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ठाणे DCP जोन-3 में अपहरण के 64 मामले दर्ज, 9 नाबालिग भी शामिल; मानपाड़ा 17 FIR के साथ सबसे आगे

ठाणे सिटी पुलिस के DCP जोन-3 में 1 सितंबर से 10 अक्टूबर के बीच अपहरण से जुड़ी 64 FIR दर्ज हुईं। इनमें 35 महिलाएं और 29 पुरुष शामिल हैं, जबकि 9 नाबालिग भी इन मामलों का हिस्सा हैं। मानपाड़ा में सबसे ज्यादा 17, खड़कपाड़ा में 15 और कोलसेवाड़ी में 14 मामले दर्ज किए गए।

Sonali13 अक्टू. 2026, 03:18 PM IST
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ठाणे DCP जोन-3 में अपहरण के 64 मामले दर्ज, 9 नाबालिग भी शामिल; मानपाड़ा 17 FIR के साथ सबसे आगे

ठाणे:

ठाणे सिटी पुलिस के DCP जोन-3 क्षेत्र में अपहरण से जुड़े मामलों के आंकड़े महिला और नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाते हैं। 1 सितंबर से 10 अक्टूबर 2026 के बीच क्षेत्र के आठ पुलिस थानों में अपहरण से संबंधित कुल 64 FIR दर्ज की गईं। इनमें 35 महिलाएं और 29 पुरुष शामिल हैं। आंकड़ों के अनुसार, इन मामलों में 5 नाबालिग लड़कियां और 4 नाबालिग लड़के भी शामिल हैं। यानी कुल 9 नाबालिगों से जुड़े मामले दर्ज किए गए।


थाना-वार आंकड़ों में मानपाड़ा पुलिस थाना 17 मामलों के साथ सबसे आगे है। खड़कपाड़ा पुलिस थाना क्षेत्र में 15 और कोलसेवाड़ी पुलिस थाना क्षेत्र में 14 FIR दर्ज की गईं। इन तीनों थानों में कुल 46 मामले दर्ज हुए, जो जोन-3 में दर्ज 64 FIR का बड़ा हिस्सा हैं। बाकी 18 मामले बाजारपेठ, महात्मा फुले चौक, तिलक नगर, विष्णु नगर और डोंबिवली पुलिस थाना क्षेत्रों में दर्ज हुए। कुल आंकड़ों के मुताबिक, अपहरण से संबंधित मामलों में महिलाओं की संख्या पुरुषों से अधिक है। महिलाओं से जुड़े मामलों में 5 नाबालिग लड़कियां शामिल हैं, जबकि पुरुषों से जुड़े मामलों में 4 नाबालिग लड़के हैं।


नाबालिगों से जुड़े मामलों में पुलिस की त्वरित कार्रवाई, उनका पता लगाने और सुरक्षित बरामदगी सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है। ये आंकड़े बाजारपेठ, महात्मा फुले चौक, कोलसेवाड़ी, खड़कपाड़ा, तिलक नगर, मानपाड़ा, विष्णु नगर और डोंबिवली पुलिस थानों से संबंधित हैं। विशेष रूप से मानपाड़ा, खड़कपाड़ा और कोलसेवाड़ी में दर्ज मामलों की संख्या पर ध्यान जाता है। हालांकि, केवल FIR की संख्या से अपराध के कारणों या मामलों के निपटारे की स्थिति का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। इन मामलों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2), धारा 138 और धारा 140(3) का उल्लेख किया गया है। धारा 137 अपहरण से संबंधित है, जबकि धारा 138 में व्यपहरण यानी बल प्रयोग या धोखे से किसी व्यक्ति को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने की परिभाषा दी गई है। धारा 140 कुछ विशेष परिस्थितियों में अपहरण या व्यपहरण से जुड़े गंभीर अपराधों से संबंधित है। 


इसकी उपधारा 140(3) फिरौती के लिए अपहरण या व्यपहरण से जुड़ी है। हालांकि, कौन-सी धारा किस मामले में लागू हुई, यह संबंधित FIR में दर्ज आरोपों और घटना की परिस्थितियों पर निर्भर करता है। 40 दिनों में 64 FIR दर्ज होने के ये आंकड़े ठाणे DCP जोन-3 क्षेत्र में अपहरण से जुड़ी शिकायतों की स्थिति सामने रखते हैं। मानपाड़ा में 17, खड़कपाड़ा में 15 और कोलसेवाड़ी में 14 मामले दर्ज होने के बीच पुलिस जांच की प्रगति और संबंधित व्यक्तियों का पता लगाने की कार्रवाई महत्वपूर्ण है। यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि FIR दर्ज होना आरोप की सूचना है, अपराध साबित होने का अंतिम निष्कर्ष नहीं।