में गिने जाते थे। अगस्त में उन्होंने भाजपा छोड़कर बसपा की सदस्यता ली थी। बसपा में शामिल होने के बाद से ही उनके घोसी से चुनाव लड़ने की चर्चा शुरू हो गई थी। अब पार्टी ने कार्यकर्ता सम्मेलन के जरिए उनके नाम की औपचारिक घोषणा कर दी है।

सामाजिक कामों का भी किया जिक्र

प्रत्याशी घोषित होने के बाद अजय जायसवाल ने अपने सामाजिक कामों को लेकर जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वह पिछले करीब 10 साल से घोसी क्षेत्र में घर-घर जाकर लोगों के बीच काम कर रहे हैं। उन्होंने शिक्षा को अपनी प्राथमिकता बताते हुए कहा कि हर साल जीके प्रतियोगिता आयोजित कर करीब 100 बच्चों को प्रोत्साहित करते हैं। उनके मुताबिक, उनके पास आठ शव वाहन और बसें भी हैं। उन्होंने कंबल वितरण और धार्मिक यात्राओं से जुड़े सामाजिक कार्यक्रमों का भी जिक्र किया। अजय जायसवाल ने यह भी दावा किया कि कुंभ के दौरान तीन दिन मुफ्त ट्रेन की व्यवस्था की गई और करीब 17 हजार लोगों को अयोध्या धाम भेजा गया। ये आंकड़े और दावे अजय जायसवाल के बताए हुए हैं।

सम्मेलन में बसपा का शक्ति प्रदर्शन

कोपागंज में हुए सम्मेलन में बड़ी संख्या में बसपा कार्यकर्ता और समर्थक पहुंचे। स्थानीय रिपोर्ट के मुताबिक कार्यक्रम स्थल पर पार्टी के नीले झंडे लगाए गए थे। सम्मेलन में संगठन को मजबूत करने और 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी को लेकर कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने पर जोर दिया गया। मऊ जिले में विधानसभा की कुल चार सीटें हैं—मऊ सदर, घोसी, मधुबन और मोहम्मदाबाद गोहना (सुरक्षित)। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार बसपा ने इनमें से तीन सीटों पर प्रभारी प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं।

‘कमल और हाथी साथ हैं’ के आरोप पर पलटवार

सम्मेलन के दौरान सपा की ओर से लगाए जा रहे ‘कमल और हाथी साथ हैं’ वाले आरोप पर भी बसपा नेता दिनेश चंद्रा ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सपा पर पलटवार करते हुए परिवारवाद से जुड़े आरोप लगाए। यह दोनों पक्षों के राजनीतिक बयान हैं, जिनका स्वतंत्र रूप से चुनावी गठजोड़ का प्रमाण नहीं माना जा सकता।

घोसी में अभी से शुरू हुई चुनावी हलचल

अजय जायसवाल की उम्मीदवारी के ऐलान के साथ घोसी विधानसभा सीट पर 2027 के चुनाव की राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। बसपा ने काफी पहले अपना प्रभारी प्रत्याशी घोषित कर संगठन को क्षेत्र में सक्रिय करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। अब आने वाले महीनों में सपा, भाजपा और अन्य दलों की ओर से उम्मीदवारों और चुनावी रणनीति को लेकर गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद है। फिलहाल अजय जायसवाल की उम्मीदवारी को बसपा के आधिकारिक चुनावी अभियान की शुरुआती तैयारियों के तौर पर देखा जा सकता है।