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छात्र आंदोलन पर संसद में घमासान, अमित शाह देंगे जवाब

छात्र विरोध-प्रदर्शन और प्रदर्शनकारियों पर कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर संसद में सरकार और विपक्ष के बीच टकराव बढ़ गया है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सदन में विस्तार से जवाब देंगे। रिजिजू ने विपक्ष से सदन में मौजूद रहकर पूरा जवाब सुनने की अपील की। वहीं, विपक्ष प्रदर्शनकारियों पर कथित बल प्रयोग और सरकार की जवाबदेही को लेकर सवाल उठा रहा है।

Neha Sharma11 अग. 2026, 01:41 PM IST
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छात्र आंदोलन पर संसद में घमासान, अमित शाह देंगे जवाब
नई दिल्ली: छात्र विरोध-प्रदर्शन और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर संसद में जारी राजनीतिक घमासान के बीच केंद्र सरकार ने चर्चा के लिए तैयार होने की बात कही है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर संसद में चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस विषय पर विस्तार से जवाब देने के लिए भी तैयार हैं। रिजिजू ने विपक्षी दलों से अपील करते हुए कहा कि उन्हें चर्चा से डरने या भागने की जरूरत नहीं है। उन्होंने विपक्ष से आग्रह किया कि वह सदन में मौजूद रहे और गृह मंत्री का पूरा जवाब सुने।

सरकार चर्चा के लिए तैयार
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि छात्र विरोध-प्रदर्शन से जुड़े मुद्दे पर सरकार चर्चा से पीछे नहीं हट रही है। सरकार का कहना है कि वह विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवालों का जवाब सदन के भीतर देने के लिए तैयार है। रिजिजू ने स्पष्ट किया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस मामले पर विस्तार से सरकार का पक्ष रखेंगे। सरकार की ओर से यह बयान ऐसे समय आया है, जब छात्र प्रदर्शन को लेकर विपक्ष लगातार केंद्र सरकार से जवाब मांग रहा है।

विपक्ष से बोले- ‘डरना नहीं, भागना नहीं
रिजिजू ने विपक्षी दलों पर तंज कसते हुए कहा कि अगर वे इस मुद्दे पर चर्चा चाहते हैं तो उन्हें सदन में रहकर सरकार का जवाब सुनना चाहिए।
उन्होंने विपक्ष से कहा कि “आपको डरना नहीं है, भागना नहीं है, जवाब को पूरा सुनना है।” उनके इस बयान को सरकार की ओर से विपक्ष को सीधी राजनीतिक चुनौती के तौर पर देखा जा रहा है। सरकार का संदेश है कि वह छात्र विरोध-प्रदर्शन से जुड़े सवालों पर सदन में जवाब देने को तैयार है और विपक्ष को भी चर्चा में रचनात्मक तरीके से हिस्सा लेना चाहिए।

पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्ष के सवाल
छात्र प्रदर्शन के दौरान हुई कथित पुलिस कार्रवाई इस पूरे विवाद का प्रमुख मुद्दा बनी हुई है। विपक्ष की ओर से सरकार से सवाल किया जा रहा है कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग क्यों किया गया और इसके लिए जिम्मेदारी किसकी थी। विपक्षी नेताओं का आरोप है कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें उठा रहे छात्रों के साथ पुलिस ने सख्ती की। इसी मुद्दे को लेकर विपक्ष संसद में सरकार से जवाब की मांग कर रहा है। वहीं, सरकार का कहना है कि वह इस विषय पर चर्चा करने और सभी सवालों का जवाब देने के लिए तैयार है।

संसद में बढ़ सकता है राजनीतिक टकराव
छात्र आंदोलन का मुद्दा अब सड़क से संसद तक पहुंच चुका है। एक तरफ विपक्ष सरकार से पुलिस कार्रवाई और छात्रों की मांगों पर जवाब मांग रहा है, तो दूसरी ओर सरकार विपक्ष से सदन की कार्यवाही चलने देने और गृह मंत्री का जवाब सुनने की अपील कर रही है। ऐसे में अमित शाह के संभावित जवाब पर सभी की नजरें टिकी हैं। अगर सदन में इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा होती है, तो इसमें छात्र आंदोलन, पुलिस कार्रवाई, प्रशासनिक निर्णय और सरकार की जवाबदेही जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठ सकते हैं।

सरकार और विपक्ष आमने-सामने
इस पूरे घटनाक्रम में सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। सरकार का कहना है कि वह चर्चा से भाग नहीं रही, जबकि विपक्ष सरकार पर छात्रों के मुद्दे पर जवाबदेही से बचने का आरोप लगा रहा है। किरेन रिजिजू के बयान के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि विपक्ष सरकार के इस प्रस्ताव पर किस तरह प्रतिक्रिया देता है और संसद में इस मुद्दे पर कितनी विस्तृत चर्चा हो पाती है। फिलहाल, छात्र विरोध-प्रदर्शन का मुद्दा संसद के मानसून सत्र में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक मुद्दा बन चुका है और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के जवाब से इस विवाद पर सरकार का विस्तृत पक्ष सामने आने की उम्मीद है।