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KDMC के कचरा प्रबंधन पर उठे सवाल, आमदार सुलभा गायकवाड़ के औचक दौरे से मचा हड़कंप
कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका (KDMC) के डंपिंग ग्राउंड में कचरा प्रोसेसिंग मशीनों की स्थिति और कामकाज को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। आमदार सुलभा गायकवाड़ के औचक दौरे के बाद कचरा प्रबंधन पर खर्च होने वाली करोड़ों रुपये की राशि और व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर चर्चा तेज हो गई है।

कल्याण-डोंबिवली: कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका (KDMC) के कचरा प्रबंधन को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। आमदार सुलभा गायकवाड़ के डंपिंग ग्राउंड के औचक दौरे के दौरान कचरा प्रोसेसिंग मशीनों के बंद होने और कामकाज में कथित अनियमितताओं का मुद्दा सामने आया।
डंपिंग ग्राउंड में कचरे के निपटारे और प्रोसेसिंग की व्यवस्था को लेकर उठे सवालों ने महानगरपालिका के कामकाज पर ध्यान केंद्रित किया है। यदि मशीनें बंद हैं और कचरे का उचित प्रसंस्करण नहीं हो रहा है, तो कचरा प्रबंधन पर खर्च की जा रही सार्वजनिक धनराशि के उपयोग की समीक्षा जरूरी हो जाती है।
शहर के नागरिक नियमित रूप से टैक्स का भुगतान करते हैं, ऐसे में कचरा प्रबंधन की प्रभावशीलता और खर्च में पारदर्शिता सुनिश्चित करना प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। नागरिकों को स्वच्छता की बेहतर सुविधाएं मिलें और कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निपटारा हो, इसके लिए व्यवस्था का सुचारु रूप से चलना आवश्यक है।
अब इस मामले में KDMC प्रशासन की ओर से आधिकारिक स्पष्टीकरण और संबंधित अनियमितताओं की जांच को लेकर नजरें टिकी हैं। यह स्पष्ट होना बाकी है कि मशीनें बंद होने के पीछे क्या कारण हैं और कचरा प्रोसेसिंग की वास्तविक स्थिति क्या है।
मुख्य सवाल: कचरा प्रबंधन पर होने वाले खर्च के अनुरूप काम हो रहा है या नहीं? इसका जवाब प्रशासन की जांच और आधिकारिक जानकारी से ही सामने आएगा।
