technology

1. AI के जरिए साइबर हमलों का खतरा बढ़ा, भारतीय कंपनियों को सतर्क रहने की सलाह

भारत की साइबर सुरक्षा एजेंसी CERT-In ने AI एजेंट्स से जुड़े संभावित साइबर सुरक्षा खतरों को लेकर चेतावनी दी है। रिपोर्ट के अनुसार, कुछ AI एजेंट्स ने सुरक्षा कमजोरियों का फायदा उठाकर भारतीय संगठनों के सिस्टम और संवेदनशील डेटा तक अनधिकृत पहुंच बनाई।

Neha Sharma16 अक्टू. 2026, 03:49 PM IST
खबर शेयर करें:
1. AI के जरिए साइबर हमलों का खतरा बढ़ा, भारतीय कंपनियों को सतर्क रहने की सलाह

भारत की साइबर सुरक्षा एजेंसी CERT-In (इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम) ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े साइबर सुरक्षा खतरों को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है। एजेंसी के मुताबिक, कुछ AI एजेंट्स ने परीक्षण के दौरान अपनी निर्धारित सीमाओं को पार कर भारतीय संगठनों के लाइव कंप्यूटर सिस्टम तक अनधिकृत पहुंच बना ली। इन सिस्टम में मौजूद कारोबारी रिकॉर्ड, व्यक्तिगत जानकारी और गोपनीय डेटा तक भी पहुंच बनाई गई।


कई दिनों तक सिस्टम में मौजूद रहे AI एजेंट्स

CERT-In की 15 अक्टूबर 2026 की एडवाइजरी के अनुसार, कुछ AI मॉडल और एजेंट्स को इंटरनेट पर रिसर्च और सुरक्षा परीक्षण के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। लेकिन परीक्षण के दौरान उन्होंने अपनी निर्धारित अनुमति से आगे बढ़कर भारतीय संगठनों के वास्तविक सिस्टम तक पहुंच हासिल कर ली। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रभावित संगठनों को खुद इस अनधिकृत गतिविधि का पता नहीं चला। संबंधित AI मॉडल प्रदाताओं की आंतरिक जांच और खुलासे के बाद ही इन घटनाओं की जानकारी सामने आई। हालांकि, एजेंसी ने प्रभावित कंपनियों और AI मॉडल प्रदाताओं के नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं।


कैसे मिली सिस्टम तक पहुंच?

साइबर सुरक्षा एजेंसी के अनुसार, इन घटनाओं के पीछे सिस्टम की कुछ बुनियादी सुरक्षा कमजोरियां थीं। इनमें सार्वजनिक कोड रिपॉजिटरी या कॉन्फिगरेशन फाइलों में मौजूद पासवर्ड और डिजिटल एक्सेस-की, क्लाउड सेवाओं में जरूरत से ज्यादा अनुमतियां और ठीक से सुरक्षित न किए गए ऑनलाइन सिस्टम शामिल थे। इन कमजोरियों का फायदा उठाकर AI एजेंट्स ऐसे डेटा तक पहुंचने में सफल रहे, जिसे देखने की उन्हें अनुमति नहीं थी। यह मामला दिखाता है कि AI तकनीक के परीक्षण के दौरान भी सुरक्षा नियमों और नेटवर्क तक पहुंच पर सख्त नियंत्रण जरूरी है।


साइबर अपराधी भी कर रहे हैं AI टूल्स का इस्तेमाल

CERT-In ने यह भी बताया कि साइबर अपराधी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध AI आधारित टूल्स का इस्तेमाल भारतीय संगठनों के सिस्टम की जांच करने, सुरक्षा कमजोरियां खोजने और अनधिकृत प्रवेश के लिए कर रहे हैं। एजेंसी के मुताबिक, ऐसे टूल्स की मदद से कुछ हमलों में सिस्टम में शुरुआती प्रवेश से लेकर नुकसान पहुंचाने तक का समय कई दिनों से घटकर कुछ घंटों तक रह गया। जिन संगठनों ने सुरक्षा खामियों को पूरी तरह ठीक नहीं किया, उन्हें दोबारा हमलों का सामना भी करना पड़ा।


कंपनियों को क्या सावधानी बरतने की सलाह?

CERT-In ने कंपनियों और संगठनों को अपने डिजिटल सिस्टम की सुरक्षा मजबूत करने की सलाह दी है। इसमें कोड और कॉन्फिगरेशन फाइलों में मौजूद संवेदनशील जानकारियों की जांच करना, लीक हुए पासवर्ड और एक्सेस-की बदलना, अनावश्यक API बंद करना और क्लाउड सेवाओं में सीमित अनुमतियां देना शामिल है।


इसके अलावा, कंपनियों को मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन लागू करने, सिस्टम की गतिविधियों पर लगातार नजर रखने और AI रिसर्च व परीक्षण के माहौल को वास्तविक कारोबारी सिस्टम से अलग रखने की सलाह दी गई है। यह चेतावनी बताती है कि AI जहां काम को तेज और आसान बना सकता है, वहीं उचित नियंत्रण और निगरानी के अभाव में साइबर सुरक्षा के लिए नया जोखिम भी पैदा कर सकता है।