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फायर सेफ्टी पर NDMA का अलर्ट

NDMA ने देशभर में आगजनी की घटनाओं को देखते हुए लोगों को फायर सेफ्टी को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है। प्राधिकरण ने सुरक्षा उपाय अपनाने और आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई करने पर जोर दिया है।

Neha Sharma04 अग. 2026, 06:42 PM IST
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फायर सेफ्टी पर NDMA का अलर्ट
नई दिल्ली: देशभर में बढ़ती आगजनी की घटनाओं और संभावित जोखिमों को देखते हुए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) ने लोगों को फायर सेफ्टी को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है। प्राधिकरण ने नागरिकों से अपील की है कि वे आग से बचाव के लिए जरूरी सावधानियां अपनाएं और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत संबंधित विभाग को सूचना दें।

NDMA द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, घरों, दफ्तरों और सार्वजनिक स्थानों पर फायर सेफ्टी उपकरणों का सही तरीके से उपयोग और उनकी नियमित जांच बेहद जरूरी है। खास तौर पर आग बुझाने वाले यंत्र (फायर एक्सटिंग्विशर) को सही स्थान पर रखना और यह सुनिश्चित करना कि वह काम कर रहा हो, जीवन और संपत्ति की सुरक्षा के लिए अहम माना गया है।

प्राधिकरण ने यह भी कहा है कि इमारतों में स्मोक अलार्म लगाना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि यह आग लगने की स्थिति में समय रहते चेतावनी देकर जान बचाने में मदद करता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, सही तरीके से काम करने वाले स्मोक अलार्म आग से होने वाले खतरे को काफी हद तक कम कर सकते हैं।
NDMA ने लोगों को यह सलाह भी दी है कि वे घरों में बिजली के तारों का सुरक्षित उपयोग करें और उन्हें भीड़-भाड़ वाले स्थानों या कालीन के नीचे न रखें, क्योंकि इससे शॉर्ट सर्किट और आग लगने का खतरा बढ़ जाता है। 

इसके अलावा बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए माचिस और लाइटर जैसी ज्वलनशील वस्तुओं को उनकी पहुंच से दूर रखने की अपील की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि देश में शहरीकरण और बढ़ती आबादी के साथ आग लगने की घटनाओं का खतरा भी बढ़ रहा है। ऐसे में NDMA द्वारा जारी ये दिशा-निर्देश केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि आम लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण सुरक्षा उपाय हैं। NDMA एक शीर्ष सरकारी संस्था है, जो देश में आपदा प्रबंधन के लिए नीतियां और दिशा-निर्देश तैयार करती है और राज्यों के साथ मिलकर आपदा से निपटने की रणनीति बनाती है।

इसके अलावा, NDMA का फोकस केवल आग बुझाने तक सीमित नहीं है, बल्कि आग लगने से पहले ही रोकथाम (prevention), जागरूकता (awareness) और तैयारियों (preparedness) को मजबूत करना भी है। इसी दिशा में समय-समय पर मॉक ड्रिल, प्रशिक्षण कार्यक्रम और जनजागरूकता अभियान चलाए जाते हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में नुकसान को कम किया जा सके।

कुल मिलाकर, NDMA का यह अलर्ट लोगों को आग जैसी घटनाओं से बचने के लिए पहले से तैयार रहने और सुरक्षा नियमों का पालन करने की याद दिलाता है। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि थोड़ी सी सावधानी और जागरूकता से बड़े हादसों को टाला जा सकता है और कई लोगों की जान बचाई जा सकती है।