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हिमाचल के पहाड़ी गांवों में ड्रोन से पहुंचेगी डाक, 110 रास्तों पर शुरू होगी सेवा

हिमाचल प्रदेश के दुर्गम पहाड़ी इलाकों में डाक पहुंचाना आसान बनाने के लिए इंडिया पोस्ट ने ड्रोन डिलीवरी योजना बनाई है। इसके तहत 110 रास्तों पर ड्रोन से चिट्ठियां और पार्सल पहुंचाए जाएंगे। इनमें से 36 रास्तों पर यह सेवा शुरू हो चुकी है।

Kashish Rai13 अक्टू. 2026, 03:33 PM IST
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हिमाचल के पहाड़ी गांवों में ड्रोन से पहुंचेगी डाक, 110 रास्तों पर शुरू होगी सेवा

हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों तक चिट्ठियां और पार्सल पहुंचाना अब पहले से आसान हो सकता है। इंडिया पोस्ट ने राज्य के दुर्गम गांवों तक डाक पहुंचाने के लिए ड्रोन डिलीवरी सेवा का विस्तार करने की योजना बनाई है। इसके तहत 110 रास्तों पर ड्रोन से डाक पहुंचाई जाएगी। इनमें से 36 रास्तों पर यह सेवा पहले ही शुरू हो चुकी है। हिमाचल प्रदेश के कई गांव पहाड़ों के बीच बसे हैं, जहां डाक पहुंचाने के लिए कर्मचारियों को घुमावदार सड़कों और कठिन रास्तों से गुजरना पड़ता है। कई बार लंबी दूरी तय करने के कारण डिलीवरी में ज्यादा समय लगता है। ऐसे में ड्रोन की मदद से एक पोस्ट ऑफिस से दूसरे पोस्ट ऑफिस तक चिट्ठियां और पार्सल कम समय में पहुंचाए जा सकेंगे।


हिमाचल प्रदेश में ड्रोन से डाक पहुंचाने की शुरुआत 13 अगस्त 2026 को हुई थी। इस दौरान मंडी के मुख्य पोस्ट ऑफिस से रेहरधार शाखा पोस्ट ऑफिस तक राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा ड्रोन के जरिए पहुंचाया गया था। इसके बाद डाक विभाग ने इस सेवा का विस्तार करने की योजना बनाई।हिमाचल प्रदेश डाक परिमंडल के मुख्य पोस्टमास्टर जनरल संजय सिंह ने विश्व डाक दिवस के मौके पर इस योजना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि फिलहाल 36 रास्तों पर ड्रोन से डाक पहुंचाई जा रही है और इसे बढ़ाकर 110 रास्तों तक ले जाने की तैयारी है।


ड्रोन डिलीवरी से पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों को चिट्ठियों के साथ पार्सल पहुंचाने में भी मदद मिलेगी। खासकर उन गांवों में इसका फायदा हो सकता है, जहां खराब सड़कें, लंबी दूरी और कठिन भौगोलिक परिस्थितियां डाक पहुंचाने में परेशानी पैदा करती हैं।

ड्रोन के इस्तेमाल से डाक विभाग को डिलीवरी के लिए सड़क मार्ग पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है। इससे समय की बचत होने के साथ दूर-दराज के इलाकों में डाक सेवा को बेहतर बनाया जा सकेगा। हालांकि, ड्रोन से डिलीवरी मौसम और उड़ान की परिस्थितियों पर भी निर्भर करेगी।