general

कानपुर पुलिस भर्ती में जुड़वां भाइयों का फर्जीवाड़ा, बायोमेट्रिक ने खोला राज l

कानपुर पुलिस भर्ती की शारीरिक मानक परीक्षा में चयन पाने के लिए दो जुड़वां भाइयों ने कथित तौर पर अपनी शक्ल की समानता का फायदा उठाकर फर्जीवाड़े की कोशिश की। कम लंबाई के कारण अयोग्य हुए भूपेंद्र की जगह दोबारा जांच में उसका जुड़वां भाई भूपेश पहुंच गया। हालांकि लंबाई में अंतर के बाद कराई गई फिंगरप्रिंट और रेटिना जांच में दोनों की पहचान अलग निकली। पुलिस ने दोनों भाइयों को गिरफ्तार कर लिया है।

Kashish Rai07 सित. 2026, 06:40 PM IST
खबर शेयर करें:
कानपुर पुलिस भर्ती में जुड़वां भाइयों का फर्जीवाड़ा, बायोमेट्रिक ने खोला राज l

कानपुर में पुलिस भर्ती में चयन पाने के लिए दो जुड़वां भाइयों द्वारा कथित तौर पर फर्जीवाड़ा करने का मामला सामने आया है। दोनों ने चेहरे की समानता का फायदा उठाकर शारीरिक मानक परीक्षा में एक-दूसरे की जगह लेने की योजना बनाई, लेकिन बायोमेट्रिक जांच ने उनकी पूरी प्लानिंग का खुलासा कर दिया। मामला कानपुर पुलिस लाइन में चल रही पुलिस भर्ती की शारीरिक मानक परीक्षा का है। आगरा निवासी भूपेंद्र ने लिखित परीक्षा पास की थी। इसके बाद 29 अगस्त को उसकी शारीरिक नापजोख हुई। जांच में उसकी लंबाई 166.4 सेंटीमीटर और छाती 79 सेंटीमीटर दर्ज की गई। निर्धारित लंबाई के मानक पर खरा नहीं उतरने के कारण उसे अयोग्य घोषित कर दिया गया। भर्ती नियमों के तहत शारीरिक या मेडिकल जांच के परिणाम पर आपत्ति होने पर अभ्यर्थी दोबारा जांच की अपील कर सकता है। भूपेंद्र ने भी दोबारा नापजोख के लिए आवेदन किया।

दूसरी जांच में 3.2 सेंटीमीटर ज्यादा लंबाई

पुलिस के मुताबिक, दोबारा जांच के दौरान भूपेंद्र की जगह उसका जुड़वां भाई भूपेश पहुंचा। उसने खुद को भूपेंद्र बताया और दोबारा जांच कराई। इस बार लंबाई 169.6 सेंटीमीटर दर्ज हुई। पहली जांच में 166.4 सेंटीमीटर और दूसरी जांच में 169.6 सेंटीमीटर लंबाई सामने आने पर अधिकारियों को शक हुआ। दोनों भाइयों के चेहरे एक जैसे होने के कारण  फोटो मिलान से तत्काल स्थिति स्पष्ट नहीं हुई। इसके बाद अधिकारियों ने बायोमेट्रिक सत्यापन कराया। फिंगरप्रिंट और रेटिना का मिलान नहीं हुआ, जिसके बाद फर्जीवाड़े का खुलासा हो गया।

पूछताछ में सामने आई कथित प्लानिंग

पुलिस के अनुसार, पूछताछ में पता चला कि भूपेंद्र को पहले से मालूम था कि उसकी लंबाई भर्ती के निर्धारित मानक से कम है। इसके बाद दोनों भाइयों ने कथित तौर पर योजना बनाई कि पहली जांच में कम लंबाई सामने आने के बाद अपील के दौरान भूपेश उसकी जगह परीक्षा में शामिल होगा। पुलिस के मुताबिक, पहली जांच के बाद भूपेंद्र अपना सामान लेकर बाहर चला गया। इसके बाद भूपेश कथित तौर पर उसी तरह के कपड़े और सामान के साथ पहुंचा और दोबारा जांच कराई। योजना यह थी कि दूसरी जांच में ज्यादा लंबाई दर्ज होने के बाद भूपेश बाहर निकल जाएगा और भूपेंद्र फिर से उसकी जगह ले लेगा। हालांकि लंबाई में अंतर के कारण अधिकारियों को शक हुआ और बायोमेट्रिक जांच के बाद पूरा मामला सामने आ गया।

दोनों भाई गिरफ्तार

मामला सामने आने के बाद पुलिस ने परिसर के बाहर मौजूद भूपेंद्र को भी पकड़ लिया। इसके बाद दोनों भाइयों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस लाइन के एसआई ईश्वर सिंह की तहरीर पर दोनों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। कोतवाली प्रभारी अरुण कुमार द्विवेदी के मुताबिक, दोनों ने जुड़वां होने और चेहरे की समानता का फायदा उठाकर भर्ती प्रक्रिया को कथित तौर पर धोखा देने की कोशिश की। पुलिस ने दोनों के पास से दो मोबाइल फोन, आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी, ATM कार्ड और हाईस्कूल-इंटरमीडिएट की मार्कशीट समेत अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं। पुलिस अब मामले में भर्ती प्रक्रिया से जुड़े अन्य पहलुओं और दोनों भाइयों की कथित भूमिका की जांच कर रही है।