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राहुल गांधी के प्रदर्शन पर सुप्रीम कोर्ट में बहस, महिला पुलिसकर्मियों से बदसलूकी के आरोप; प्रतिबंधों पर उठे सवाल

दिल्ली में कांग्रेस और INDIA गठबंधन के प्रदर्शन को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने महिला पुलिसकर्मियों के साथ कथित बदसलूकी और उनके घायल होने के आरोप लगाए। वहीं, याचिकाकर्ताओं के वकीलों ने प्रदर्शन पर लगाए गए प्रतिबंधों को चुनौती दी। अदालत ने प्रदर्शन के अधिकार और आम नागरिकों की आवाजाही के बीच संतुलन बनाने पर जोर दिया तथा पुलिस से प्रतिबंधों से संबंधित वास्तविक आदेश मांगा।

Kashish Rai10 अक्टू. 2026, 05:23 PM IST
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राहुल गांधी के प्रदर्शन पर सुप्रीम कोर्ट में बहस, महिला पुलिसकर्मियों से बदसलूकी के आरोप; प्रतिबंधों पर उठे सवाल

दिल्ली में राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस और INDIA गठबंधन के नेताओं द्वारा किए गए प्रदर्शन को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान महिला पुलिसकर्मियों के साथ बदसलूकी की गई और कुछ पुलिसकर्मी घायल हुए। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई थी। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन नागरिकों का अधिकार है, लेकिन आम लोगों की आवाजाही और जरूरी सुविधाओं का भी ध्यान रखना जरूरी है। याचिकाकर्ताओं ने मेट्रो स्टेशन बंद करने, ट्रेनों को रद्द करने और दिल्ली की सीमाओं पर सख्ती जैसे कथित प्रतिबंधों पर सवाल उठाए। अदालत ने पुलिस की कार्रवाई का आधार समझने के लिए संबंधित आदेश पेश करने को कहा।

केंद्र सरकार ने दलील दी कि संभावित अव्यवस्था रोकने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबंध लगाए गए थे। वहीं, अदालत ने प्रदर्शनकारियों के अधिकारों और आम जनता की सुविधाओं के बीच संतुलन बनाए रखने पर जोर दिया। पीठ ने यह भी कहा कि प्रदर्शन के नाम पर हाईवे जाम नहीं किए जा सकते। प्रदर्शन के बाद बीजेपी ने राहुल गांधी पर एक महिला पुलिस अधिकारी के साथ अनुचित व्यवहार करने का आरोप लगाया। पार्टी नेताओं ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा कर उनसे माफी की मांग की। इन आरोपों पर कांग्रेस की तत्काल प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और INDIA गठबंधन के कई नेताओं को पुलिस ने रोका और हिरासत में लिया। अब मामले में अदालत यह जांच कर रही है कि प्रशासन द्वारा लगाए गए प्रतिबंध कितने जरूरी और कानूनी रूप से उचित थे।