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IT कंपनियों के शानदार नतीजों से शेयर बाजार में तेजी, सेंसेक्स-निफ्टी उछले

भारतीय शेयर बाजार में IT कंपनियों के बेहतर तिमाही नतीजों से तेजी देखने को मिली। HCLTech और TCS जैसे प्रमुख IT शेयरों में बढ़त के कारण सेंसेक्स और निफ्टी में उछाल आया। HCLTech के मुनाफे में बढ़ोतरी की खबर से निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ और IT सेक्टर के शेयरों में खरीदारी बढ़ी। हालांकि, महंगाई और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों जैसे कारक बाजार की चाल को प्रभावित कर सकते हैं।

Neha Sharma13 अक्टू. 2026, 03:34 PM IST
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IT कंपनियों के शानदार नतीजों से शेयर बाजार में तेजी, सेंसेक्स-निफ्टी उछले

मुंबई: भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को तेजी देखने को मिली। आईटी कंपनियों के बेहतर तिमाही नतीजों से निवेशकों का भरोसा बढ़ा, जिसके चलते सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में बढ़त दर्ज की गई। खास तौर पर HCLTech और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के शेयरों में तेजी ने बाजार को मजबूती दी।


सेंसेक्स और निफ्टी में बढ़त

मंगलवार सुबह कारोबार के दौरान बीएसई सेंसेक्स में करीब 0.9 प्रतिशत की तेजी आई और यह 72,564.62 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, एनएसई निफ्टी 50 भी लगभग 0.9 प्रतिशत चढ़कर 22,562.1 के स्तर पर पहुंच गया। बाजार में इस तेजी के पीछे आईटी शेयरों की मजबूत खरीदारी एक प्रमुख वजह रही। हालांकि, बाजार में तेजी के बावजूद निवेशक महंगाई, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों पर नजर बनाए हुए हैं। 


HCLTech और TCS के शेयरों में उछाल

आईटी क्षेत्र की प्रमुख कंपनी HCLTech के तिमाही नतीजों ने निवेशकों का ध्यान खींचा। कंपनी का जुलाई-सितंबर तिमाही में शुद्ध मुनाफा पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 21.2 प्रतिशत बढ़कर 5,132 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी के राजस्व में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई। इन नतीजों के बाद मंगलवार सुबह HCLTech के शेयरों में करीब 5.4 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली। वहीं, TCS के शेयर भी लगभग 5.4 प्रतिशत चढ़े। टेक महिंद्रा और इन्फोसिस सहित अन्य आईटी कंपनियों के शेयरों में भी बढ़त दर्ज की गई। 


निफ्टी आईटी इंडेक्स में भी तेजी

आईटी कंपनियों के शेयरों में खरीदारी का असर पूरे सेक्टर पर दिखाई दिया। मंगलवार सुबह निफ्टी आईटी इंडेक्स में करीब 3.4 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। निवेशकों को उम्मीद है कि बेहतर तिमाही नतीजे और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े कारोबार में बढ़ोतरी आने वाले समय में कंपनियों की कमाई को सहारा दे सकती है।

हालांकि, आईटी सेक्टर के सामने कुछ चुनौतियां भी हैं। वैश्विक मांग में उतार-चढ़ाव, पारंपरिक सॉफ्टवेयर सेवाओं पर AI का प्रभाव और कंपनियों की भविष्य की आय को लेकर चिंताएं अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं। 


महंगाई और कच्चे तेल की कीमतों पर भी नजर

शेयर बाजार में तेजी के बावजूद आर्थिक मोर्चे पर कुछ चिंताएं बनी हुई हैं। सितंबर 2026 में भारत की खुदरा महंगाई दर बढ़कर 5.54 प्रतिशत पहुंच गई। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी हुई हैं। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें भारत के आयात खर्च और महंगाई पर दबाव डाल सकती हैं। ऐसे में निवेशक कंपनियों के तिमाही नतीजों के साथ-साथ भारतीय रिजर्व बैंक की नीतियों और वैश्विक बाजारों के रुख पर भी नजर रख रहे हैं। 


आगे कैसा रह सकता है बाजार का रुख?

आने वाले दिनों में शेयर बाजार की दिशा तय करने में कंपनियों के तिमाही नतीजे, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां, महंगाई और वैश्विक आर्थिक संकेत महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। आईटी कंपनियों के मजबूत नतीजों से बाजार को फिलहाल समर्थन मिला है, लेकिन लगातार तेजी बनी रहेगी या नहीं, यह आने वाले कारोबारी सत्रों में स्पष्ट होगा।