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IT सेक्टर में AI का बड़ा बदलाव, कैंपस प्लेसमेंट की रफ्तार हुई धीमी
AI के बढ़ते इस्तेमाल ने भारत के IT सेक्टर के पारंपरिक ग्रोथ मॉडल को बदलना शुरू कर दिया है। Nasscom अध्यक्ष राजेश नांबियार के मुताबिक, कंपनियां अब कम कर्मचारियों के साथ भी तेजी से ग्रोथ कर सकती हैं। हालांकि, कैंपस हायरिंग अभी कमजोर बनी हुई है और युवाओं को AI व नई तकनीकी स्किल्स पर ध्यान देने की जरूरत है।

नई दिल्ली: भारत के IT और BPM सेक्टर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल ने उद्योग के पारंपरिक ग्रोथ मॉडल को बदलना शुरू कर दिया है। Nasscom के अध्यक्ष राजेश नांबियार के मुताबिक, AI की मदद से कंपनियां अब कर्मचारियों की संख्या में उसी अनुपात में बढ़ोतरी किए बिना भी अपना राजस्व बढ़ा सकती हैं।
नांबियार ने बताया कि पिछले वित्त वर्ष में सेक्टर का राजस्व करीब 6.1–6.2% बढ़ा, जबकि कर्मचारियों की संख्या में लगभग 3.1% की वृद्धि हुई। FY26 के अंत तक IT services, BPM, ER&D और GCCs को मिलाकर यह सेक्टर करीब 316 अरब डॉलर का था।
हालांकि, इसका असर कैंपस हायरिंग पर भी दिखाई दे रहा है। बड़ी IT और BPM कंपनियों ने पिछले तीन वर्षों में कैंपस से होने वाली भर्तियों में कटौती की है। नांबियार के अनुसार, AI ट्रांजिशन पूरा होने तक अगले एक से तीन वर्षों में पहले जैसी कैंपस हायरिंग की वापसी मुश्किल हो सकती है।
उन्होंने कहा कि AI केवल नौकरियां कम करने का माध्यम नहीं है। कंपनियों में AI को वास्तविक बिजनेस प्रक्रियाओं में लागू करने के लिए नए सॉफ्टवेयर, टेक्नोलॉजी और विशेषज्ञता की जरूरत होगी। इसलिए भविष्य में ऐसे कर्मचारियों की मांग बढ़ सकती है जिनके पास AI और अन्य आधुनिक तकनीकी कौशल हों। नांबियार ने कर्मचारियों को भी अपने कौशल को लगातार अपडेट करने की सलाह दी। उनके मुताबिक, AI के दौर में कर्मचारियों को अपनी करियर ग्रोथ की जिम्मेदारी खुद भी लेनी होगी।
