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दिवाली के बाद 2,000 रुपये से ज़्यादा के UPI पेमेंट पर मर्चेंट फ़ीस लगेगी।

दिवाली से पहले UPI मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर प्रस्तावित शुल्क लागू करने का फैसला टाल दिया गया है। NPCI के मुताबिक, ₹2,000 से अधिक के चुनिंदा व्यापारी भुगतानों पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) अब दिवाली के तुरंत बाद लागू होगा। हालांकि, नई तारीख की घोषणा अभी बाकी है। आम ग्राहकों के लिए UPI भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क लगाने का प्रावधान नहीं है।

Kalpana Gautam13 अक्टू. 2026, 03:48 PM IST
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दिवाली के बाद 2,000 रुपये से ज़्यादा के UPI पेमेंट पर मर्चेंट फ़ीस लगेगी।

डिजिटल पेमेंट करने वाले कारोबारियों और ग्राहकों के लिए UPI शुल्क से जुड़ा बड़ा अपडेट सामने आया है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) की UPI एंड सर्विसेज स्टीयरिंग कमेटी ने ₹2,000 से अधिक के चुनिंदा मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर प्रस्तावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) को दिवाली के बाद लागू करने का फैसला किया है। यह शुल्क पहले 15 अक्टूबर 2026 से लागू होने वाला था। नई तारीख अलग से अधिसूचित की जाएगी।


कितना शुल्क लगेगा?

प्रस्तावित व्यवस्था के तहत, पात्र व्यापारी लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत MDR शुल्क निर्धारित किया गया है। ₹75,000 या उससे अधिक के लेनदेन पर इसकी अधिकतम सीमा ₹300 प्रति ट्रांजैक्शन होगी। हालांकि, सभी ₹2,000 से अधिक के भुगतानों पर एक जैसा शुल्क लागू नहीं होगा। कुछ निर्दिष्ट सेवाओं के लिए अलग दरें तय की गई हैं। पात्र छोटे व्यापारियों को भी छूट मिलेगी।


क्या आम ग्राहकों को देना होगा अतिरिक्त पैसा?

इस फैसले को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या दुकानों पर UPI से भुगतान करने पर ग्राहकों की जेब पर असर पड़ेगा। वित्त मंत्रालय के अनुसार, MDR व्यापारी और भुगतान व्यवस्था से जुड़े संस्थानों के बीच लगने वाला शुल्क है, ग्राहक से वसूला जाने वाला UPI चार्ज नहीं। व्यक्ति से व्यक्ति के बीच होने वाले UPI ट्रांसफर भी मुफ्त रहेंगे। सरकार ने व्यापारियों पर लगने वाले शुल्क का बोझ ग्राहकों पर डालने से रोकने के निर्देश दिए हैं।


दिवाली के बाद क्या बदलेगा?

फिलहाल शुल्क लागू होने की नई तारीख का इंतजार है। दिवाली के त्योहारी कारोबार को ध्यान में रखते हुए इसे टालने का फैसला लिया गया है। नई व्यवस्था का असर मुख्य रूप से पात्र मर्चेंट ट्रांजैक्शन और डिजिटल पेमेंट से जुड़े कारोबारियों पर पड़ेगा। इसलिए ₹2,000 से अधिक के हर UPI भुगतान पर ग्राहक से अतिरिक्त पैसे लिए जाने की खबर को सही मानना भ्रामक होगा।