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जर्मनी में रोबोट से लड़की के साथ कथित छेड़छाड़! पुलिस ने मशीन जब्त की, दो युवकों की भूमिका की जांच
जर्मनी के कोलोन में एक रोबोट पर 16 वर्षीय लड़की के साथ कथित तौर पर अश्लील हरकत करने का आरोप है। पुलिस ने रोबोट और दो संदिग्धों के मोबाइल फोन जब्त किए हैं। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि मशीन को जानबूझकर नियंत्रित किया गया था या उसकी हरकतें पहले से प्रोग्राम थीं।

कोलोन, जर्मनी: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स के बढ़ते इस्तेमाल के बीच जर्मनी से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक ह्यूमनॉइड रोबोट पर 16 वर्षीय लड़की के साथ कथित तौर पर छेड़छाड़ करने का आरोप लगा है। घटना के बाद पुलिस ने रोबोट को जब्त कर लिया है और दो युवकों की भूमिका की जांच शुरू कर दी है।
फास्ट फूड आउटलेट के बाहर हुई घटना
पुलिस के मुताबिक, घटना 10 अक्टूबर की देर रात कोलोन शहर के केंद्र में एक फास्ट फूड आउटलेट के बाहर हुई। उस समय लड़की अपनी दो दोस्तों के साथ मौजूद थी। आरोप है कि करीब 1.2 मीटर ऊंचा लाल और सुनहरे रंग का रोबोट पीछे से उसके पास आया, उसके नितंबों को छुआ और अश्लील तरीके से हरकतें करने लगा। लड़की के चिल्लाने और दूर हटने की बात भी रिपोर्टों में सामने आई है।
दो युवकों पर क्या है आरोप?
जांच के दायरे में रोबोट का 16 वर्षीय मालिक और उसका 19 वर्षीय साथी हैं। पुलिस को संदेह है कि दोनों ने कथित घटना को रिकॉर्ड किया और सोशल मीडिया पर लाइव प्रसारित भी किया। पुलिस ने दोनों के मोबाइल फोन और रोबोट को सबूत के तौर पर जब्त किया है। हालांकि, दोनों संदिग्धों के खिलाफ अभी आरोप तय होने की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए जांच पूरी होने से पहले उन्हें दोषी मानना उचित नहीं होगा।
रोबोट को किसने नियंत्रित किया?
इस मामले का सबसे अहम सवाल यही है कि रोबोट ने ये हरकतें कैसे कीं। क्या किसी व्यक्ति ने उसे रिमोट से नियंत्रित किया था, या उसकी गतिविधियां पहले से प्रोग्राम की गई थीं? पुलिस इन सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
यह मामला तकनीक के दुरुपयोग और रोबोट संचालित करने वाले व्यक्ति की जिम्मेदारी को लेकर भी सवाल खड़े करता है। मशीन का इस्तेमाल किसी की निजता या शारीरिक गरिमा का उल्लंघन करने के लिए किया जाता है, तो उसकी जिम्मेदारी तय करना जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकता है।
कोलोन पुलिस ने सोशल मीडिया पर घटना का मजाक उड़ाने और अनुचित टिप्पणियां करने के खिलाफ भी चेतावनी दी है। ऐसी प्रतिक्रियाएं पीड़ित के लिए स्थिति को और मुश्किल बना सकती हैं।
