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महाड MIDC में गैस लीक, 2 कामगारों की मौत; 36 प्रभावित

महाराष्ट्र के रायगढ़ स्थित महाड MIDC में इंडो अमाइन्स की औद्योगिक इकाई में गैस लीक की गंभीर घटना सामने आई। हादसे में दो कामगारों की मौत हो गई, जबकि करीब 36 अन्य कामगार प्रभावित हुए। गैस रिसाव के बाद प्रभावित कर्मचारियों को अस्पताल पहुंचाया गया। प्रशासन और संबंधित एजेंसियां घटना के कारणों की जांच कर रही हैं। हादसे ने केमिकल इंडस्ट्री में सुरक्षा मानकों और आपातकालीन व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

Neha Sharma19 अग. 2026, 10:01 AM IST
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महाड MIDC में गैस लीक, 2 कामगारों की मौत; 36 प्रभावित

रायगढ़: महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के महाड MIDC स्थित इंडो अमाइन्स लिमिटेड की औद्योगिक इकाई में शनिवार शाम गैस लीक होने की गंभीर घटना सामने आई। हादसे में दो कामगारों की मौत हो गई, जबकि करीब 36 अन्य कामगार गैस के संपर्क में आने से प्रभावित हुए हैं। कुछ प्रभावित कामगारों की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।


जानकारी के मुताबिक, घटना 15 अगस्त की शाम महाड MIDC स्थित इंडो अमाइन्स के परिसर में हुई। अचानक गैस का रिसाव होने के बाद वहां काम कर रहे कर्मचारियों को सांस लेने में परेशानी होने लगी। गैस के संपर्क में आए कामगारों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। रिपोर्टों के अनुसार, इस घटना में दो लोगों की जान चली गई, जबकि 36 अन्य कामगार प्रभावित हुए। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और संबंधित आपातकालीन दलों ने स्थिति को संभालने के लिए कार्रवाई शुरू की। औद्योगिक इकाई में गैस रिसाव जैसी घटना के दौरान सबसे बड़ी चुनौती जहरीली या खतरनाक गैस के संपर्क को रोकना और प्रभावित कर्मचारियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाना होती है। इस मामले में भी प्रभावित कामगारों को चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई।


फिलहाल गैस लीक होने के वास्तविक कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। शुरुआती रिपोर्टों में गैस या रासायनिक पदार्थ के रिसाव की बात सामने आई है, लेकिन किस गैस के कारण यह दुर्घटना हुई और रिसाव किस प्रक्रिया या उपकरण से शुरू हुआ, इसकी स्पष्ट जानकारी जांच के बाद ही सामने आएगी। कुछ स्थानीय रिपोर्टों में हाइड्रोक्लोरिक एसिड से संबंधित गैस का उल्लेख किया गया है, लेकिन इसकी स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि अभी जरूरी है।


इस घटना ने महाड MIDC जैसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र में कामगारों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। केमिकल और स्पेशलिटी केमिकल उद्योगों में जहरीले, ज्वलनशील या प्रतिक्रियाशील पदार्थों का इस्तेमाल होता है। ऐसे में गैस डिटेक्शन सिस्टम, नियमित उपकरण जांच, आपातकालीन निकासी योजना, कर्मचारियों की सुरक्षा ट्रेनिंग और पर्याप्त व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण बेहद महत्वपूर्ण होते हैं।

इंडो अमाइन्स महाड MIDC में स्पेशलिटी केमिकल्स और इंटरमीडिएट्स के निर्माण से जुड़ी औद्योगिक इकाई है। सरकारी पर्यावरणीय रिकॉर्ड में भी महाड MIDC में कंपनी की रासायनिक विनिर्माण गतिविधियों का उल्लेख मिलता है।


महाड की यह घटना महाराष्ट्र के औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर व्यापक चिंता को फिर सामने लाती है। इससे पहले भी राज्य के अलग-अलग MIDC क्षेत्रों में रासायनिक दुर्घटनाओं और गैस रिसाव की घटनाएं हो चुकी हैं। ऐसे हादसों के बाद केवल तत्काल राहत और चिकित्सा सहायता ही नहीं, बल्कि दुर्घटना के मूल कारण की जांच और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा ऑडिट भी महत्वपूर्ण हो जाता है। अब जांच एजेंसियों के सामने यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि गैस का रिसाव कैसे हुआ, क्या सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा था, संबंधित उपकरणों की स्थिति कैसी थी और क्या कर्मचारियों के लिए पर्याप्त आपातकालीन सुरक्षा व्यवस्था मौजूद थी। जांच के निष्कर्षों के आधार पर जिम्मेदारी और आगे की कार्रवाई भी तय हो सकती है।


फिलहाल इस हादसे में दो कामगारों की मौत और दर्जनों कर्मचारियों के प्रभावित होने से महाड MIDC में चिंता का माहौल है। प्रशासन और संबंधित औद्योगिक सुरक्षा विभाग से दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच तथा प्रभावित परिवारों और कामगारों के लिए आवश्यक सहायता सुनिश्चित करने की उम्मीद है।