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पासपोर्ट होने से विदेश जाने का स्वतः अधिकार नहीं, लंबित आपराधिक मामले में पुलिस कोर्ट से करा सकती है सरेंडर: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि पासपोर्ट जारी होने मात्र से किसी व्यक्ति को विदेश यात्रा का स्वतः अधिकार नहीं मिल जाता। कोर्ट ने कहा कि आपराधिक मामला लंबित होने के आधार पर पासपोर्ट जारी करने से सीधे इनकार नहीं किया जा सकता, लेकिन यदि विदेश जाने से जांच या न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका हो तो पुलिस संबंधित अदालत से पासपोर्ट सरेंडर कराने की मांग कर सकती है।

Sonali21 सित. 2026, 09:55 PM IST
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पासपोर्ट होने से विदेश जाने का स्वतः अधिकार नहीं, लंबित आपराधिक मामले में पुलिस कोर्ट से करा सकती है सरेंडर: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि पासपोर्ट का होना किसी व्यक्ति को विदेश जाने का स्वतः अधिकार नहीं देता। हालांकि, केवल इस आधार पर कि किसी व्यक्ति के खिलाफ आपराधिक मामला लंबित है, उसे पासपोर्ट जारी करने से इनकार नहीं किया जा सकता। यदि पुलिस को आशंका है कि आरोपी विदेश जाकर जांच या न्यायिक कार्यवाही से बच सकता है, तो वह संबंधित अदालत से पासपोर्ट सरेंडर कराने का आदेश मांग सकती है। यह फैसला 21 सितंबर 2026 को रिपोर्ट किया गया।

आपराधिक मामला लंबित होने पर भी पासपोर्ट जारी करने से सीधे इनकार नहीं

हाईकोर्ट ने पासपोर्ट रखने और विदेश यात्रा करने के अधिकार को अलग-अलग कानूनी पहलुओं के रूप में देखा। अदालत के अनुसार, किसी व्यक्ति के खिलाफ आपराधिक मुकदमा लंबित होना अपने आप में पासपोर्ट जारी करने से इनकार करने का पर्याप्त आधार नहीं है। यानी लंबित आपराधिक कार्यवाही और पासपोर्ट जारी करने के बीच स्वतः पूर्ण रोक नहीं लगाई जा सकती। हालांकि, इसका अर्थ यह भी नहीं है कि पासपोर्ट मिल जाने के बाद संबंधित व्यक्ति बिना किसी कानूनी प्रतिबंध के देश छोड़ सकता है।

पुलिस अदालत का रुख कर सकती है

अदालत ने कहा कि यदि जांच एजेंसी को लगता है कि आरोपी के विदेश जाने से जांच प्रभावित हो सकती है या वह न्यायिक प्रक्रिया से बच सकता है, तो पुलिस सीधे पासपोर्ट जब्त करने के बजाय संबंधित न्यायालय के समक्ष आवेदन कर सकती है। अदालत परिस्थितियों को देखते हुए पासपोर्ट सरेंडर करने का निर्देश देने पर विचार कर सकती है।

इस तरह हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि पासपोर्ट यात्रा के लिए एक आवश्यक दस्तावेज है, लेकिन उसका होना विदेश यात्रा की असीमित या स्वतः गारंटी नहीं है।

विदेश जाने पर कानूनी नियंत्रण संभव

फैसले का महत्वपूर्ण पहलू यह है कि लंबित आपराधिक मामले में आरोपी के विदेश जाने पर रोक लगाने के लिए कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा सकती है। पुलिस को इसके लिए अदालत का सहारा लेना होगा और संबंधित न्यायालय मामले की परिस्थितियों के आधार पर उचित आदेश पारित कर सकता है। इलाहाबाद हाईकोर्ट का यह फैसला उन मामलों में महत्वपूर्ण है जहां किसी आरोपी के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही लंबित है और उसके विदेश जाने की संभावना को लेकर जांच एजेंसी को चिंता है। अदालत ने एक तरफ पासपोर्ट जारी करने के अधिकार को केवल लंबित मामले के आधार पर सीमित करने से इनकार किया, वहीं दूसरी तरफ यह भी स्पष्ट किया कि पासपोर्ट मिलना विदेश जाने का स्वतः और निर्बाध अधिकार नहीं बनाता।