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पुणे के पुरंदर एयरपोर्ट के लिए 1,216 हेक्टेयर जमीन का लक्ष्य, 40 हेक्टेयर जमीन का होगा जबरन अधिग्रहण!

पुरंदर एयरपोर्ट भूमि अधिग्रहण अपडेट: महाराष्ट्र के पुणे जिले में प्रस्तावित पुरंदर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निर्माण के लिए प्रशासन शेष 40 हेक्टेयर जमीन का अनिवार्य अधिग्रहण करने की तैयारी में है। परियोजना के लिए पुरंदर तालुका के सात गांवों में कुल 1,216 हेक्टेयर जमीन की आवश्यकता है।

Neha Sharma21 अक्टू. 2026, 01:54 PM IST
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पुणे के पुरंदर एयरपोर्ट के लिए 1,216 हेक्टेयर जमीन का लक्ष्य, 40 हेक्टेयर जमीन का होगा जबरन अधिग्रहण!

पुणे, 21 अक्टूबर 2026: महाराष्ट्र के पुणे जिले में प्रस्तावित पुरंदर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निर्माण के लिए जिला प्रशासन ने शेष 40 हेक्टेयर जमीन का अनिवार्य अधिग्रहण करने का निर्णय लिया है। दो बार समयसीमा बढ़ाए जाने के बावजूद कुछ किसानों की सहमति नहीं मिलने के कारण प्रशासन ने यह कदम उठाने का फैसला किया है।


सात गांवों की जमीन का होगा अधिग्रहण

प्रस्तावित छत्रपति संभाजीराजे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए पुरंदर तालुका के सात गांवों में कुल 1,216 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित करने की योजना है। इनमें कुंभारवलण, वनपुरी, एखतपुर, पारगांव, मुंजवडी और खानवडी सहित सात गांव शामिल हैं। जिला प्रशासन के अनुसार, लगभग 96 प्रतिशत किसानों ने जमीन देने के लिए सहमति जताई है। हालांकि, परियोजना के लिए आवश्यक कुल जमीन में से लगभग 76 प्रतिशत जमीन ही प्रशासन के कब्जे में आई है।


किसानों को कितना मिलेगा मुआवजा?

महाराष्ट्र सरकार ने भूमि अधिग्रहण के लिए प्रति एकड़ 1.61 करोड़ रुपये मुआवजे की घोषणा की है। इसके अतिरिक्त, जमीन पर मौजूद पेड़ों, कुओं और अन्य निर्माणों के लिए अलग से मुआवजा देने का प्रावधान है। प्रशासन के मुताबिक, अब तक किसानों के बैंक खातों में लगभग 4,000 करोड़ रुपये का मुआवजा जमा किया जा चुका है।


पारगांव के कुछ किसानों का विरोध जारी

पारगांव में कुछ किसान शेष 40 हेक्टेयर जमीन देने का विरोध कर रहे हैं। प्रशासन ने जमीन देने के लिए किसानों को दो बार अतिरिक्त समय दिया, लेकिन इसके बावजूद सहमति नहीं बन सकी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिन जमीन मालिकों की जमीन अनिवार्य प्रक्रिया के तहत अधिग्रहित की जाएगी, उन्हें स्वेच्छा से जमीन देने वाले किसानों के लिए घोषित अतिरिक्त सुविधाओं और लाभों का पात्र नहीं माना जाएगा।

इस परियोजना का विरोध करने वाले कुछ किसानों ने बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका भी दायर की थी। जिला प्रशासन के अनुसार, अदालत ने उनकी याचिका खारिज कर दी थी।


आगे क्या होगा?

पुणे के जिलाधिकारी जितेंद्र डुडी के अनुसार, प्रशासन आने वाले दिनों में शेष 40 हेक्टेयर जमीन का अनिवार्य अधिग्रहण करेगा। इससे पुरंदर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है। पुरंदर हवाई अड्डा पुणे क्षेत्र के परिवहन और आर्थिक विकास के लिए एक महत्वपूर्ण परियोजना है। हालांकि, शेष जमीन के अधिग्रहण और प्रभावित किसानों के हितों से जुड़े मुद्दे अभी भी महत्वपूर्ण बने हुए हैं।