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भारत-वेस्टइंडीज वनडे के बाद ICC का एक्शन, टीम इंडिया पर 20% और वेस्टइंडीज पर 10% जुर्माना
वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज के आखिरी मुकाबले में हार के बाद भारतीय टीम पर ICC ने जुर्माना लगाया है। स्लो ओवर रेट के नियमों का उल्लंघन करने के चलते टीम इंडिया की मैच फीस का 20 प्रतिशत, जबकि वेस्टइंडीज की टीम पर 10 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया है। भारत निर्धारित समय में चार ओवर पीछे रहा, जबकि वेस्टइंडीज ने दो ओवर कम फेंके। मुल्लांपुर में खेले गए इस मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 352 रन का लक्ष्य दिया था, जिसे वेस्टइंडीज ने कप्तान शाई होप की नाबाद 162 रनों की पारी के दम पर 10 गेंद शेष रहते पांच विकेट से हासिल कर लिया। हालांकि भारत शुरुआती दोनों मुकाबले जीतकर सीरीज पहले ही अपने नाम कर चुका था, लेकिन आखिरी मैच में जीत दर्ज न कर पाने के कारण टीम क्लीन स्वीप से चूक गई।

वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज के आखिरी मुकाबले में भारतीय टीम को पांच विकेट से हार का सामना करना पड़ा, लेकिन मैच खत्म होने के बाद टीम इंडिया की मुश्किलें यहीं खत्म नहीं हुईं। इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल यानी ICC ने भारत और वेस्टइंडीज दोनों टीमों के खिलाफ धीमी ओवर गति को लेकर कार्रवाई की है। दोनों टीमों को निर्धारित समय में अपने ओवर पूरे नहीं करने का दोषी पाया गया, जिसके बाद ICC ने मैच फीस के तौर पर जुर्माना लगाया है।
मुल्लांपुर में खेले गए इस मुकाबले में भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए वेस्टइंडीज के सामने 352 रनों का बड़ा लक्ष्य रखा था। भारत को उम्मीद थी कि वह इस मुकाबले को जीतकर तीन मैचों की सीरीज में वेस्टइंडीज का क्लीन स्वीप करेगा। हालांकि वेस्टइंडीज ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए भारतीय गेंदबाजों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। कप्तान शाई होप ने नाबाद 162 रनों की शानदार पारी खेली और अपनी टीम को लक्ष्य तक पहुंचाया। वेस्टइंडीज ने 10 गेंद बाकी रहते पांच विकेट से मुकाबला अपने नाम कर लिया।
भारत ने शुरुआती दोनों वनडे मुकाबले जीतकर सीरीज पहले ही अपने नाम कर ली थी। इसलिए आखिरी मैच का नतीजा सीरीज के विजेता पर असर नहीं डालता था, लेकिन भारतीय टीम के पास वेस्टइंडीज का 3-0 से सफाया करने का मौका था। आखिरी मुकाबला गंवाने के साथ ही भारत इस उपलब्धि से चूक गया। अब ICC ने मैच के दौरान धीमी ओवर गति को लेकर दोनों टीमों पर जुर्माना लगाया है। भारतीय टीम निर्धारित समय के हिसाब से चार ओवर पीछे रह गई थी। इसके चलते ICC ने भारतीय खिलाड़ियों की मैच फीस का 20 प्रतिशत जुर्माना लगाया।
वहीं वेस्टइंडीज की टीम निर्धारित समय में दो ओवर कम फेंक सकी, जिसके कारण उसके खिलाड़ियों की मैच फीस का 10 प्रतिशत काटा गया।
यह कार्रवाई ICC की आचार संहिता के अनुच्छेद 2.22 के तहत की गई है। इस नियम के मुताबिक निर्धारित समय में कम फेंके गए प्रत्येक ओवर के लिए खिलाड़ियों की मैच फीस का पांच प्रतिशत जुर्माना लगाया जाता है। इसी नियम के आधार पर भारत के चार ओवर कम होने के कारण 20 प्रतिशत और वेस्टइंडीज के दो ओवर कम होने के कारण 10 प्रतिशत का जुर्माना लगाया गया।
ICC के इंटरनेशनल पैनल ऑफ मैच रेफरी प्रकाश भट्ट ने दोनों टीमों पर यह जुर्माना लगाया। समय से जुड़ी रियायतों को शामिल करने के बाद भी दोनों टीमों को न्यूनतम ओवर रेट से जुड़े नियमों का उल्लंघन करने का दोषी पाया गया।
मामले में खास बात यह रही कि भारतीय कप्तान और वेस्टइंडीज के कप्तान दोनों ने धीमी ओवर गति से जुड़े आरोपों को स्वीकार कर लिया। दोनों टीमों ने ICC की ओर से प्रस्तावित सजा पर भी सहमति जताई और अपराध स्वीकार कर लिया। ऐसे में मामले की औपचारिक सुनवाई की जरूरत नहीं पड़ी और सीधे जुर्माना लगाया गया। धीमी ओवर गति को लेकर आरोप मैदानी अंपायर जयरामन मदनगोपाल और सैम नोगाज्स्की, थर्ड अंपायर शरफुद्दौला इब्ने शाहिद और फोर्थ अंपायर वीरेंद्र शर्मा की ओर से लगाए गए थे। इसके बाद मैच रेफरी ने उपलब्ध जानकारी और दोनों कप्तानों की स्वीकारोक्ति के आधार पर कार्रवाई की।
इस तरह वनडे सीरीज के आखिरी मुकाबले में जहां भारत को मैदान पर पांच विकेट से हार का सामना करना पड़ा, वहीं मैच के बाद स्लो ओवर रेट के कारण टीम इंडिया को आर्थिक जुर्माना भी भरना पड़ा। वेस्टइंडीज को भी जीत के बावजूद धीमी ओवर गति की कीमत चुकानी पड़ी। भारत ने हालांकि सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली, लेकिन आखिरी मुकाबले में हार और इसके बाद ICC का जुर्माना टीम के लिए निराशाजनक रहा।
