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Jio Platforms IPO: ₹30,213 करोड़ का मेगा इश्यू खुला, निवेशकों में जबरदस्त उत्साह!

रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल सेवा इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड का ₹30,213 करोड़ का आईपीओ 21 अक्टूबर 2026 को खुलने की घोषणा की गई। कंपनी के इस मेगा इश्यू को भारतीय शेयर बाजार के लिए एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।

Neha Sharma21 अक्टू. 2026, 01:53 PM IST
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Jio Platforms IPO: ₹30,213 करोड़ का मेगा इश्यू खुला, निवेशकों में जबरदस्त उत्साह!

मुंबई, 21 अक्टूबर 2026: मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल सेवा इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड (Jio Platforms Limited) का बहुप्रतीक्षित इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) आज, 21 अक्टूबर को निवेशकों के लिए खुल गया। लगभग ₹30,213 करोड़ के इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सार्वजनिक बोली शुरू होने के लगभग 100 मिनट के भीतर ही आईपीओ पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया। यह आईपीओ भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में सबसे बड़े सार्वजनिक निर्गमों में से एक बनने जा रहा है। इसके जरिए कंपनी शेयर बाजार में अपनी अलग पहचान स्थापित करने और भविष्य में कारोबार के विस्तार के लिए वित्तीय आधार मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।


₹30,213 करोड़ जुटाने का लक्ष्य

जियो प्लेटफॉर्म्स ने अपने आईपीओ के लिए प्रति शेयर ₹1,065 से ₹1,119 का प्राइस बैंड निर्धारित किया है। ऊपरी मूल्य सीमा पर कंपनी इस निर्गम के माध्यम से लगभग ₹30,213 करोड़ जुटाने का लक्ष्य रख रही है। इस आईपीओ में लगभग 27 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी किए जा रहे हैं। मौजूदा शेयरधारक इस निर्गम के तहत अपने शेयर नहीं बेच रहे हैं। इस प्रकार, यह पूरी तरह नए शेयर जारी करने वाला इश्यू है। आईपीओ के लिए आवेदन की अवधि 21 अक्टूबर से 23 अक्टूबर 2026 तक निर्धारित की गई है। कंपनी के शेयरों की शेयर बाजार में लिस्टिंग 28 अक्टूबर को प्रस्तावित है।


आईपीओ से मिलने वाली रकम का कहां होगा इस्तेमाल?

कंपनी की योजना आईपीओ से प्राप्त राशि के बड़े हिस्से का इस्तेमाल अपनी महत्वपूर्ण सहायक कंपनी रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड के कुछ कर्जों के भुगतान के लिए करने की है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस उद्देश्य के लिए अधिकतम ₹27,500 करोड़ आवंटित किए जा सकते हैं। इससे संबंधित कर्ज का भुगतान करने और वित्तीय स्थिति को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।


जियो प्लेटफॉर्म्स की अनुमानित वैल्यूएशन

आईपीओ की ऊपरी मूल्य सीमा के आधार पर जियो प्लेटफॉर्म्स का अनुमानित बाजार मूल्य लगभग ₹10.3 लाख करोड़ आंका गया है।

कंपनी का कारोबार केवल मोबाइल नेटवर्क तक सीमित नहीं है। इसके डिजिटल कारोबार में दूरसंचार सेवाओं के साथ ब्रॉडबैंड, क्लाउड कंप्यूटिंग, एंटरप्राइज डिजिटल सेवाएं और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से संबंधित गतिविधियां भी शामिल हैं। पिछले एक दशक में रिलायंस जियो ने भारत के दूरसंचार क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। सस्ती डेटा सेवाओं और व्यापक नेटवर्क विस्तार ने देश में इंटरनेट के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया है।


निवेशकों में क्यों बढ़ा उत्साह?

जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को लेकर निवेशकों की दिलचस्पी के पीछे कई प्रमुख कारण हैं। पहला, कंपनी का भारतीय दूरसंचार और डिजिटल सेवाओं के बाजार में मजबूत स्थान है। दूसरा, इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की बढ़ती संख्या और डिजिटल सेवाओं की मांग से कारोबार के विस्तार की संभावनाएं बनती हैं। तीसरा, कंपनी भविष्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अन्य डिजिटल तकनीकों के माध्यम से अपनी सेवाओं का विस्तार कर सकती है। हालांकि, निवेशकों को कंपनी की वैल्यूएशन, प्रतिस्पर्धा, कर्ज, भविष्य की कमाई और तकनीकी क्षेत्र में होने वाले बदलावों से जुड़े जोखिमों पर भी ध्यान देना चाहिए।


भारतीय शेयर बाजार के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह IPO?

जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ भारतीय पूंजी बाजार के लिए एक महत्वपूर्ण घटना है। यदि यह अपने निर्धारित आकार पर पूरा होता है, तो यह अक्टूबर 2024 में आए हुंडई मोटर इंडिया के लगभग ₹27,800 करोड़ के आईपीओ को पीछे छोड़कर भारत का सबसे बड़ा आईपीओ बन सकता है। इससे भारतीय शेयर बाजार में बड़े तकनीकी और डिजिटल कारोबारों के मूल्यांकन को लेकर भी निवेशकों की सोच को समझने का अवसर मिलेगा।


जियो प्लेटफॉर्म्स का ₹30,213 करोड़ का आईपीओ भारतीय कॉरपोरेट और शेयर बाजार के लिए एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। आईपीओ खुलने के तुरंत बाद इसे मिली मजबूत प्रतिक्रिया कंपनी के प्रति निवेशकों की रुचि को दर्शाती है। हालांकि, आईपीओ में निवेश करने से पहले निवेशकों को कंपनी के आधिकारिक दस्तावेजों, वित्तीय प्रदर्शन, जोखिमों और अपने निवेश उद्देश्यों का मूल्यांकन करना चाहिए।