government

महानायक उत्तम कुमार को PM मोदी की श्रद्धांजलि

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महानायक उत्तम कुमार की जन्म शताब्दी पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने भारतीय सिनेमा में उत्तम कुमार के उल्लेखनीय योगदान और उनकी यादगार अदाकारी को याद करते हुए कहा कि उनकी विरासत आज भी दर्शकों और आने वाली पीढ़ियों को प्रभावित करती है।

Neha Sharma03 सित. 2026, 04:39 PM IST
खबर शेयर करें:
महानायक उत्तम कुमार को PM मोदी की श्रद्धांजलि

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बंगाली सिनेमा के महान अभिनेता उत्तम कुमार की जन्म शताब्दी पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। प्रधानमंत्री ने उन्हें भारतीय सिनेमा का ऐसा बहुमुखी कलाकार बताया, जिसकी शानदार अदाकारी और यादगार भूमिकाएं आज भी अलग-अलग पीढ़ियों के दर्शकों को जोड़ती हैं। उत्तम कुमार का जन्म 3 सितंबर 1926 को हुआ था। बंगाली सिनेमा में उन्हें प्यार और सम्मान से ‘महानायक’ कहा जाता है। 2026 में उनकी जन्म शताब्दी के अवसर पर बंगाल समेत देश के अलग-अलग हिस्सों में उनके योगदान को याद किया जा रहा है।


PM मोदी ने याद किया उत्तम कुमार का योगदान

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने हालिया ‘मन की बात’ कार्यक्रम में भी उत्तम कुमार का विशेष उल्लेख किया था। उन्होंने अभिनेता की बहुमुखी प्रतिभा और उनकी ऐसी अदाकारी को रेखांकित किया था, जिसने लंबे समय तक दर्शकों के दिलों में जगह बनाए रखी। प्रधानमंत्री के अनुसार, उत्तम कुमार ने अलग-अलग तरह की भूमिकाओं के जरिए अपनी अभिनय क्षमता साबित की और उनका प्रभाव सिर्फ उनके दौर तक सीमित नहीं रहा। उनकी फिल्मों और अभिनय की लोकप्रियता आज भी कायम है।


तीन दशक से ज्यादा का शानदार फिल्मी सफर

उत्तम कुमार का फिल्मी करियर तीन दशकों से अधिक समय तक चला। उन्होंने सिर्फ अभिनेता के तौर पर ही नहीं, बल्कि निर्देशक, निर्माता, पटकथा लेखक और संगीत से जुड़े कार्यों में भी योगदान दिया। शुरुआती दौर में उन्हें कई मुश्किलों और असफलताओं का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने लगातार काम करते हुए बंगाली फिल्म इंडस्ट्री में अपनी अलग पहचान बनाई। उनकी लोकप्रियता इतनी व्यापक थी कि वह धीरे-धीरे बंगाली सिनेमा के सबसे बड़े सितारों में शामिल हो गए। खासतौर पर उनकी ऑन-स्क्रीन मौजूदगी और अभिनय शैली ने उन्हें दर्शकों के बीच असाधारण लोकप्रियता दिलाई।


सत्यजीत रे के साथ भी रहा खास जुड़ाव

उत्तम कुमार की विरासत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा महान फिल्मकार सत्यजीत रे के साथ उनका जुड़ाव भी है। रे की चर्चित फिल्म ‘नायक’ (The Hero) में उत्तम कुमार ने मुख्य भूमिका निभाई थी। यह फिल्म अभिनेता के स्टारडम, सार्वजनिक छवि और एक कलाकार के भीतर चलने वाले द्वंद्व को केंद्र में रखती है। उत्तम कुमार और सत्यजीत रे का यह सहयोग बंगाली सिनेमा के इतिहास में विशेष महत्व रखता है और आज भी फिल्म अध्येताओं तथा दर्शकों के बीच चर्चा का विषय है।


आज भी कायम है ‘महानायक’ की लोकप्रियता

उत्तम कुमार को गुजरे कई दशक हो चुके हैं, लेकिन बंगाली सिनेमा और लोकप्रिय संस्कृति में उनका प्रभाव अब भी दिखाई देता है। उनकी फिल्मों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए जन्म शताब्दी के अवसर पर कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। पश्चिम बंगाल में जन्म शताब्दी समारोह के तहत फिल्म स्क्रीनिंग, प्रदर्शनियां, चर्चा कार्यक्रम और सांस्कृतिक आयोजन किए जा रहे हैं। कोलकाता में 3 से 6 सितंबर तक चार दिवसीय कार्यक्रम भी आयोजित किया जा रहा है। जन्म शताब्दी समारोह में नई पीढ़ी को उत्तम कुमार की फिल्मों और उनके योगदान से जोड़ने पर भी जोर दिया जा रहा है। इस दौरान दुर्लभ तस्वीरों और फिल्म से जुड़ी सामग्री की प्रदर्शनियों के जरिए उनके फिल्मी सफर को सामने लाने की कोशिश की जा रही है।


बंगाली सिनेमा से आगे राष्ट्रीय पहचान

उत्तम कुमार की पहचान मुख्य रूप से बंगाली सिनेमा के ‘महानायक’ के रूप में रही, लेकिन उनका प्रभाव क्षेत्रीय सीमाओं तक नहीं रहा। उनके काम ने भारतीय सिनेमा में बंगाली फिल्मों और कलाकारों की व्यापक पहचान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी लोकप्रियता का सबसे बड़ा प्रमाण यह है कि जन्म के 100 वर्ष पूरे होने के बाद भी उनके नाम और अभिनय को लेकर दर्शकों, कलाकारों और फिल्म जगत में उत्साह बना हुआ है। जन्म शताब्दी के अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी की श्रद्धांजलि ने भी उनके योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। उत्तम कुमार का निधन 24 जुलाई 1980 को 53 वर्ष की उम्र में हुआ था। हालांकि उनका जीवन अपेक्षाकृत छोटा रहा, लेकिन तीन दशक से अधिक लंबे उनके फिल्मी सफर ने उन्हें भारतीय सिनेमा के सबसे यादगार कलाकारों में स्थायी स्थान दिलाया।


उत्तम कुमार की जन्म शताब्दी इसलिए भी खास है क्योंकि यह सिर्फ एक अभिनेता की 100वीं जयंती नहीं, बल्कि बंगाली सिनेमा के उस स्वर्णिम दौर की याद है, जिसमें उन्होंने अपनी अदाकारी से ‘महानायक’ की ऐसी पहचान बनाई जो आज भी दर्शकों के बीच कायम है।