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ऑनलाइन खाने की बिक्री पर नजर, FSSAI लाएगा AI सिस्टम

नई दिल्ली: ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बिकने वाले खाद्य उत्पादों की निगरानी को मजबूत करने के लिए FSSAI AI आधारित सिस्टम का परीक्षण कर रहा है। यह सिस्टम ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर खाद्य सुरक्षा से जुड़े संभावित उल्लंघनों की पहचान करने में मदद करेगा। निगरानी में क्लाउड किचन और डार्क स्टोर भी शामिल हैं।

Neha Sharma21 सित. 2026, 09:55 PM IST
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ऑनलाइन खाने की बिक्री पर नजर, FSSAI लाएगा AI सिस्टम

नई दिल्ली: ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से बिकने वाले खाद्य उत्पादों की निगरानी अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के जरिए भी की जाएगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) एक ऐसे AI आधारित सिस्टम का परीक्षण कर रहा है, जो ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर खाद्य सुरक्षा से जुड़े संभावित उल्लंघनों की पहचान कर संबंधित अधिकारियों को जानकारी दे सकेगा। FSSAI इस सिस्टम पर इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के साथ काम कर रहा है।


ऑनलाइन फूड बिक्री पर बढ़ी निगरानी

FSSAI के मुताबिक ऑनलाइन खाद्य कारोबार तेजी से बढ़ रहा है। ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, क्विक-कॉमर्स, डार्क स्टोर और क्लाउड किचन के विस्तार के साथ खाद्य सुरक्षा की निगरानी का दायरा भी बढ़ रहा है। नए AI सिस्टम की शुरुआती निगरानी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर रखी जा रही है, क्योंकि ऑनलाइन उपलब्ध जानकारी के आधार पर कुछ उल्लंघनों की पहचान करना अपेक्षाकृत आसान है। कुछ राज्यों में भी खाद्य कारोबारियों के खिलाफ नोटिस जारी करने की प्रक्रिया में AI आधारित तकनीक का प्रयोग शुरू किया गया है।


ई-कॉमर्स कंपनियों की भी जिम्मेदारी

FSSAI ने स्पष्ट किया है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म केवल उत्पाद बेचने की जगह होने के आधार पर जिम्मेदारी से पूरी तरह अलग नहीं हो सकते। ऑनलाइन उपलब्ध खाद्य उत्पादों से जुड़ी जरूरी जानकारी उपभोक्ताओं को उसी तरह मिलनी चाहिए, जैसी जानकारी पैकेट के भौतिक लेबल पर दी जाती है। इसमें उत्पाद की लेबल संबंधी जानकारी शामिल है।

FSSAI की दिसंबर 2024 की एडवाइजरी में भी ई-कॉमर्स खाद्य कारोबारियों को वैध FSSAI लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन नंबर प्रदर्शित करने और ऑनलाइन किए गए उत्पाद दावों को पैकेजिंग पर दी गई जानकारी के अनुरूप रखने को कहा गया था।


डार्क स्टोर और क्लाउड किचन भी जांच के दायरे में

FSSAI और राज्य खाद्य सुरक्षा विभाग अब डार्क स्टोर और क्लाउड किचन पर भी निगरानी बढ़ा रहे हैं। डार्क स्टोर में मुख्य रूप से रेफ्रिजरेशन और कोल्ड-चेन व्यवस्था की जांच की जा रही है, जबकि क्लाउड किचन में साफ-सफाई और हाइजीन पर ध्यान दिया जा रहा है।


खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की जांच एक समान अंतराल पर नहीं, बल्कि जोखिम के आधार पर की जाती है। दूध और डेयरी उत्पाद, मांस, अंडे, पोल्ट्री, मसाले और शहद जैसे अपेक्षाकृत अधिक जोखिम वाले खाद्य कारोबारों पर ज्यादा निगरानी रखी जाती है। जिन कारोबारियों का पहले अनुपालन रिकॉर्ड खराब रहा है या जिन्हें नोटिस मिल चुके हैं, उन्हें भी अधिक जोखिम वाली श्रेणी में रखा जा सकता है।


ऑनलाइन खरीदारी में उपभोक्ताओं को क्या जानकारी मिलेगी?

FSSAI का जोर इस बात पर है कि ऑनलाइन खरीदारी के दौरान उपभोक्ता को खाद्य उत्पाद के बारे में पर्याप्त और सही जानकारी मिले। FSSAI की एडवाइजरी के अनुसार ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर विक्रेता का वैध लाइसेंस/रजिस्ट्रेशन और, जहां लागू हो, हाइजीन रेटिंग जैसी जानकारी दिखाना महत्वपूर्ण है।


आगे बढ़ेगा AI का इस्तेमाल

FSSAI के अनुसार AI आधारित निगरानी व्यवस्था का उद्देश्य ऑनलाइन बाजार में संभावित खाद्य सुरक्षा उल्लंघनों की पहचान को आसान बनाना है। इसके साथ ही राज्य खाद्य सुरक्षा विभागों की जांच और कार्रवाई भी जारी रहेगी। नियामक का कहना है कि ऑनलाइन खाद्य कारोबार बढ़ने के साथ निगरानी के लिए तकनीक का इस्तेमाल महत्वपूर्ण होता जा रहा है।