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मिडिल ईस्ट में तनाव, तेल की सप्लाई पर चिंता; Crude Oil के दाम चढ़े
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और तेल की सप्लाई को लेकर चिंता के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। Brent Crude करीब 4% चढ़कर 104 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया। Strait of Hormuz में शिपिंग को लेकर बढ़ी चिंता ने तेल बाजार पर दबाव बढ़ाया है।

नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर अब कच्चे तेल की कीमतों पर भी दिखाई दे रहा है। गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में Brent crude की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गई। तेल की सप्लाई को लेकर बढ़ती चिंता और Gulf क्षेत्र में शिपिंग पर हमलों ने कीमतों को बढ़ावा दिया है।
Brent Crude की कीमत में उछाल
Reuters के मुताबिक, गुरुवार को Brent crude futures करीब 2.28 डॉलर बढ़कर 102.28 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया। वहीं अमेरिकी WTI crude भी बढ़कर करीब 89.94 डॉलर प्रति बैरल हो गया। बाजार में दिन के कारोबार के दौरान Brent की कीमत 104 डॉलर के आसपास भी पहुंची। इसका मुख्य कारण मिडिल ईस्ट से तेल की सप्लाई को लेकर बढ़ती चिंता बताई जा रही है।
Strait of Hormuz को लेकर बढ़ी चिंता
तेल बाजार के लिए Strait of Hormuz बेहद महत्वपूर्ण समुद्री रास्ता है। इस रास्ते से युद्ध से पहले दुनिया के करीब 20% तेल और ईंधन की सप्लाई गुजरती थी। हाल के दिनों में Gulf और Strait of Hormuz में तेल टैंकरों पर हमलों की खबरों ने सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ा दी है। इससे तेल कंपनियों और कारोबारियों को शिपिंग के लिए ज्यादा जोखिम और खर्च उठाना पड़ रहा है।
अमेरिका में भी सप्लाई पर असर
तेल की कीमत बढ़ने की एक वजह अमेरिका में मौसम से जुड़ी चिंता भी है। Hurricane Isaias के खतरे के कारण Gulf of Mexico में कुछ तेल कंपनियों ने अपना उत्पादन रोक दिया है। इससे बाजार में सप्लाई को लेकर दबाव और बढ़ गया।
आगे क्या हो सकता है?
अगर मिडिल ईस्ट में तनाव और तेल की सप्लाई को लेकर चिंता बनी रहती है, तो कच्चे तेल की कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। हालांकि, International Energy Agency ने बाजार में सप्लाई बनाए रखने के लिए रणनीतिक तेल भंडार जारी करने की योजना को आगे बढ़ाया है। कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी का असर आगे चलकर पेट्रोल-डीजल, ट्रांसपोर्ट और दूसरी वस्तुओं की कीमतों पर भी पड़ सकता है।
