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प्रयागराज में योगी का राहुल गांधी पर निशाना, बोले- आजादी के लिए नेहरू ही नहीं, मसुरियादीन पासी भी जेल गए

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज में स्वतंत्रता सेनानी महाशय मसुरियादीन पासी की प्रतिमा का अनावरण किया। इस दौरान उन्होंने राहुल गांधी और पुरानी सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि आजादी की लड़ाई में जवाहरलाल नेहरू के अलावा मसुरियादीन पासी ने भी अहम योगदान दिया था। योगी ने चौराहे का नाम उनके नाम पर रखने और एक सरकारी संस्थान का नाम भी उनके नाम पर करने का ऐलान किया।

Kashish Rai16 अक्टू. 2026, 03:49 PM IST
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प्रयागराज में योगी का राहुल गांधी पर निशाना, बोले- आजादी के लिए नेहरू ही नहीं, मसुरियादीन पासी भी जेल गए

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज में स्वतंत्रता सेनानी महाशय मसुरियादीन पासी की प्रतिमा का अनावरण करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पिछली सरकारों पर निशाना साधा। गुरुवार को तेलियरगंज स्थित महाशय मसुरियादीन स्मारक इंटर कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की आजादी की लड़ाई में केवल जवाहरलाल नेहरू ही जेल नहीं गए थे, बल्कि महाशय मसुरियादीन पासी ने भी अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष किया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वह राहुल गांधी को बताना चाहते हैं कि महाशय मसुरियादीन पासी ने भी स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उनके मुताबिक, मसुरियादीन पासी 1932 से 1944 के बीच जेल में रहे और देश की आजादी के लिए संघर्ष करते रहे। योगी ने कहा कि उन्होंने अपने जीवन के करीब नौ साल जेल में बिताए और लोगों में आजादी की अलख जगाने का काम किया।


कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने महाशय मसुरियादीन पासी के सम्मान में कई घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि जिस चौराहे पर उनकी प्रतिमा स्थापित की गई है, उसका नाम उनके नाम पर रखने के लिए वह प्रयागराज के महापौर से प्रस्ताव भेजने को कहेंगे। इसके अलावा, राज्य सरकार शहर के एक संस्थान का नाम भी महाशय मसुरियादीन पासी के नाम पर रखेगी और वहां उनकी प्रतिमा स्थापित की जाएगी। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समाज के वंचित और दलित वर्गों की आवाज उठाने वाले तथा उन्हें सशक्त बनाने में योगदान देने वाले महापुरुषों का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि महाशय मसुरियादीन पासी के योगदान को पहले उचित पहचान नहीं मिली और अब उनकी विरासत को सम्मान देने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।


महाशय मसुरियादीन पासी स्वतंत्रता सेनानी होने के साथ संविधान सभा के सदस्य और फूलपुर से पूर्व सांसद भी रहे थे। उन्होंने अंग्रेजों के शासनकाल में लागू क्रिमिनल ट्राइब्स एक्ट का विरोध किया था। मुख्यमंत्री ने उनके परिवार को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार उनके योगदान और विरासत को सुरक्षित रखने के लिए प्रयास करती रहेगी। प्रयागराज में आयोजित इस कार्यक्रम के जरिए मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम में महाशय मसुरियादीन पासी की भूमिका को सामने रखा। साथ ही, उनके नाम पर चौराहे और संस्थान का नाम रखने की घोषणा कर उनके योगदान को सार्वजनिक पहचान देने की बात कही।