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Hyundai का बड़ा ऐलान! भारत में 2032 तक 15.5 अरब डॉलर निवेश की योजना
दक्षिण कोरियाई कंपनी Hyundai Motor Group ने 2026 से 2032 के बीच भारत में 15.5 अरब डॉलर (लगभग ₹1.47 लाख करोड़) निवेश करने की योजना बनाई है। इस निवेश का उद्देश्य वाहन उत्पादन क्षमता बढ़ाना, इलेक्ट्रिक वाहनों, AI तकनीक और रिसर्च को बढ़ावा देना तथा भारत में रोजगार के नए अवसर पैदा करना है।

नई दिल्ली, 15 अक्टूबर 2026। दक्षिण कोरिया की प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनी Hyundai Motor Group ने भारत में 2026 से 2032 तक 15.5 अरब डॉलर (लगभग ₹1.47 लाख करोड़) निवेश करने की घोषणा की है। इस निवेश का उद्देश्य देश में वाहन उत्पादन बढ़ाना, रिसर्च और डेवलपमेंट (R&D) को मजबूत करना तथा इलेक्ट्रिक वाहनों और नई तकनीकों के विकास को बढ़ावा देना है।
पुणे प्लांट से बढ़ेगी उत्पादन क्षमता
Hyundai Motor India ने महाराष्ट्र के पुणे जिले के तालेगांव में अपने नए स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का उद्घाटन किया है। इस अवसर पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस सहित कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। यह प्लांट भारत में कंपनी की उत्पादन क्षमता बढ़ाने और देश को वैश्विक निर्यात केंद्र बनाने की रणनीति का अहम हिस्सा है।
निवेश का बड़ा हिस्सा मैन्युफैक्चरिंग और AI पर
कंपनी के अनुसार, कुल निवेश का लगभग 60% मौजूदा संयंत्रों के आधुनिकीकरण और उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर खर्च किया जाएगा। वहीं, करीब 20% राशि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), नए कारोबार, स्टार्टअप और भविष्य की तकनीकों से जुड़े क्षेत्रों में लगाने की योजना है। शेष निवेश अन्य विकास पहलों को समर्थन देगा।
इलेक्ट्रिक वाहनों और रिसर्च पर भी फोकस
Hyundai भारत में रिसर्च सुविधाओं, वाहन परीक्षण और स्थानीय सप्लायर नेटवर्क को मजबूत करने की योजना बना रही है। इससे नई ऑटोमोबाइल तकनीकों के विकास, स्थानीय स्तर पर कलपुर्जों के निर्माण और भविष्य में इलेक्ट्रिक एवं हाइब्रिड वाहनों के विस्तार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
रोजगार और भारतीय अर्थव्यवस्था को मिल सकता है फायदा
इस बड़े निवेश से वाहन निर्माण, इंजीनियरिंग, सप्लाई चेन और तकनीकी सेवाओं में रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है। स्थानीय कंपनियों और छोटे उद्योगों को भी ऑटोमोबाइल क्षेत्र की बढ़ती मांग से लाभ मिल सकता है।
Hyundai का यह निवेश भारत को वैश्विक ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरिंग और निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
