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फर्जी पुलिस बनकर कारोबारी का अपहरण, 13 लाख और जेवर लूटे

लखनऊ के कृष्णानगर में फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर कारोबारी का अपहरण और वसूली करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। मामले में 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने 220 से ज्यादा CCTV फुटेज खंगालकर आरोपियों तक पहुंच बनाई।

Kashish Rai21 सित. 2026, 09:56 PM IST
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फर्जी पुलिस बनकर कारोबारी का अपहरण, 13 लाख और जेवर लूटे

लखनऊ के कृष्णानगर थाना क्षेत्र में फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर कारोबारी का अपहरण करने और 13 लाख रुपये नकद व जेवर वसूलने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मामले में 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है। मामले का खुलासा डीसीपी साउथ मोहम्मद मुश्ताक ने किया। राजेंद्रनगर निवासी कारोबारी सुदर्शन घोष ने 13 सितंबर को कृष्णानगर थाने में अपहरण और फिरौती से संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। कारोबारी के मुताबिक, वह अपने दफ्तर जा रहे थे, तभी कुछ लोगों ने खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए फर्जी पहचान पत्र दिखाया और उन्हें जबरन कार में बैठा लिया।


पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने कारोबारी को डराया-धमकाया और उनकी पत्नी को फोन कर घर से नकदी और जेवर मंगवाए। इस तरह आरोपियों ने करीब 13 लाख रुपये नकद और जेवर हासिल किए। जांच में सामने आया कि वारदात अचानक नहीं हुई थी, बल्कि इसकी पहले से योजना बनाई गई थी। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने लखनऊ में मौजूद एक व्यक्ति के जरिए कारोबारी की आर्थिक स्थिति और उनकी आवाजाही की जानकारी जुटाई थी। इसके बाद गिरोह के सदस्यों ने कारोबारी की रेकी की और मौका मिलने पर अपहरण की वारदात को अंजाम दिया।


मामले की जांच के लिए पुलिस ने 8 विशेष टीमों के साथ सर्विलांस सेल को लगाया। टीमों ने घटनास्थल से लेकर आरोपियों के आने-जाने वाले रास्तों तक करीब 220 से 240 CCTV फुटेज खंगाले। तकनीकी साक्ष्यों और मैनुअल इनपुट के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची। पुलिस ने अनुराग, लवी कुमार, दीपांशु कुमार, अनुराग कुमार, आकाश चौधरी और मनीष कुमार को गिरफ्तार किया। पूछताछ में पुलिस को पता चला कि आरोपी गाड़ियों पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर वारदात करते थे। घटना के बाद वे अलग-अलग राज्यों में चले गए थे और कथित तौर पर लूटी गई रकम आपस में बांट ली थी। पुलिस के मुताबिक, आरोपी किसी नई वारदात की तैयारी के लिए दोबारा लखनऊ पहुंचे थे। इसी दौरान उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। अब पुलिस गिरोह से जुड़े फरार आरोपियों की तलाश के साथ कारोबारी से वसूली गई रकम और जेवरों की बरामदगी के प्रयास कर रही है।