railway

Western रेलवे स्टेशनों पर अब किराना से फोटोकॉपी तक की सुविधा, Western Railway को 5 साल में ₹1.20 करोड़ गैर-किराया आय का लक्ष्य

मुंबई के यात्रियों को अब स्टेशन परिसर में ही किराना, स्टेशनरी, फल-सब्जियां और फोटोकॉपी-प्रिंटिंग जैसी सुविधाएं मिल सकती हैं। Western Railway ने अंधेरी, नायगांव, विरार, जोगेश्वरी और मुंबई सेंट्रल को इस योजना के लिए चुना है। रिपोर्ट के अनुसार, इन स्टेशन स्पेस से पांच साल में करीब ₹1.20 करोड़ गैर-किराया राजस्व जुटाने का लक्ष्य है।

Kalpana Gautam28 सित. 2026, 10:01 AM IST
खबर शेयर करें:
Western रेलवे स्टेशनों पर अब किराना से फोटोकॉपी तक की सुविधा, Western Railway को 5 साल में ₹1.20 करोड़ गैर-किराया आय का लक्ष्य

मुंबई: मुंबई लोकल से रोज सफर करने वाले यात्रियों के लिए रेलवे स्टेशन अब सिर्फ ट्रेन पकड़ने की जगह नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने का एक और विकल्प बनने जा रहे हैं। Western Railway ने मुंबई के पांच प्रमुख स्टेशनों पर प्रीमियम मल्टी-यूटिलिटी स्टोर शुरू करने की योजना बनाई है। इन स्टोरों में यात्रियों को किराना, पैकेज्ड सामान, स्टेशनरी, फल-सब्जियां और फोटोकॉपी व प्रिंटिंग जैसी सुविधाएं एक ही जगह मिलने की उम्मीद है।


रिपोर्ट के मुताबिक, इस योजना में अंधेरी, नायगांव, विरार, जोगेश्वरी और मुंबई सेंट्रल स्टेशन शामिल हैं। पहले चरण में अंधेरी, नायगांव और विरार में जगह तथा वार्षिक किराये की संरचना तय किए जाने की बात कही गई है। इसके बाद जोगेश्वरी और मुंबई सेंट्रल पर टेंडर प्रक्रिया के जरिए निजी ऑपरेटरों का चयन किया जाना है।


इस योजना का एक अहम पहलू गैर-किराया राजस्व (Non-Fare Revenue) बढ़ाना है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, स्टेशन परिसर की व्यावसायिक जगह को लीज पर देकर Western Railway को पांच वर्षों में करीब ₹1.20 करोड़ की आय होने का अनुमान है। यानी रेलवे यात्री किराए में बदलाव किए बिना स्टेशन की खाली या उपलब्ध जगह से अतिरिक्त आमदनी जुटाने की कोशिश कर रहा है।


यात्रियों के लिहाज से भी यह पहल उपयोगी हो सकती है। रोजाना ऑफिस जाने वाले यात्री स्टेशन से निकलने से पहले जरूरी सामान, स्टेशनरी या दस्तावेजों की फोटोकॉपी-प्रिंटिंग जैसी सेवाएं ले सकेंगे। शाम को घर लौटते समय रोजमर्रा का कुछ सामान खरीदने की सुविधा भी स्टेशन परिसर में मिल सकती है।


Western Railway पहले भी स्टेशन परिसर में गैर-किराया आय बढ़ाने के लिए व्यावसायिक सुविधाओं का इस्तेमाल कर चुका है। मुंबई सेंट्रल पर डिजिटल लाउंज और को-वर्किंग सुविधा शुरू की गई थी, जिससे पांच वर्षों में करीब ₹3.2 करोड़ गैर-किराया राजस्व मिलने का अनुमान बताया गया था।