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मेघालय के शिलांग में ग्रामीण विकास मंत्रालय की बैठक, युवाओं को रोजगार देने की रणनीति पर चर्चा

ग्रामीण विकास मंत्रालय ने 7 और 8 अक्टूबर 2026 को शिलांग में ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थानों (RSETI) की राष्ट्रीय बैठक आयोजित की। इस बैठक में गांव के युवाओं को काम सीखने, अपना व्यवसाय शुरू करने और बैंक से लोन पाने में मदद करने पर चर्चा हुई। साथ ही, ट्रेनिंग को बेहतर बनाने और नई डिजिटल तकनीक व AI का इस्तेमाल बढ़ाने पर जोर दिया गया। इसका मुख्य उद्देश्य गांव के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना और रोजगार के अवसर बढ़ाना है।

Neha Sharma09 अक्टू. 2026, 02:38 PM IST
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मेघालय के शिलांग में ग्रामीण विकास मंत्रालय की बैठक, युवाओं को रोजगार देने की रणनीति पर चर्चा

नई दिल्ली, 9 अक्टूबर 2026। ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा ग्रामीण युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रशिक्षित करने तथा ग्रामीण आजीविका को मजबूत बनाने के उद्देश्य से मेघालय की राजधानी शिलांग में ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थानों (RSETI) के हितधारकों की दो दिवसीय राष्ट्रीय स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। यह बैठक 7 और 8 अक्टूबर को मेघालय सरकार तथा नेशनल एकेडमी ऑफ RSETI (NAR) के सहयोग से हुई।


बैठक में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय, राज्य सरकारों, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशनों (SRLMs), प्रायोजक बैंकों, NAR और विभिन्न RSETI के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य वित्तीय वर्ष के मध्य तक हुई प्रगति की समीक्षा करना और शेष दो तिमाहियों के लिए कार्ययोजना तैयार करना था।


प्रशिक्षण व्यवस्था को आधुनिक बनाने पर जोर

बैठक में ग्रामीण युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों को आधुनिक बनाने, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित डिजिटल परिवर्तन को बढ़ावा देने तथा प्रशिक्षण प्राप्त करने वालों के लिए ऋण सुविधाओं और बैंकों से जुड़ाव को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया।


हर जिले में प्रशिक्षण संस्थान स्थापित करने का लक्ष्य

RSETI ग्रामीण विकास मंत्रालय की एक प्रमुख पहल है। इसे केंद्र सरकार, राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों और प्रायोजक बैंकों की साझेदारी से संचालित किया जाता है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य प्रत्येक जिले में ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान स्थापित करना है, ताकि ग्रामीण युवाओं को स्थानीय जरूरतों के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण मिल सके और वे अपना रोजगार शुरू करने में सक्षम बनें।


ग्रामीण आजीविका को मिलेगा बढ़ावा

बैठक में संस्थानों की भौतिक और वित्तीय प्रगति की समीक्षा के साथ-साथ प्रशिक्षण की गुणवत्ता, डिजिटल तकनीक के उपयोग तथा बैंक ऋण तक पहुंच को बेहतर बनाने की रणनीतियों पर विचार किया गया। इन प्रयासों का उद्देश्य ग्रामीण युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना, स्वरोजगार के अवसर बढ़ाना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है।