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Digital Lifestyle का असर: युवाओं की आंखों को बचाने के लिए विशेषज्ञों की सलाह

मोबाइल और लैपटॉप के बढ़ते इस्तेमाल से युवाओं में आंखों की थकान, सूखापन और धुंधला दिखाई देने जैसी समस्याओं को लेकर चिंता बढ़ रही है। विशेषज्ञ नियमित स्क्रीन ब्रेक, आंखों की जांच और सही डिजिटल आदतें अपनाने की सलाह देते हैं।

Neha Sharma15 अक्टू. 2026, 04:38 PM IST
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Digital Lifestyle का असर: युवाओं की आंखों को बचाने के लिए विशेषज्ञों की सलाह

नई दिल्ली: मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य डिजिटल उपकरणों का लगातार इस्तेमाल युवाओं की आंखों की सेहत के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है। AIIMS भुवनेश्वर के विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि लंबे समय तक स्क्रीन देखने, आंखों की सही देखभाल न करने और शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज करने से नजर संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं।

13 अक्टूबर 2026 को विश्व दृष्टि दिवस के अवसर पर AIIMS भुवनेश्वर के कार्यकारी निदेशक डॉ. अशुतोष बिस्वास ने युवाओं में आंखों से जुड़ी समस्याओं पर चिंता जताई। उन्होंने बताया कि लंबे समय तक स्क्रीन का इस्तेमाल करने से रिफ्रैक्टिव एरर और कंप्यूटर विजन सिंड्रोम जैसी परेशानियां सामने आ सकती हैं।


स्क्रीन टाइम से क्या हैं आंखों को खतरे?

मोबाइल और लैपटॉप पर लगातार काम करने या वीडियो देखने से आंखों में थकान, सूखापन, जलन, सिरदर्द और धुंधला दिखाई देने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। लंबे समय तक पास की चीजों पर ध्यान केंद्रित करना और बाहर कम समय बिताना भी खासकर बच्चों और किशोरों की नजर को प्रभावित कर सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, आंखों से जुड़ी समस्याओं के शुरुआती संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर जांच और उपचार से कई समस्याओं को नियंत्रित किया जा सकता है।


आंखों को स्वस्थ रखने के लिए अपनाएं ये तरीके

आंखों पर स्क्रीन के असर को कम करने के लिए विशेषज्ञों ने नियमित ब्रेक लेने, समय-समय पर आंखों की जांच कराने और परेशानी होने पर नेत्र विशेषज्ञ से सलाह लेने की सिफारिश की है। 20-20-20 नियम अपनाना भी उपयोगी हो सकता है। इसके तहत हर 20 मिनट स्क्रीन देखने के बाद 20 सेकंड तक लगभग 20 फीट दूर किसी वस्तु को देखें। इसके अलावा, मोबाइल को आंखों से उचित दूरी पर रखें और रोजाना कुछ समय बाहर प्राकृतिक रोशनी में बिताएं।


समय पर जांच है जरूरी

AIIMS भुवनेश्वर के विशेषज्ञों ने आंखों की देखभाल के प्रति जागरूकता बढ़ाने और समय पर इलाज कराने पर जोर दिया है। यदि लगातार धुंधला दिखाई दे, आंखों में दर्द या जलन हो अथवा सिरदर्द की समस्या बनी रहे, तो नेत्र विशेषज्ञ से जांच कराना जरूरी है। डिजिटल उपकरण आज पढ़ाई और काम का अहम हिस्सा हैं, इसलिए उनका इस्तेमाल पूरी तरह बंद करने के बजाय स्क्रीन ब्रेक, सही आदतों और नियमित जांच के जरिए आंखों की सेहत का ध्यान रखना महत्वपूर्ण है।