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RBI के फैसले से रुपये को बड़ा सहारा, डॉलर के सामने रुपये की दमदार वापसी

RBI के नए कदमों के बाद भारतीय रुपये में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले जोरदार तेजी देखने को मिली। इन उपायों का मकसद डॉलर की मांग को नियंत्रित करना और रुपये पर बढ़ते दबाव को कम करना है।

Neha Sharma12 अक्टू. 2026, 04:16 PM IST
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RBI के फैसले से रुपये को बड़ा सहारा, डॉलर के सामने रुपये की दमदार वापसी

भारतीय रुपये ने सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले जोरदार वापसी की। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नए कदमों के बाद रुपया करीब 1% मजबूत होकर 95.74–95.76 प्रति डॉलर के स्तर पर पहुंच गया। यह पिछले छह महीनों में रुपये की सबसे बड़ी एकदिवसीय तेजी बताई जा रही है। 


RBI ने क्या कदम उठाए?

रुपये को संभालने के लिए RBI ने विदेशी मुद्रा बाजार में डॉलर की मांग कम करने के उद्देश्य से कई कदम उठाए हैं। इनमें तेल कंपनियों की डॉलर जरूरतों के लिए विशेष व्यवस्था, कुछ विदेशी मुद्रा डेरिवेटिव सौदों पर सख्त नियम और चुनिंदा हेजिंग कॉन्ट्रैक्ट्स पर बैंकों के लिए 20% नकद रिजर्व की शर्त शामिल है। इन उपायों का मकसद डॉलर की अतिरिक्त मांग और रुपये पर पड़ रहे दबाव को कम करना है। 


रुपये में तेजी क्यों आई?

भारत की तेल कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार से कच्चा तेल खरीदने के लिए बड़ी मात्रा में डॉलर की जरूरत होती है। जब डॉलर की मांग बढ़ती है, तो रुपये पर दबाव पड़ता है। RBI के नए उपायों से इस मांग को नियंत्रित करने की उम्मीद है। इसके अलावा, विदेशी मुद्रा बाजार में केंद्रीय बैंक का समर्थन भी रुपये को मजबूती देने वाला कारक रहा। 


क्या रुपये की तेजी बनी रहेगी?

फिलहाल रुपये को राहत जरूर मिली है, लेकिन आगे की स्थिति कई कारकों पर निर्भर करेगी। कच्चे तेल की कीमतें, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां, अमेरिकी डॉलर की मजबूती और वैश्विक तनाव रुपये की दिशा को प्रभावित कर सकते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर भारत पर बाहरी आर्थिक दबाव बना रहता है, तो रुपये में दोबारा कमजोरी देखने को मिल सकती है। RBI के ताजा कदमों से रुपये को तत्काल मजबूती मिली है। हालांकि, लंबे समय तक इस तेजी को बनाए रखने के लिए डॉलर की मांग, तेल की कीमतों और विदेशी पूंजी के प्रवाह पर नजर रखना जरूरी होगा।