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हामिद अंसारी के बयान पर सियासी घमासान, योगी ने साधा निशाना

पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी की 18 सितंबर को एजी नूरानी मेमोरियल लेक्चर में की गई टिप्पणी के बाद राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। अंसारी ने एजी नूरानी की किताब का हवाला देते हुए जवाहरलाल नेहरू से जुड़ी एक पुरानी टिप्पणी का जिक्र किया था। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंसारी के बयान को भारत और भारतीय परंपरा के खिलाफ बताते हुए आलोचना की।

Kashish Rai21 सित. 2026, 09:55 PM IST
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हामिद अंसारी के बयान पर सियासी घमासान, योगी ने साधा निशाना

पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी की टिप्पणी को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। 18 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित एजी नूरानी मेमोरियल लेक्चर में अंसारी ने संविधान विशेषज्ञ और लेखक एजी नूरानी की 2019 में प्रकाशित किताब The RSS: A Menace to India का हवाला देते हुए जवाहरलाल नेहरू से जुड़ी एक पुरानी टिप्पणी का जिक्र किया था। अंसारी के मुताबिक, नूरानी ने अपनी किताब के परिचय में नेहरू की उस टिप्पणी का उल्लेख किया था, जिसमें भारत के लिए साम्यवाद की तुलना में हिंदू दक्षिणपंथी सांप्रदायिकता को बड़ा खतरा बताया गया था। अंसारी ने यह संदर्भ विदेश मंत्रालय के अधिकारियों की एक पुरानी बैठक के रिकॉर्ड से जुड़ा बताया।


अंसारी के इस बयान के बाद बीजेपी और विश्व हिंदू परिषद से जुड़े नेताओं की ओर से आपत्ति जताई गई। विवाद के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी अंसारी पर निशाना साधा। ग्रेटर नोएडा में एक कार्यक्रम के दौरान योगी ने उनके बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि संवैधानिक पद पर रह चुके लोगों से पद की गरिमा बनाए रखने की अपेक्षा की जाती है। योगी ने आरोप लगाया कि अंसारी की टिप्पणी भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा को लेकर नकारात्मक संदेश देती है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे बयानों से भारत की सांस्कृतिक पहचान को लेकर विवाद पैदा होता है। ये मुख्यमंत्री योगी के बयान और उनके द्वारा लगाए गए आरोप हैं; इन्हें स्वतंत्र तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।


इस विवाद में अंसारी के बयान का मूल संदर्भ भी चर्चा में है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने अपने भाषण में मौजूदा राजनीतिक दलों पर सीधे टिप्पणी करने के बजाय नूरानी की किताब में दर्ज ऐतिहासिक संदर्भ और नेहरू से जुड़ी टिप्पणी का उल्लेख किया था। साथ ही उन्होंने नागरिक राष्ट्रवाद से जुड़े सवालों और धर्म के आधार पर नागरिकों के बीच अंतर किए जाने की आशंका पर भी बात की।

इसी कार्यक्रम में योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने सार्वजनिक जीवन में रहने वाले नेताओं से मर्यादा और महिलाओं के सम्मान की अपेक्षा की बात कही। योगी ने भारतीय परंपरा में महिलाओं के सम्मान से जुड़ी संस्कृत उक्ति का भी उल्लेख किया। इस तरह हामिद अंसारी की टिप्पणी पर शुरू हुई बहस अब भारतीय राष्ट्रवाद, सांप्रदायिकता और संवैधानिक पदों की मर्यादा जैसे मुद्दों तक पहुंच गई है। 21 सितंबर तक इस मुद्दे पर बीजेपी, विपक्षी नेताओं और कुछ मुस्लिम धर्मगुरुओं की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ चुकी हैं।