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ग्रेटर नोएडा में किसानों को बड़ी राहत, बढ़ा जमीन का मुआवजा

ग्रेटर नोएडा में विकास परियोजनाओं के लिए जमीन देने वाले किसानों के मुआवजे में बड़ी बढ़ोतरी की गई है। मुआवजा दर ₹4,125 से बढ़ाकर ₹6,415 प्रति वर्गमीटर कर दी गई है। वहीं 6% आबादी प्लॉट का विकल्प चुनने वाले किसानों के लिए दर ₹5,725 प्रति वर्गमीटर तय की गई है।

Neha Sharma29 अग. 2026, 02:57 PM IST
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ग्रेटर नोएडा में किसानों को बड़ी राहत, बढ़ा जमीन का मुआवजा

ग्रेटर नोएडा: किसानों की जमीन के मुआवजे को लेकर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने बड़ा फैसला लिया है। विकास परियोजनाओं के लिए किसानों से जमीन खरीदने पर मिलने वाली मुआवजा दर ₹4,125 से बढ़ाकर ₹6,415 प्रति वर्गमीटर कर दी गई है। यानी किसानों को पहले की तुलना में ₹2,290 प्रति वर्गमीटर अधिक मिलेंगे। यह करीब 55.5% की बढ़ोतरी है।


4,125 रुपये से बढ़कर 6,415 रुपये हुई दर

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की नई व्यवस्था के तहत विकास कार्यों के लिए खरीदी जाने वाली जमीन पर किसानों को अब ₹6,415 प्रति वर्गमीटर की दर से मुआवजा मिलेगा। इससे पहले यह दर ₹4,125 प्रति वर्गमीटर थी। हालांकि, जो किसान 6% आबादी प्लॉट का विकल्प चुनेंगे, उनके लिए जमीन का मुआवजा ₹5,725 प्रति वर्गमीटर रखा गया है। इसके तहत किसानों को उनकी मूल जमीन के 6% हिस्से के बराबर विकसित आवासीय प्लॉट देने की व्यवस्था भी शामिल है।


कई साल बाद हुई बड़ी बढ़ोतरी

ग्रेटर नोएडा में किसानों की जमीन के मुआवजे की दर में पिछले कुछ वर्षों में धीरे-धीरे बढ़ोतरी हुई थी। 2014-15 से 2021-22 तक यह दर ₹3,500 प्रति वर्गमीटर थी। इसके बाद 2022-23 में इसे ₹3,750 और 2023-24 में ₹4,125 प्रति वर्गमीटर किया गया। अब 2026-27 में प्राधिकरण ने एकमुश्त ₹2,290 प्रति वर्गमीटर की बढ़ोतरी को मंजूरी दी है।


दूसरे चरण के भूमि अधिग्रहण में मिलेगी मदद

यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब ग्रेटर नोएडा में विकास का अगला चरण आगे बढ़ाया जाना है। रिपोर्ट के मुताबिक, दूसरे चरण की योजना लगभग 40,000 हेक्टेयर क्षेत्र में है और इसमें करीब 140 गांव शामिल होंगे। पहले चरण में 117 गांवों की लगभग 31,733 हेक्टेयर जमीन को विकास योजना में शामिल किया गया था। दूसरे चरण के पूरा होने के बाद ग्रेटर नोएडा का नियोजित क्षेत्र करीब 71,000 हेक्टेयर तक पहुंचने की योजना है। दूसरे चरण में दादरी और सिकंदराबाद के आसपास के क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके अलावा Aqua Line के Depot-Bodaki Corridor के विस्तार जैसी परियोजनाओं के लिए भी जमीन की जरूरत होगी।


10 किलोमीटर सड़क का काम भी जमीन की वजह से अटका

भूमि अधिग्रहण में आने वाली बाधाओं का असर कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर पड़ा है। रिपोर्ट के मुताबिक, सिरसा गांव से यमुना प्राधिकरण क्षेत्र तक 130 मीटर चौड़ी सड़क का लगभग 10 किलोमीटर हिस्सा जमीन उपलब्ध न होने के कारण अधूरा है। नई मुआवजा दर से प्राधिकरण को ऐसी परियोजनाओं के लिए जमीन खरीदने में मदद मिलने की उम्मीद है।


6% आबादी प्लॉट की योजना फिर शुरू

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने किसानों के लिए 6% आबादी प्लॉट की व्यवस्था को भी फिर से शुरू करने का फैसला किया है। अधिकारियों के अनुसार, यह सुविधा 2016 में बंद कर दी गई थी, जिसे अब दोबारा लागू किया गया है। इन प्लॉटों को अलग-अलग विकसित आवासीय सेक्टरों में दिया जाएगा। किसान की जमीन प्राधिकरण के नाम दर्ज होने के साथ उसे प्लॉट के लिए आरक्षण पत्र देने की व्यवस्था होगी। आबादी प्लॉट का आकार कम से कम 40 वर्गमीटर और अधिकतम 2,500 वर्गमीटर होगा।


किसानों को अब नहीं लगाने पड़ेंगे कई दफ्तरों के चक्कर

प्राधिकरण ने जमीन खरीद की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (ACEO) की अध्यक्षता में Land Acquisition Cell गठित करने का फैसला किया है। इस सेल का उद्देश्य किसानों को जमीन खरीद की प्रक्रिया पूरी कराने में सहायता देना है, ताकि उन्हें अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। मुआवजे की राशि को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए पूरी रकम सीधे किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर करने की व्यवस्था भी बताई गई है।


जमीन पर मौजूद संपत्तियों का भी मिलेगा अलग मुआवजा

नई व्यवस्था के तहत जमीन पर मौजूद परिसंपत्तियों के लिए किसानों को अलग से मुआवजा दिया जाएगा। प्रमुख सड़कों के किनारे जमीन रखने वाले किसानों को आबादी प्लॉट के आवंटन में प्राथमिकता देने का भी प्रावधान बताया गया है।


किसानों के विरोध के बाद बढ़ा दबाव

ग्रेटर नोएडा में किसान लंबे समय से जमीन के मुआवजे को बढ़ाने की मांग करते रहे हैं। अगस्त में भी किसानों की ओर से प्राधिकरण के खिलाफ प्रदर्शन की योजना बनाई गई थी। अधिकारियों का कहना है कि अब किसानों की शिकायतों को दूर करने की दिशा में कदम उठाए गए हैं। नई मुआवजा दर से प्राधिकरण को भविष्य की विकास परियोजनाओं के लिए जमीन उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है। साथ ही किसानों को जमीन के बदले पहले की तुलना में अधिक आर्थिक लाभ मिलेगा।


मुआवजे की नई दर एक नजर में

वर्षमुआवजा दर
2014-15 से 2021-22₹3,500/वर्गमीटर
2022-23₹3,750/वर्गमीटर
2023-24₹4,125/वर्गमीटर
2026-27₹6,415/वर्गमीटर
2026-27, 6% आबादी प्लॉट विकल्प₹5,725/वर्गमीटर

इस फैसले से एक तरफ किसानों को जमीन के लिए अधिक मुआवजा मिलेगा, वहीं दूसरी तरफ ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को आगामी विकास और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण में तेजी लाने में मदद मिलने की उम्मीद है।