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दिल्ली में जलभराव पर NDMC चेयरपर्सन ने मांगी सार्वजनिक माफी, बोले- 72 मिमी बारिश से बिगड़ी स्थिति l

दिल्ली में 25 अगस्त को हुई मूसलाधार बारिश के बाद कई इलाकों में जलभराव की समस्या सामने आई। लोगों को हुई परेशानी के लिए NDMC के चेयरपर्सन मनोज द्विवेदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। उन्होंने बताया कि दो घंटे से भी कम समय में 72 मिमी से अधिक बारिश हुई, जिसके कारण कुछ इलाकों से पानी निकालने में एक घंटे से ज्यादा समय लगा। उन्होंने कहा कि बारिश को बहाने के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जा सकता और भविष्य में ऐसी स्थिति से निपटने के लिए सिस्टम को और मजबूत किया जाएगा।

Kashish Rai27 अग. 2026, 05:03 PM IST
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दिल्ली में जलभराव पर NDMC चेयरपर्सन ने मांगी सार्वजनिक माफी, बोले- 72 मिमी बारिश से बिगड़ी स्थिति l

देश की राजधानी दिल्ली में बीते दिनों हुई मूसलाधार बारिश के बाद कई इलाकों में जलभराव की समस्या सामने आई। इस वजह से लोगों को आवाजाही और रोजमर्रा के कामों में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। जलभराव को लेकर NDMC के चेयरपर्सन मनोज द्विवेदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट साझा कर जनता से सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है। मनोज द्विवेदी ने अपनी पोस्ट में कहा कि 25 अगस्त 2026 को NDMC क्षेत्र में जलभराव के कारण जिन लोगों को परेशानी हुई, वह उन सभी से तहे दिल से माफी मांगते हैं। उन्होंने बताया कि NDMC आमतौर पर 15 से 20 मिनट के भीतर जलभराव वाले स्थानों से पानी निकाल देती है, लेकिन उस दिन तीन से चार इलाकों में पानी पूरी तरह निकालने में एक घंटे से ज्यादा समय लग गया।


NDMC चेयरपर्सन के मुताबिक, दो घंटे से भी कम समय में 72 मिमी से ज्यादा बारिश हुई। कम समय में इतनी तेज बारिश होने के कारण जल निकासी व्यवस्था पर अचानक काफी दबाव पड़ा और कई इलाकों में पानी जमा हो गया। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारी बारिश को प्रशासन की कमी के लिए बहाने के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि इस घटना से प्रशासन को सीख लेने की जरूरत है और भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए सिस्टम को और मजबूत किया जाएगा। NDMC क्षेत्र को जलभराव से मुक्त बनाने के लिए अल्पकालिक और दीर्घकालिक योजनाओं पर काम करने का आश्वासन भी दिया गया है।


प्रशासन की ओर से जल निकासी व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी। उन इलाकों की पहचान की जाएगी, जहां बारिश के बाद पानी निकालने में सबसे ज्यादा समय लगा। इसके अलावा, नालों और ड्रेनेज लाइनों की सफाई, पंपिंग व्यवस्था को मजबूत करने और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त इंतजाम करने जैसे उपायों पर भी विचार किया जा सकता है। मनोज द्विवेदी ने नागरिकों से जलभराव की समस्या को लेकर सुझाव भी मांगे हैं। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोग उन स्थानों और समस्याओं के बारे में बेहतर जानकारी रखते हैं, जहां बारिश के दौरान बार-बार पानी भरता है। प्रशासन इन सुझावों के आधार पर सुधार की योजनाएं तैयार करेगा।


किसी वरिष्ठ अधिकारी द्वारा जलभराव के लिए सार्वजनिक रूप से जिम्मेदारी स्वीकार करने और आम लोगों से माफी मांगने के कदम की सोशल मीडिया पर कई लोगों ने सराहना की है। लोगों का कहना है कि ऐसी जवाबदेही से प्रशासन और जनता के बीच भरोसा मजबूत होता है। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि NDMC जलभराव की समस्या दूर करने के लिए घोषित योजनाओं को कितनी जल्दी लागू करता है।