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अनाया बांगर को ऑस्ट्रेलिया में क्रिकेट खेलने की मंजूरी, BCCI से नियम बदलने की अपील; जानें ICC का मौजूदा नियम
पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय बांगर की बेटी और पूर्व मुंबई अंडर-19 क्रिकेटर अनाया बांगर को Cricket Australia ने महिलाओं के Community Cricket में खेलने की मंजूरी दी है। यह उनके क्रिकेट करियर में वापसी की दिशा में बड़ा कदम है। हालांकि Elite Cricket, जिसमें Women’s Big Bash League (WBBL) जैसी प्रतियोगिताएं शामिल हैं, के लिए उन्हें निर्धारित testosterone eligibility criteria पूरा करना होगा। भारत में अनाया ने BCCI से transgender खिलाड़ियों के लिए स्पष्ट और समावेशी नीति बनाने की अपील की है। दूसरी ओर, ICC की मौजूदा नीति male puberty से गुजर चुकी transgender महिलाओं को अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट में खेलने की अनुमति नहीं देती।

अनाया बांगर को Cricket Australia की ओर से ऑस्ट्रेलिया में महिलाओं के Community Cricket में खेलने की मंजूरी मिल गई है। इस फैसले के बाद वह ऑस्ट्रेलिया में घरेलू स्तर पर क्रिकेट खेल सकेंगी। Cricket Australia ने स्पष्ट किया है कि Community Cricket और Elite Cricket के लिए अलग-अलग पात्रता नियम लागू होते हैं। अनाया फिलहाल Community Cricket में खेल सकती हैं, जबकि Elite Cricket में प्रवेश के लिए उन्हें अलग पात्रता शर्तें पूरी करनी होंगी। अनाया ने इस फैसले पर खुशी जताते हुए कहा कि एक समय उन्हें लगा था कि वह दोबारा क्रिकेट नहीं खेल पाएंगी। Cricket Australia की मंजूरी उनके लिए खेल में वापसी का रास्ता खोलती है।
WBBL में खेलने के लिए अभी पूरी करनी होगी शर्त
Cricket Australia की Transgender and Gender Diverse Players in Elite Cricket Policy के तहत Elite Cricket में खेलने के लिए transgender खिलाड़ियों को निर्धारित testosterone मानदंड पूरा करना होता है। मौजूदा नियम के अनुसार, पात्रता के लिए serum testosterone का स्तर 10 nmol/L से कम होना चाहिए और यह स्थिति कम से कम 12 महीने तक बनी रहनी चाहिए। Women's Big Bash League जैसी Elite प्रतियोगिताओं के लिए यह शर्त लागू होती है। इसलिए ऑस्ट्रेलिया से मिली मौजूदा मंजूरी को सीधे WBBL या अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने की मंजूरी समझना सही नहीं होगा। फिलहाल यह Community Cricket से जुड़ी अनुमति है।
भारत में BCCI से मांगी थी जानकारी
अनाया ने भारत में महिला क्रिकेट में अपनी पात्रता को लेकर Board of Control for Cricket in India (BCCI) से संपर्क किया था। Indian Express की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने पिछले साल BCCI को transgender खिलाड़ियों की eligibility criteria के बारे में जानकारी मांगते हुए पत्र लिखा था, लेकिन उन्हें अब तक जवाब नहीं मिला है। इसी वजह से भारत में खेलने की संभावनाओं को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। अनाया चाहती हैं कि भारतीय क्रिकेट प्रशासन transgender महिला खिलाड़ियों के लिए स्पष्ट नियम बनाए और व्यक्तिगत मामलों को वैज्ञानिक एवं चिकित्सा मानकों के आधार पर देखने की व्यवस्था करे।
अनाया का मुंबई अंडर-19 क्रिकेट से रहा है संबंध
अनाया बांगर पहले मुंबई के age-group क्रिकेट में खेल चुकी हैं। वह मुंबई अंडर-19 क्रिकेट से जुड़ी रही हैं और उस दौर में सरफराज खान तथा उनके भाई मुशीर खान जैसे खिलाड़ियों के साथ भी क्रिकेट खेल चुकी हैं। उनके पिता संजय बांगर भारत के पूर्व क्रिकेटर और भारतीय टीम के पूर्व बल्लेबाजी कोच रह चुके हैं। इस पृष्ठभूमि के कारण अनाया की महिला क्रिकेट में वापसी की कोशिश को भारतीय क्रिकेट जगत में विशेष ध्यान मिला है।
ICC का नियम क्या कहता है?
इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका International Cricket Council (ICC) के नियमों की है। ICC ने 2023 में अपनी transgender participation policy में बदलाव किया था। इसके तहत ऐसी transgender महिलाएं जिन्होंने male puberty का अनुभव किया है, उन्हें अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट में खेलने की अनुमति नहीं है। यह नियम gender-affirming surgery या hormone therapy की स्थिति से अलग लागू होता है। इसका सीधा मतलब है कि मौजूदा ICC नियमों के तहत अनाया भारतीय महिला अंतरराष्ट्रीय टीम के लिए नहीं खेल सकतीं, भले ही वह किसी अन्य स्तर पर क्रिकेट खेलने की पात्रता हासिल कर लें।
BCCI और ICC के नियमों में फर्क समझना जरूरी
यहां एक महत्वपूर्ण अंतर समझना जरूरी है। ICC का नियम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट पर लागू होता है, जबकि घरेलू क्रिकेट के लिए संबंधित क्रिकेट बोर्ड की अपनी eligibility policy महत्वपूर्ण होती है। हालिया रिपोर्टों के मुताबिक BCCI की ओर से transgender महिलाओं के लिए कोई अलग सार्वजनिक रूप से स्पष्ट eligibility policy सामने नहीं आई है। इसी वजह से अनाया ने BCCI से नियमों को स्पष्ट करने और transgender खिलाड़ियों के लिए रास्ता बनाने की मांग की है।
अनाया ने वैज्ञानिक रिपोर्ट का भी हवाला दिया
2025 में अनाया ने transgender खिलाड़ियों को महिला क्रिकेट में शामिल करने के पक्ष में अपनी बात रखते हुए एक वैज्ञानिक रिपोर्ट का हवाला दिया था। रिपोर्ट में hormone therapy के बाद उनके शारीरिक और physiological parameters का अध्ययन किया गया था। अनाया का तर्क रहा है कि transgender खिलाड़ियों की पात्रता पर फैसला वैज्ञानिक आंकड़ों और individual assessment के आधार पर होना चाहिए। उन्होंने ICC और BCCI दोनों से मौजूदा नीति पर पुनर्विचार की अपील की थी। हालांकि, यह भी स्पष्ट है कि अनाया के व्यक्तिगत मेडिकल आंकड़े अपने आप ICC की मौजूदा eligibility policy को नहीं बदलते। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने की पात्रता मौजूदा ICC नियमों के अनुसार ही तय होगी।
Cricket Australia का फैसला क्यों महत्वपूर्ण है?
Cricket Australia का फैसला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे अनाया को प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में वापसी का एक वास्तविक अवसर मिला है। हालांकि फिलहाल यह Community Cricket तक सीमित है, लेकिन इससे उन्हें दोबारा मैदान पर उतरने का मौका मिलेगा। रिपोर्टों के अनुसार, मार्च 2027 से Elite Cricket के लिए उनकी पात्रता पर भी विचार किया जा सकता है, बशर्ते वह Cricket Australia की निर्धारित eligibility conditions पूरी करती हों।
इसका मतलब यह नहीं है कि उन्हें सीधे WBBL में स्थान मिल गया है। पात्रता हासिल करने के बाद भी किसी खिलाड़ी को टीम में जगह बनाने के लिए चयन प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है।
भारत के लिए क्या रास्ता है?
भारत में मामला फिलहाल दो स्तरों पर जुड़ा हुआ है। पहला, BCCI की घरेलू क्रिकेट नीति में transgender खिलाड़ियों के लिए स्पष्ट व्यवस्था। दूसरा, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के लिए ICC की मौजूदा नीति। अगर ICC भविष्य में अपनी नीति में बदलाव करता है, तो अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट में transgender खिलाड़ियों की भागीदारी को लेकर नई संभावनाएं बन सकती हैं। लेकिन मौजूदा नियमों के तहत ऐसी संभावना उपलब्ध नहीं है।
खेलों में transgender खिलाड़ियों की भागीदारी पर बहस
अनाया बांगर का मामला केवल एक खिलाड़ी की क्रिकेट में वापसी का मुद्दा नहीं है। यह खेलों में समावेश, प्रतिस्पर्धात्मक समानता, खिलाड़ी सुरक्षा और वैज्ञानिक मानकों को लेकर चल रही व्यापक बहस का हिस्सा है। एक तरफ transgender खिलाड़ियों के समान अवसर और खेल में भागीदारी के अधिकार की बात होती है, वहीं दूसरी तरफ महिला वर्ग में प्रतिस्पर्धात्मक संतुलन और निष्पक्षता को लेकर खेल संस्थाएं अलग-अलग eligibility criteria तय करती हैं।
क्रिकेट में भी ICC और विभिन्न राष्ट्रीय बोर्डों के नियम इसी बहस के बीच विकसित हुए हैं।
फिलहाल क्या है स्थिति?
- अनाया बांगर को ऑस्ट्रेलिया में Community Cricket खेलने की अनुमति मिली है।
- Elite Cricket/WBBL के लिए उन्हें Cricket Australia के testosterone संबंधी पात्रता मानदंड पूरे करने होंगे।
- ICC की मौजूदा नीति male puberty से गुजर चुकी transgender महिलाओं को अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट में खेलने से रोकती है।
- अनाया ने BCCI से transgender खिलाड़ियों की eligibility को लेकर स्पष्ट नीति बनाने की अपील की है।
- इसलिए अभी यह कहना सही नहीं होगा कि अनाया को भारत की महिला टीम के लिए खेलने की अनुमति मिल गई है।
निष्कर्ष
अनाया बांगर के लिए Cricket Australia की मंजूरी क्रिकेट में वापसी की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। लेकिन यह मंजूरी फिलहाल Community Cricket तक सीमित है और Elite Cricket के लिए अतिरिक्त पात्रता शर्तें लागू हैं। भारत में उनकी नजर BCCI की नीति पर है, जबकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ICC का मौजूदा नियम उनके रास्ते में सबसे बड़ी बाधा है। ऐसे में अनाया का मामला आने वाले समय में transgender खिलाड़ियों की भागीदारी, वैज्ञानिक मानकों और महिला क्रिकेट में eligibility rules को लेकर बहस को और तेज कर सकता है।
