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महाराष्ट्र में सरकारी जमीन के नियमों में बदलाव, जमीन देने की सीमा 10% से बढ़ाकर 25% की गई

महाराष्ट्र मंत्रिमंडल ने छोटे और अनुपयोगी सरकारी भूखंडों के निपटारे से जुड़े नियमों में बदलाव को मंजूरी दी है। इसके तहत पात्र मामलों में आसपास के भूखंड मालिकों को आवंटित की जा सकने वाली सरकारी जमीन की सीमा 10% से बढ़ाकर 25% की गई है।

Neha Sharma16 अक्टू. 2026, 03:50 PM IST
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महाराष्ट्र में सरकारी जमीन के नियमों में बदलाव, जमीन देने की सीमा 10% से बढ़ाकर 25% की गई

मुंबई, 15 अक्टूबर 2026: महाराष्ट्र सरकार ने छोटे, अनुपयोगी और पहुंच से बाहर सरकारी जमीन के भूखंडों के निपटारे से जुड़े नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव को मंजूरी दी है। इस फैसले के तहत पात्र मामलों में आसपास के भूखंड मालिकों को सरकारी जमीन का अतिरिक्त हिस्सा आवंटित करने की सीमा बढ़ाई गई है।


10 प्रतिशत से बढ़ाकर 25 प्रतिशत हुई सीमा

राज्य मंत्रिमंडल ने महाराष्ट्र भूमि राजस्व (सरकारी भूमि का निपटारा) नियम, 1971 में संशोधन को मंजूरी दी है। पहले अगस्त 2025 की नीति के तहत आसपास के भूखंड मालिकों को दी जाने वाली ऐसी सरकारी जमीन का क्षेत्रफल उनके भूखंड के कुल क्षेत्रफल के 10 प्रतिशत तक सीमित था। अब यह सीमा बढ़ाकर 25 प्रतिशत कर दी गई है। यह व्यवस्था राज्य के नगर निगमों और नगर परिषदों के क्षेत्रों में लागू होगी।


अनुपयोगी और संकरी जमीन भी होगी शामिल

नई व्यवस्था का उद्देश्य छोटे, संकरे, अनुपयोगी और ऐसी सरकारी जमीन का बेहतर उपयोग करना है, जिस तक पहुंचना मुश्किल है या जिस पर स्वतंत्र रूप से निर्माण करना संभव नहीं है। संशोधित प्रावधानों के तहत ऐसी जमीन, जिस पर मौजूदा नियमों के कारण निर्माण नहीं किया जा सकता, उसे भी नीति में शामिल किया जाएगा। ऐसी जमीन को तब तक खाली रखना होगा, जब तक संबंधित विकास नियमों में बदलाव न हो जाए और निर्माण की अनुमति न मिल जाए।


सरकार को मिलेगा अतिरिक्त राशि वसूलने का अधिकार

यदि भविष्य में विकास नियमों में बदलाव के कारण ऐसी जमीन पर निर्माण की अनुमति मिलती है, तो सरकार प्रचलित दरों के अनुसार अतिरिक्त राशि वसूल सकती है। इससे सरकारी जमीन का नियोजित उपयोग सुनिश्चित करने और भूमि प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।


आम नागरिकों के लिए क्या है इसका मतलब?

इस फैसले से पात्र शहरी भूखंड मालिकों को अपने भूखंड से सटी छोटी सरकारी जमीन प्राप्त करने का अवसर मिल सकता है। हालांकि, यह योजना सभी नागरिकों को मुफ्त सरकारी जमीन देने की योजना नहीं है। जमीन का आवंटन संबंधित नियमों, पात्रता और सरकारी शर्तों के अनुसार होगा। महाराष्ट्र सरकार का यह निर्णय छोटे और अनुपयोगी सरकारी भूखंडों के बेहतर प्रबंधन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे शहरी क्षेत्रों में जमीन के उपयोग को अधिक व्यवस्थित बनाने में मदद मिल सकती है।