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आयुर्वेदिक दवा उत्पादन में बड़ी कार्रवाई, गंभीर खामियों पर 10 कंपनियों के लाइसेंस रद्द
महाराष्ट्र में आयुर्वेदिक दवाओं के उत्पादन में नियमों का उल्लंघन करने वाली कंपनियों पर अन्न व औषधि प्रशासन (FDA) ने बड़ी कार्रवाई की है। राज्य की 434 आयुर्वेदिक औषधि उत्पादक संस्थाओं की व्यापक जांच की गई। इस दौरान गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर 135 संस्थाओं को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए, जबकि गंभीर उल्लंघन करने वाली 10 संस्थाओं के उत्पादन लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द कर दिए गए हैं।
Priyanka Gaikwad12 अग. 2026, 08:30 PM IST

मुंबई : आयुर्वेदिक दवाओं की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए महाराष्ट्र में अन्न व औषधि प्रशासन की ओर से आयुर्वेदिक औषधि उत्पादक संस्थाओं की व्यापक जांच अभियान चलाया गया। इस जांच में राज्य की कुल 434 आयुर्वेदिक औषधि उत्पादक संस्थाओं का निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान नियमों का पालन नहीं करने वाली 135 संस्थाओं को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। वहीं, जांच में गंभीर स्वरूप की खामियां पाए जाने के बाद 10 आयुर्वेदिक औषधि उत्पादक संस्थाओं के उत्पादन लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द कर दिए गए हैं। संबंधित संस्थाओं की उत्पादन प्रक्रिया में औषधियों की गुणवत्ता, सुरक्षा और प्रभावशीलता से जुड़े गंभीर नियमों का उल्लंघन पाए जाने के कारण यह कार्रवाई की गई।
जांच में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं
जांच के दौरान कुछ संस्थाओं में मान्यता प्राप्त तकनीकी व्यक्ति की अनुपस्थिति में उत्पादन किए जाने की बात सामने आई। इसके अलावा सक्षम गुणवत्ता नियंत्रण विभाग का कार्यरत नहीं होना, उत्पादन और जांच के लिए आवश्यक मशीनरी या उपकरण उपलब्ध नहीं होना तथा उत्पादन परिसर में स्वच्छता और निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया जाना जैसी खामियां भी पाई गईं। इसके साथ ही वैध उत्पादन अभिलेख उपलब्ध नहीं होना, कच्चे माल की आवश्यक जानकारी और रिकॉर्ड का अभाव, तैयार उत्पादों के लेबल पर उत्पादन की तारीख दर्ज नहीं करना और कच्चे माल तथा तैयार उत्पादों की आवश्यक जांच की व्यवस्था नहीं होना जैसी अनियमितताएं भी सामने आईं।
कुछ संस्थाओं के पास शेड्यूल टी में निर्धारित मानकों के अनुसार संस्थान का मंजूर नक्शा उपलब्ध नहीं था। वहीं कुछ मामलों में वास्तविक उत्पादन परिसर मंजूर नक्शे के अनुरूप नहीं पाया गया। तकनीकी कर्मचारियों और कामगारों की मेडिकल जांच से संबंधित रिकॉर्ड तथा तकनीकी कर्मचारियों के प्रशिक्षण से जुड़े अभिलेख उपलब्ध नहीं होने की बात भी जांच में सामने आई।
गुणवत्ता और सुरक्षा पर प्रशासन का जोर
आयुर्वेदिक औषधियों का इस्तेमाल बड़ी संख्या में लोग करते हैं। ऐसे में इनके उत्पादन में गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का पालन बेहद जरूरी है। उत्पादन प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी होने पर दवाओं की गुणवत्ता प्रभावित होने के साथ ही उपभोक्ताओं की सुरक्षा पर भी असर पड़ सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए गंभीर खामियां पाए जाने वाली संस्थाओं के खिलाफ लाइसेंस रद्द करने जैसी सख्त कार्रवाई की गई है। प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि आयुर्वेदिक औषधियों का उत्पादन निर्धारित नियमों, गुणवत्ता मानकों और आवश्यक परीक्षण प्रक्रियाओं के अनुसार ही किया जाना चाहिए।
इस कार्रवाई से आयुर्वेदिक औषधि निर्माताओं के बीच गुणवत्ता नियंत्रण, उत्पादन प्रक्रिया में पारदर्शिता और निर्धारित नियमों के पालन को लेकर सख्ती बढ़ने की उम्मीद है। प्रशासन ने संकेत दिया है कि नियमों का गंभीर उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित उत्पादकों के खिलाफ आगे भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
