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ITI शिक्षा को बढ़ावा: सरकार ने ₹1,194 करोड़ के निवेश को दी मंजूरी
केंद्र सरकार ने ITI संस्थानों के आधुनिकीकरण और कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए महाराष्ट्र, ओडिशा और जम्मू-कश्मीर में ITI क्लस्टरों हेतु ₹1,194.92 करोड़ के निवेश को मंजूरी दी है। इस पहल के तहत आधुनिक प्रशिक्षण उपकरण, बेहतर बुनियादी ढाँचा और उद्योगों की जरूरतों के अनुसार कौशल प्रशिक्षण विकसित करने पर जोर दिया जाएगा।

नई दिल्ली: देश में तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा को मजबूत बनाने के लिए केंद्र सरकार ने औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) के आधुनिकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। प्रधानमंत्री कौशल एवं रोजगारपरक परिवर्तन के लिए उन्नत ITI योजना (PM-SETU) के तहत महाराष्ट्र, ओडिशा और जम्मू-कश्मीर में ITI क्लस्टरों के विकास के लिए ₹1,194.92 करोड़ के निवेश को मंजूरी दी गई है। यह जानकारी कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय ने 16 अक्टूबर 2026 को जारी की। इस नई मंजूरी के साथ PM-SETU योजना के तहत अब तक स्वीकृत कुल निवेश बढ़कर ₹3,687 करोड़ हो गया है। इस राशि का उपयोग ITI संस्थानों के बुनियादी ढाँचे को आधुनिक बनाने, नई तकनीक से जुड़े प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने और विद्यार्थियों को उद्योगों की जरूरतों के अनुसार कौशल सिखाने के लिए किया जाएगा।
आधुनिक मशीनों और नए पाठ्यक्रमों पर जोर
योजना के तहत ITI में आधुनिक प्रयोगशालाएँ, बेहतर प्रशिक्षण उपकरण और उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप पाठ्यक्रम विकसित करने पर ध्यान दिया जाएगा। इसके साथ ही प्रशिक्षकों की क्षमता बढ़ाने और शैक्षणिक संस्थानों तथा उद्योगों के बीच सहयोग मजबूत करने की योजना है। इस पहल का उद्देश्य युवाओं को केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित न रखकर व्यावहारिक प्रशिक्षण देना है, ताकि वे रोजगार के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकें। तकनीकी कौशल रखने वाले युवाओं को विनिर्माण, इंजीनियरिंग और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में अवसर प्राप्त करने में इससे मदद मिल सकती है।
सरकार और उद्योगों की साझेदारी
इस योजना में राज्य सरकारों, उद्योग भागीदारों और ITI संस्थानों के बीच सहयोग को महत्व दिया गया है। उद्योगों की भागीदारी से प्रशिक्षण को वास्तविक कार्यस्थलों की जरूरतों के अनुरूप बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। सरकार का लक्ष्य सरकारी ITI संस्थानों को अधिक आधुनिक, रोजगारोन्मुख और भविष्य की तकनीकी जरूरतों के अनुकूल बनाना है। इससे युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाने और उद्योगों को प्रशिक्षित कार्यबल उपलब्ध कराने में सहायता मिल सकती है।
युवाओं के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह निवेश?
ITI में बेहतर उपकरण, आधुनिक प्रशिक्षण और उद्योगों से जुड़ाव विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव हासिल करने का अवसर दे सकते हैं। इससे तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और रोजगार तथा अप्रेंटिसशिप के अवसरों के लिए युवाओं को तैयार करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
कुल मिलाकर, ITI शिक्षा में यह निवेश भारत में कौशल विकास को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि स्वीकृत योजनाओं को कितनी प्रभावी ढंग से लागू किया जाता है और विद्यार्थियों को प्रशिक्षण के बाद रोजगार के कितने अच्छे अवसर मिलते हैं।
