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देवरिया में तिरंगा यात्रा के दौरान बिगड़ी छात्रों की तबीयत, डिहाइड्रेशन के बाद अस्पताल में भर्ती

उत्तर प्रदेश के देवरिया में तिरंगा यात्रा के दौरान तेज गर्मी और डिहाइड्रेशन के चलते कई छात्रों की तबीयत बिगड़ गई। चक्कर और कमजोरी की शिकायत के बाद प्रभावित छात्रों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना ने गर्मी में आयोजित सामूहिक कार्यक्रमों में स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं।

Anshuman Mishra13 अग. 2026, 09:39 PM IST
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देवरिया में तिरंगा यात्रा के दौरान बिगड़ी छात्रों की तबीयत, डिहाइड्रेशन के बाद अस्पताल में भर्ती
देवरिया: उत्तर प्रदेश के देवरिया में स्वतंत्रता दिवस से पहले निकाली गई तिरंगा यात्रा के दौरान कई छात्र-छात्राओं की तबीयत अचानक बिगड़ गई। तेज गर्मी और लंबे समय तक पैदल चलने के कारण डिहाइड्रेशन की शिकायत के बाद कई विद्यार्थियों को अस्पताल ले जाना पड़ा। यात्रा के दौरान कुछ छात्रों के बेहोश होने की भी जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि विद्यार्थी तिरंगा यात्रा में शामिल होकर पैदल मार्च कर रहे थे। लगातार धूप और गर्मी के बीच मार्च करने के दौरान कुछ विद्यार्थियों को चक्कर आने लगे। देखते ही देखते कई छात्र-छात्राओं की तबीयत खराब हो गई। स्थिति को देखते हुए उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनका उपचार किया।

गर्मी और डिहाइड्रेशन बनी बड़ी वजह
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक विद्यार्थियों की तबीयत बिगड़ने के पीछे डिहाइड्रेशन यानी शरीर में पानी और जरूरी तरल पदार्थों की कमी को प्रमुख कारण माना जा रहा है। गर्म मौसम में लंबे समय तक शारीरिक गतिविधि करने से शरीर से पसीने के जरिए पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो सकती है। ऐसी स्थिति में कमजोरी, सिरदर्द, चक्कर आना, अत्यधिक पसीना, मांसपेशियों में ऐंठन और बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। समय पर उपचार नहीं मिलने पर गंभीर हीट स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ सकता है।

देवरिया में पहले भी सामने आ चुकी हैं छात्रों के बीमार पड़ने की घटनाएं
देवरिया में विद्यार्थियों के बड़ी संख्या में बीमार पड़ने का मामला पहले भी सामने आ चुका है। अगस्त 2024 में जिले के पंडित दीनदयाल उपाध्याय आश्रम पद्धति विद्यालय में भोजन के बाद करीब 80 विद्यार्थियों के बीमार पड़ने की सूचना सामने आई थी। इनमें से 61 विद्यार्थियों को देवरिया मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। बाद में एक 15 वर्षीय छात्र की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। हालांकि, मौजूदा तिरंगा यात्रा की घटना का कारण अलग बताया जा रहा है और इसे डिहाइड्रेशन तथा गर्मी से जोड़कर देखा जा रहा है। दोनों घटनाओं को एक-दूसरे से जोड़ना उचित नहीं होगा।

स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रमों में स्वास्थ्य सुरक्षा जरूरी
स्वतंत्रता दिवस से पहले देशभर में तिरंगा यात्राओं और अन्य कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। देवरिया में भी हाल के दिनों में तिरंगा यात्रा आयोजित होने की पुष्टि स्थानीय रिपोर्टों से होती है। 10 अगस्त को तरकुलवा में भाजपा कार्यकर्ताओं ने बंजरिया मोड़ से बालपुर श्रीनगर तक तिरंगा यात्रा निकाली थी। ऐसे आयोजनों में बड़ी संख्या में बच्चों और युवाओं की भागीदारी को देखते हुए आयोजकों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। यात्रा का समय सुबह या शाम रखना, रास्ते में पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था करना, ORS उपलब्ध रखना, छायादार स्थानों पर विश्राम की सुविधा देना और मेडिकल टीम की मौजूदगी सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है।

डिहाइड्रेशन के लक्षण दिखें तो तुरंत रोकें मार्च
अगर किसी छात्र को यात्रा के दौरान चक्कर, अत्यधिक कमजोरी, सिरदर्द, उलझन, मांसपेशियों में ऐंठन या बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई दें तो उसे तुरंत मार्च से अलग कर छायादार और ठंडी जगह पर ले जाना चाहिए। स्थिति गंभीर होने पर बिना देरी किए अस्पताल ले जाना जरूरी है। फिलहाल उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर विद्यार्थियों की तबीयत बिगड़ने को डिहाइड्रेशन और गर्मी से जोड़ा जा रहा है। प्रभावित छात्रों की संख्या और उनकी वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति के संबंध में स्थानीय प्रशासन या स्वास्थ्य विभाग की विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।