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Foreign Investors ने फिर खींचे हाथ, भारतीय बाजार से ₹44,166 करोड़ बाहर

अक्टूबर 2026 में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) ने भारतीय शेयर बाजार से ₹44,166 करोड़ की निकासी की। अमेरिकी डॉलर की मजबूती, कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के बीच विदेशी निवेशकों की बिकवाली से बाजार पर दबाव बढ़ने की आशंका है।

Neha Sharma12 अक्टू. 2026, 04:15 PM IST
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Foreign Investors ने फिर खींचे हाथ, भारतीय बाजार से ₹44,166 करोड़ बाहर

भारतीय शेयर बाजार से विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली जारी है। अक्टूबर 2026 में अब तक विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) ने भारतीय शेयरों से ₹44,166 करोड़ की निकासी की है। इसके साथ ही 2026 में विदेशी निवेशकों की कुल निकासी बढ़कर ₹3.04 लाख करोड़ हो गई है। यह आंकड़ा पूरे 2025 में हुई ₹1.66 लाख करोड़ की निकासी से भी काफी ज्यादा है। 


विदेशी निवेशक पैसा क्यों निकाल रहे हैं?

विदेशी निवेशकों की बिकवाली के पीछे कई वैश्विक कारण बताए जा रहे हैं। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें, अमेरिकी डॉलर की मजबूती और अमेरिका में सरकारी बॉन्ड पर बढ़ता रिटर्न निवेशकों को भारतीय बाजार से पैसा निकालने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। इसके अलावा, उत्तर एशियाई बाजारों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में तेजी भी विदेशी पूंजी को अपनी ओर आकर्षित कर रही है। 


सितंबर में भी हुई थी भारी बिकवाली

अक्टूबर से पहले सितंबर 2026 में विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार से ₹35,861 करोड़ निकाले थे। हालांकि, जुलाई और अगस्त में विदेशी निवेशकों ने क्रमशः ₹20,200 करोड़ और ₹29,631 करोड़ का निवेश किया था। सितंबर से बिकवाली दोबारा तेज हुई और इसका दबाव बाजार पर देखने को मिला। 


भारतीय शेयर बाजार पर क्या होगा असर?

विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली से शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है और प्रमुख सूचकांकों पर दबाव बना रह सकता है। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों और म्यूचुअल फंडों का निवेश इस दबाव को कुछ हद तक कम कर सकता है। बाजार में विदेशी निवेश की वापसी इस बात पर निर्भर करेगी कि वैश्विक ब्याज दरों, कच्चे तेल की कीमतों और कंपनियों के मूल्यांकन में कितना सुधार होता है। 


विदेशी निवेशकों की ₹44,166 करोड़ की निकासी भारतीय शेयर बाजार के लिए चिंता का विषय है। आने वाले दिनों में वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां और घरेलू निवेशकों की खरीदारी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।